Source :- LIVE HINDUSTAN
खामेनेई ने कहा कि इस समय, आप हमारे देशवासियों के बीच बनी विशेष एकता के कारण और धार्मिक, बौद्धिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि में सभी मतभेदों के बावजूद दुश्मन को हार का सामना करना पड़ा है।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए युद्ध के तीन सप्ताह बाद एक और लिखित बयान जारी करके ईरानी लोगों की दृढ़ता की सराहना की। खामेनेई ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिका और इजरायल ने इस भ्रम में आकर ये हमले किए कि शीर्ष नेताओं को मारकर वे सरकार को गिरा सकते हैं। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा है कि इस युद्ध में हमारे दुश्मनों की हार हो रही है।
फारसी नववर्ष नवरोज के अवसर पर जारी किया गया उनका यह पत्र ईरानी टेलीविजन पर पढ़ा गया। खामेनेई ने ईरानी जनता की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने “देशभर में शहरों, मोहल्लों और मस्जिदों में मजबूत रक्षा व्यवस्था खड़ी की, जिससे दुश्मन भ्रमित हो गया और असंगत व तर्कहीन बयान देने लगा।”
खामेनेई अपने पिता अयातुल्ला खामेनेई की मौत के पश्चात सत्ता संभालने के बाद से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। उनके पिता की युद्ध के पहले दिन हमलों में मौत हो गई थी। इजरायल और अमेरिका के अधिकारियों ने दावा किया है कि अयातुल्ला पर हुए हमलों में मुजतबा भी घायल हुए थे।
अपने लिखित संदेश में यह भी कहा कि इस्लामिक गणराज्य (ईरान) के दुश्मन, अमेरिका और इजरायल के खिलाफ चल रहे युद्ध में हार का सामना कर रहे हैं। खामेनेई ने कहा, “इस समय, आप हमारे देशवासियों के बीच बनी विशेष एकता के कारण – धार्मिक, बौद्धिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि में सभी मतभेदों के बावजूद – दुश्मन को हार का सामना करना पड़ा है।”
ईरान ने विश्व के पर्यटन स्थलों पर हमले की धमकी दी
इस बीच, ईरान ने विश्व भर में मनोरंजन और पर्यटन स्थलों को निशाना बनाने की धमकी दी और इस बात पर जोर दिया कि वह अब भी मिसाइलें बना रहा है। वहीं, इसके सर्वोच्च नेता ने एक और चेतावनी भरा बयान जारी किया। इस बीच, अमेरिका पश्चिम एशिया में तीन अतिरिक्त युद्धपोत और लगभग 2,500 अतिरिक्त मरीन सैनिकों की तैनाती करने जा रहा है। शुक्रवार को मनोरंजन और पर्यटन स्थलों पर हमलों की ईरान की धमकी अमेरिका और इज़राइल के साथ जारी उसके संघर्ष के लगभग तीन सप्ताह बाद आई है, जिसमें तेहरान के कई शीर्ष नेता मारे गए हैं और उसके हथियार एवं ऊर्जा उद्योगों को भारी नुकसान पहुंचा है। ईरान ने इजराइल और पड़ोसी खाड़ी अरब देशों में स्थित ऊर्जा संयंत्रों पर हमले किए, वहीं इजराइल ने तेहरान को निशाना बनाया। ये हमले ऐसे समय हुए जब लोग रमजान महीने के पूरा होने पर ईद मनाने की तैयारियों में लगे थे, तथा ईरान में नवरोज का त्योहार मनाया जा रहा था।
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