Source :- LIVE HINDUSTAN
अमेरिका और ईरान के तनाव के बीच खामेनेई की हत्या की साजिश रची जाने की खबरें भी सामने आई थीं। अब ईरानी सुप्रीम लीडर ने अपनी हत्या के बाद के लिए प्रशासन में उत्तराधिकारी की भूमिका को बांट दिया है। लारजिनी को कई मामलों का प्रमुख बनाया गया है। इसके अलावा एक आपातकालीन टीम भी तैयार की गई है।
अमेरिका और ईरान का तनाव लंबा खिंचता जा रहा है। इसी बीच खबरें आई थीं कि अमेरिका ने ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की हत्या के लिए भी एक प्लान पर काम किया था। अब इन परिस्थितियों को देखते हुए ईरान के सुप्रीम लीडर ने कथित तौर पर अपने वरिष्ठ सहयोगियों को निर्देश दे दिए हैं कि अगर अमेरिका या इजरायल द्वारा किए गए हमले में उनकी मौत हो जाती है, तो कैसे प्रतिक्रिया दी जाए। इसके लिए उन्होंने एक नई उत्तराधिकारी योजना और इमरजेंसी सिस्टम तैयार किया है।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अपने इंटरव्यू में बताया कि खामनेई ने अपने पुराने वफादार अली लारिजानी को प्राशसनिक भूमिका में आगे बढ़ाया है। हालांकि, लारजिनी को सर्वोच्च लीडर की के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है, क्योंकि वह शिया धर्मगुरू नहीं है। लारिजानी पूर्व रिवोल्यूशनरी गार्ड कमांडर और अनुभवी राजनेता रहे हैं। इस कदम के बाद वे राज्य के प्रमुख मामलों की कमान संभालते नजर आ रहे हैं।
बड़े फैसलों का हिस्सा रहे लारजिनी
रिपोर्ट के मुताबिक, वह लारजिनी ही थे, जिन्होंने सरकार द्वारा हिंसात्मक प्रदर्शनों को दबाने की निगरानी की। उन्होंने ही वाशिंगटन के साथ परमाणु कूटनीति को संभाला था। इसके अलावा वह कतर और ओमान जैसे क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ भी बेहतर संबंध कायम करने के लिए जाने जाते हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि लारजिनी ही इस वक्त अमेरिकी सैन्य कार्रवाईयों की धमकी के बीच ईरान की युद्धकालीन तैयारियों को संभाल रहे हैं।
आपातकालीन निर्णय के लिए टीम बनाई
लारजिनी के अलावा भी खामनेई ने कई अन्य प्रमुख स्थानों पर नए उत्तराधिकारी तय किए हैं। इसके अलावा उनकी हत्या की स्थिति में निर्णय लेने के लिए अपने विश्वस्त सहयोगियों का एक आंतरिक समूह भी बनाया है, जिससे आपातकालीन स्थिति में किसी तरह काई तनाव या असहजता की स्थिति न बने।
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका के बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अपनी सभी सेनाओं को हाई अलर्ट पर रखा है। इराक के पास वाले इलाकों, समुद्री इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम को तैनात कर दिया गया है। इसके अलावा अमेरिकी और इजरालयी हमले की आशंका को देखते हुए ईरानी सेना द्वारा लगातार अभ्यास किया जा रहा है। इसके अलावा दोनों पक्षों द्वारा लगातार बातचीत भी जारी है, लेकिन अमेरिका खामेनेई को सत्ता से हटाने और परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर अड़ा हुआ है, जिस पर ईरान किसी भी कीमत में तैयार नहीं है।
आपको बता दें, अमेरिका और ईरान द्वारा लगातार एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी की जा रही है। ट्रंप ने ईरान को दस दिनों का समय देते हुए डील पर मान जाने या फिर हमले के लिए तैयार रहने की हिदायत दी है, तो वहीं खामेनेई ने भी सार्वजनिक रूप से सख्त रुख अपनाते हुए अमेरिका को धमकी दी है कि अगर ईरान पर किसी भी तरह का हमला किया जाता है तो इसका कड़ा और शक्तिशाली जवाब दिया जाएगा।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN



