Source :- LIVE HINDUSTAN
एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ युद्ध में सहयोगी ढूंढ रहे हैं। दूसरी तरफ उन्हें सहयोगी देशों से झटके लग रहे हैं। ताजा मामला जर्मनी का है। नाटो देश जर्मनी ने ईरान युद्ध से किनारा कर लिया है।
एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ युद्ध में सहयोगी ढूंढ रहे हैं। दूसरी तरफ उन्हें सहयोगी देशों से झटके लग रहे हैं। ताजा मामला जर्मनी का है। नाटो देश जर्मनी ने ईरान युद्ध से किनारा कर लिया है। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने सोमवार को इस बारे में बयान जारी किया। जर्मन चांसलर ने यहां तक कह डाला कि क्या अमेरिका और इजरायल ने हमसे पूछकर ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया।
कोई सवाल ही नहीं पैदा होता
जर्मन चांसलर मर्ज ने बर्लिन में एक प्रेस कांफ्रेंस में कहाकि हमें संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ या नाटो से वह मैंडेट नहीं मिला है, जो मूल कानून के तहत आवश्यक है। इसलिए शुरू से ही यह स्पष्ट था कि यह युद्ध नाटो का मामला नहीं है। उन्होंने आगे कहाकि अमेरिका और इजरायल ने इस युद्ध से पहले भी हमारी सलाह नहीं ली थी। जहां तक ईरान का सवाल है, इस मामले में कभी कोई संयुक्त निर्णय नहीं हुआ। इसलिए कोई सवाल ही नहीं उठता कि जर्मनी किसी तरह से सैन्य रूप से इस युद्ध में शामिल होगा।
युद्ध समाधान नहीं
मर्ज ने यहां तक कहाकि इस समस्या का समाधान युद्ध नहीं, बल्कि बातचीत से हो सकता है। उन्होंने कहाकि बम गिराकर सत्ता परिवर्तन का लक्ष्य नहीं हासिल किया जा सकता है।
युद्ध खत्म करने के लिए ठोस योजना की मांग
इससे पहले भी जर्मन चांसलर ईरान के खिलाफ युद्ध खत्म करने के लिए ठोस योजना की बात कर चुके हैं। जर्मन नेता ने शुक्रवार को नॉर्वे में आयोजित सैन्य अभ्यास में नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की मौजूदगी में यह बात कही। मर्ज ने कहाकि दुनिया एक खतरनाक युद्ध की गवाह बन रही है और ईरान पूरे क्षेत्र के देशों पर अंधाधुंध हमले कर रहा है।
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