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सहारा में फंसे निवेशकों को राहत, अभी कर सकेंगे ₹10 लाख का क्लेम, सरकार ने दी जानकारी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

केंद्र सरकार ने सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल के जरिए रिफंड प्रक्रिया को पहले से ज्यादा आसान और पारदर्शी बना दिया है। खास बात यह है कि जिन लोगों के पहले आवेदन में कमी या पेमेंट फेल हो गया था, वे अब दोबारा आवेदन कर सकते हैं।

Sahara Refund Portal: सहारा ग्रुप की को-ऑपरेटिव सोसायटियों में फंसे पैसे का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए अब राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल के जरिए रिफंड प्रक्रिया को पहले से ज्यादा आसान और पारदर्शी बना दिया है। खास बात यह है कि जिन लोगों के पहले आवेदन में कमी या पेमेंट फेल हो गया था, वे अब दोबारा आवेदन कर सकते हैं।

सरकार ने क्या कहा

सरकार के सहकारिता मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि अब निवेशक आसानी से अपना पैसा क्लेम कर सकते हैं। यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में तय किए गए फ्रेमवर्क के तहत चल रही है, ताकि सही निवेशकों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से उनका पैसा वापस मिल सके।

इस पोर्टल पर नए यूजर भी रजिस्ट्रेशन करके क्लेम डाल सकते हैं, जबकि पुराने निवेशक जिनकी एप्लीकेशन में दिक्कत आई थी, वे दोबारा जानकारी सबमिट कर सकते हैं। खास बात यह है कि ₹10 लाख तक के क्लेम के लिए री-सबमिशन की सुविधा शुरू कर दी गई है और ऐसे मामलों को 45 कार्य दिवस के अंदर प्रोसेस करने का लक्ष्य रखा गया है।

CRCS सहारा री-सबमिशन पोर्टल खास तौर पर चार सहारा को-ऑपरेटिव सोसायटियों के निवेशकों के लिए बनाया गया है। यह पूरी प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के आदेश (29 मार्च 2023) के तहत तय SOP के अनुसार चल रही है, जिसमें रिटायर्ड जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी की मंजूरी और एमिकस क्यूरी के रूप में गौरव अग्रवाल की देखरेख शामिल है।

पोर्टल पूरी तरह सुरक्षित बताया गया है

सुरक्षा के लिहाज से भी यह पोर्टल पूरी तरह सुरक्षित बताया गया है, क्योंकि इसमें SSL सर्टिफिकेट का इस्तेमाल किया गया है। हालांकि, कुछ जरूरी शर्तें भी रखी गई हैं—जैसे ₹50,000 या उससे ज्यादा के क्लेम के लिए PAN कार्ड देना अनिवार्य है। इसके अलावा आधार से लिंक मोबाइल नंबर और आधार-सीडेड बैंक अकाउंट होना भी जरूरी है, तभी क्लेम दर्ज किया जा सकेगा।

री-सबमिशन की प्रक्रिया भी आसान

री-सबमिशन की प्रक्रिया भी आसान रखी गई है। निवेशक को अपना 14 अंकों का क्लेम रिक्वेस्ट नंबर (CRN) डालना होगा, जिसके बाद आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर OTP आएगा। वेरिफिकेशन पूरा होते ही आवेदन आगे प्रोसेस हो जाएगा। कुल मिलाकर, सरकार का मकसद यही है कि सहारा निवेशकों को जल्द से जल्द उनका पैसा वापस मिल सके और पूरी प्रक्रिया सरल व भरोसेमंद बनी रहे।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN