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सावधान! मच्छर मारने की अगरबत्ती कही बन तो नहीं रही कैंसर की जड़, जानें क्या कहती है रिसर्च

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मच्छरों को भगाने के लिए हम कई तरह के उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं। इससे मच्छर तो भाग जाते हैं लेकिन ये सेहत के लिए किसी खतरे से कम नहीं है। रिसर्च के मुताबिक, ये कैंसर जैसी बीमारी के तत्व बनाता है।

मच्छर के काटते ही हम घर पर कॉइल, अगरबत्ती या फिर ऑलआउट लगा देते हैं, जिससे कुछ देर में मच्छर घर छोड़कर भाग जाते हैं। आकार में भले ही ये छोटे होते हैं लेकिन इनसे होने वाली बीमारियां गंभीर होती हैं, जैसे डेंगू. मलेरिया, चिकनगुनिया। इन बीमारियों से हर साल हजारों लोग जान गंवा देते हैं। वैसे तो मच्छरों को भगाने के लिए अब कई तरीके आ चुके हैं, जैसे फास्ट कार्ड, मॉर्टीन, अगरबत्ती, ऑलआउट। ये उपकरण मच्छरों को फौरन भगा देते हैं लेकिन क्या इनका धुआं सेहत के लिए फायदेमंद है। रिसर्च में पाया गया है, मॉर्टिन कॉइल-अगरबत्ती से निकलने वाला धुआं शरीर में कैंसर पैदा करने वाले तत्व बना रहा है। चलिए आपको इससे होने वाले नुकसान के बारे में बताते हैं।

रिसर्च में क्या पाया गया

ताइवान और चाइना में हुई एक रिसर्च के मुताबिक, अगरबत्ती-मॉर्टिन से निकलने वाला धुआं शरीर में कैंसर पैदा करने वाले तत्व बना रही है, जिसे carcinogens कहा जाता है। जेएसएस अस्पताल के डॉक्टर साल्वी का कहना है कि अगर आप 1 मॉर्टिन जलाते हो, तो उसका धुआं 100 सिगरेट पीने जैसा है। ये धुआं आपके फेफड़ों में सीधे प्रवेश करता है और सांस लेने में दिक्कत पैदा करता है।

खराब केमिकल से भरपूर

इसके अलावा मच्छर मारने वाली अगरबत्ती भी लेड, आयरन, मैंगनीज से भरी होती है, जिसका धुआं लंग्स के लिए काफी खतरनाक है। सिर्फ यही नहीं बंद कमरे में इसका धुआं जब भर जाता है, तो ये सांसों के जरिए शरीर में घुसता है और लंग कैंसर का कारण बनता है। इसके अलावा सांस संबंधी समस्याएं भी लोगों को झेलनी पड़ती है।

सेहत पर असर

अस्थमा- अगरबत्ती या फिर मॉस्किटो कॉइल के संपर्क में ज्यादा समय तक रहने से अस्थमा की समस्या हो जाती है। ये धुआं धीरे-धीरे फेफड़ों में जम जाता है और फिर सांस लेने में दिक्कत और खांसी की समस्या बन जाती है।

त्वचा का कालापन- कॉइल या अगरबत्ती के लगातार संपर्क में रहने से त्वचा का रंग भी बदलकर काला पड़ने लगता है। इसमें मौजूद केमिकल त्वचा की इस हालत के जिम्मेदार होते हैं।

बच्चों के लिए- बच्चे भी इस धुएं को सीधे तौर पर सूंघते हैं, जिससे उनके फेफड़े भी कमजोर हो सकते हैं। बच्चों को कम उम्र में ही सांस से जुड़ी समस्या हो सकती है।

एलर्जी- लगातार धुएं के संपर्क में रहने से एलर्जी भी हो जाती है। ऐसे में फिर आप कभी भी धुआं बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे और आपको फौरन जुकाम या खांसी की शिकायत हो जाएगी।

कैसे करें मच्छरों से बचाव

नीम की पत्तियों को सुलगाकर रखें, इसकी महक से मच्छर दूर भागते हैं। इसके अलावा कुछ पौधे हैं, जैसे गेंदा, तुलसी से भी मच्छर आसानी से भाग जाते हैं। इंडोर प्लांट्स मच्छरों को दूर करेंगे और हवा भी साफ करेंगे।

नोट- यह खबर सामान्य जानकारियों पर आधारित है। किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ से उचित सलाह लें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN