Source :- LIVE HINDUSTAN
किडनी की खराबी के शुरुआती लक्षण हमारे चेहरे पर नहीं, बल्कि हमारे हाथों और पैरों पर उभरते हैं। सूजन से लेकर त्वचा के रूखेपन तक, ये संकेत एक ‘अर्ली वार्निंग सिस्टम’ की तरह काम करते हैं जो हमें वक्त रहते सचेत करते हैं। आइए जानते हैं किडनी खराब होने पर शरीर में क्या लक्षण नजर आने लगते हैं।
मानव शरीर में किडनी एक खामोश पहरेदार की तरह दिन-रात काम करते हुए शरीर के सारे टॉक्सिन्स बाहर निकालने का काम करती है। लेकिन अक्सर हम इसकी सेहत को तब तक नजरअंदाज करते हैं जब तक कि मामला गंभीर न हो जाए। डॉ. कुणाल राज गांधी के अनुसार, किडनी की कार्यक्षमता घटने पर हमारा शरीर हमें कुछ सूक्ष्म लेकिन स्पष्ट संकेत देने लगता है, जिन्हें अक्सर हम थकान या सामान्य त्वचा रोग समझकर टाल देते हैं। दिलचस्प बात यह है कि किडनी की खराबी के सबसे शुरुआती और महत्वपूर्ण लक्षण हमारे चेहरे पर नहीं, बल्कि हमारे हाथों और पैरों पर उभरते हैं। सूजन से लेकर त्वचा के रूखेपन तक, ये संकेत एक ‘अर्ली वार्निंग सिस्टम’ की तरह काम करते हैं जो हमें वक्त रहते सचेत करते हैं। आइए जानते हैं किडनी खराब होने पर शरीर में क्या लक्षण नजर आने लगते हैं।
हाथ-पैरों में सूजन (Edema)
किडनी का सबसे पहला काम शरीर से अतिरिक्त तरल और नमक बाहर निकालना होता है। जब यह फिल्टर रुकने लगता है, तो पानी शरीर के निचले हिस्सों में जमा होने लगता है। जिससे टखनों, उंगलियों और पैरों में सूजन महसूस होने लगती है। इन जगहों पर सूजन इतनी स्पष्ट हो सकती है कि बिना किसी खास वजह के अंगूठी या जूते कसने लगते हैं।
त्वचा में रूखापन और खुजली
किडनी केवल खून साफ नहीं करती, बल्कि शरीर में पोषक तत्वों और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन भी बनाती है। बिना किसी चर्म रोग के त्वचा का खुरदरा होना और असहनीय खुजली महसूस होना, इस बात का संकेत हो सकता है कि शरीर में टॉक्सिन और नमक जमा हो रहा है। जिसकी वजह से त्वचा में खुजली और रूखापन महसूस हो सकता है। यह केवल त्वचा की समस्या नहीं, बल्कि किडनी के काम न करने की वजह से शरीर में पोषक तत्वों और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बिगड़ने का संकेत है।
मांसपेशियों में ऐंठन या क्रैम्प्स
किडनी शरीर में खून से इलेक्ट्रोलाइट्स और पोटैशियम, कैल्शियम और सोडियम जैसे मिनरल्स को संतुलित रखती है ताकि मांसपेशियां ठीक से काम कर सकें। जब किडनी कम काम करती है, तो इन मिनरल्स का संतुलन बिगड़ सकता है और पैर या हाथों की मांसपेशियों में ऐंठन महसूस हो सकती है।
त्वचा के रंग में बदलाव
शरीर में ब्लड सर्कुलेशन और ऑक्सीजन की कमी के कारण त्वचा की रंगत बदल सकती है। चेहरा फीका नजर आने लगता है, खासकर पैरों या उंगलियों के आसपास की जगह। यह किडनी की खराबी की वजह से रक्त-प्रवाह और ऑक्सीजन सप्लाई में बदलावों का संकेत हो सकता है, जिससे त्वचा पर हल्का स्याहापन या रंग बदलना नजर आता है।
बता दें, किडनी खराबी के संकेत सिर्फ हाथों या पैरों तक ही सीमित नहीं होते, बल्कि किडनी खराब होने की शुरुआत सबसे पहले सूजन, खुजली, क्रैम्प्स या त्वचा में असामान्य बदलाव के रूप में इन क्षेत्रों पर दिखाई दे सकते हैं। अगर आप इन लक्षणों को बार-बार महसूस करते हैं, तो डॉक्टर से जांच जरूर करवाएं।
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