Home  लाइफस्टाइल समाचार स्प्राउट्स खाकर बिगाड़ ना लें अपनी तबियत, न्यूट्रिशनिस्ट से सुझाया खाते वक्त...

स्प्राउट्स खाकर बिगाड़ ना लें अपनी तबियत, न्यूट्रिशनिस्ट से सुझाया खाते वक्त किन बातों का ध्यान रखना है जरूरी

11
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

Sprouts! Good Or Bad For Health: ब्रेकफास्ट में हेल्दी समझकर स्प्राउट्स को खाते हैं और सोचते हैं कि प्रोटीन का इनटेक पूरा हो रहा तो समझें, स्प्राउट्स को किस तरह खाना है सही और क्या इससे सेहत को होता है नुकसान?

ब्रेकफास्ट में काफी सारे लोग स्प्राउट्स खाना प्रिफर करते हैं। खासतौर पर वेजिटेरियन लोग प्रोटीन इनटेक को पूरा करने के लिए हेल्दी ब्रेकफास्ट में स्प्राउट्स खाना पसंद करते हैं। लेकिन केवल स्प्राउट्स आपके प्रोटीन इनटेक को पूरा नहीं कर सकता। साथ ही ये स्प्राउट्स आपको बीमार भी बना सकता है। ये हम नहीं बल्कि न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन बता रहीं। इंस्टाग्राम पर शेयर वीडियो में न्यूट्रिशनिस्ट लीमा महाजन ने बताया कि आखिर क्यों रोजाना स्प्राउट्स खाने वालों को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए। नहीं तो सेहत को नुकसान होना तय है। स्प्राउट्स को स्टोर करने से लेकर खाने का सही तरीका और साथ ही क्या स्प्राउट्स से शरीर को पूरा प्रोटीन मिलता है।

स्प्राउट्स को कच्चा खाना अवॉएड करें

स्प्राउट्स को उगने के लिए गर्म, मॉइश्चर वाली कंडीशन की जरूरत होती है और यहीं सेम कंडीशन ई कोलाई और सालमोनेला जैसे बैक्टीरिया को पनपने के लिए चाहिए होता है। अगर स्प्राउट्स में संक्रमण लग गया तो ये तेजी से फैलेंगे और कच्चा खाने पर पेट को नुकसान होगा। केवल स्प्राउट्स को धोने से ये बैक्टीरिया नहीं मरते।

स्प्राउट्स खाने का सही तरीका

कच्चे स्प्राउट्स को खाने से पेट में बैक्टीरिया का संक्रमण हो सकता है। पेट में इंफेक्शन से बचने के लिए स्प्राउट्स को खाने का सेफ तरीका जान लें। न्यूट्रिशनिस्ट बताती हैं कि खाने से पहले इसे हल्का सा स्टीम करना या फिर पकाना जरूरी है। जिससे इसमे मौजूद बैक्टीरिया पूरी तरह से खत्म हो जाएं।

स्प्राउट्स को हाई प्रोटीन फूड समझने की गलती ना करें

100 ग्राम स्प्राउट्स में मात्र 3-4 ग्राम ही प्रोटीन होता है। इसलिए स्प्राउट को प्रोटीन के मेन सोर्स के रूप में खाने की बजाय दूसरे फूड्स जैसे सफेद चना, पनीर, अंडे, टोफू, दाल से प्रोटीन का इनटेक पूरा करें।

आपके गट हेल्थ को ट्रिगर कर सकता है

कच्चे स्प्राउट्स में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है और साथ ही कंसन्ट्रेटेड कार्ब्स होते हैं। जो कि ब्लोटिंग, गैस और स्टमक डिसकम्फर्ट बढ़ाते हैं। खासतौर पर जिन लोगों को इरिटेबल बाउल सिंड्रोम और सेंसेटिव डाइजेशन की दिक्कत होती है।

स्प्राउट्स को स्टोर करने का तरीका

स्प्राउट्स को फ्रिज में रखने से इसके बैक्टीरिया खत्म तो नहीं होते लेकिन इनकी ग्रोथ कम हो जाती है। स्प्राउट्स को 24 से 48 घंटे के अंदर खा लेना चाहिए।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN