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अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय के वर्ल्ड कप टास्क फ़ोर्स के प्रमुख एंड्रयू गिउलियानी ने बीबीसी न्यूज़ से बातचीत की है.
उन्होंने कहा है कि अगर ईरान की राष्ट्रीय फ़ुटबॉल टीम वर्ल्ड कप मुक़ाबले के लिए अमेरिका आती है, तो उसका स्वागत किया जाएगा और वह सुरक्षित भी रहेगी.
उन्होंने टेक्सस में कंज़र्वेटिव पॉलिटिकल एक्शन कॉन्फ्रेंस के सालाना कार्यक्रम के दौरान बीबीसी से बातचीत में यह बयान दिया है.
गिउलियानी ने कहा, “फ़िलहाल हम उम्मीद कर रहे हैं कि ईरानी टीम आएगी. मुझे लगता है कि यह अमेरिका में रहने वाले ईरानी समुदाय के लिए अपने देश का जश्न मनाने का एक शानदार मौक़ा है.”
ईरान के वर्ल्ड कप फ़ुटबॉल के ग्रुप स्टेज के मैच लॉस एंजेलिस और सिएटल में होने हैं.
हालांकि ईरान के खेल मंत्रालय ने अपनी राष्ट्रीय टीमों और खिलाड़ियों पर “दुश्मन देशों” में होने वाले कार्यक्रमों में हिस्सा लेने पर रोक लगा दी है.
दो हफ़्ते पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया था कि उन्हें नहीं लगता कि ईरानी टीम का अमेरिका आना सही है. ट्रंप ने कहा था कि ईरानी टीम की “जान और सुरक्षा” की चिंता है.
उनके इस बयान ने काफ़ी हंगामा खड़ा कर दिया था.
ट्रंप के बयान के एक हफ़्ते बाद ईरानी अधिकारियों ने अपने मैच मेक्सिको में करवाने का अनुरोध किया था, लेकिन इसे फ़ुटबॉल की गवर्निंग बॉडी फीफा ने ठुकरा दिया.
गिउलियानी ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी पोस्ट तब लिखी थी जब ईरानी महिला राष्ट्रीय फ़ुटबॉल टीम की सदस्य ऑस्ट्रेलिया में शरण लेने पर विचार कर रहीं थीं.
गिउलियानी के मुताबिक़ ये खिलाड़ी आरोप लगा रही थीं कि ईरान में उनके परिवारों को सरकार धमका रही है, लेकिन अब ट्रंप ईरानी टीम का स्वागत करते हैं.
हालाँकि, वह चेतावनी देते हैं कि अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ़ होमलैंड सिक्योरिटी के चल रहे शटडाउन से इस वर्ल्ड कप की योजना में रुकावट आने का ख़तरा है, जो क़रीब 75 दिनों में शुरू होने वाला है.
उन्होंने कहा, “हम हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं कि यह सुरक्षित और महफ़ूज़ हो, लेकिन हमें डिपार्टमेंट ऑफ़ होमलैंड सिक्योरिटी को खोलना होगा ताकि हम इस बात की संभावना को ज़्यादा से ज़्यादा बढ़ा सकें कि यह न सिर्फ़ एक सुरक्षित और महफ़ूज़ वर्ल्ड कप हो, बल्कि सचमुच एक ज़बरदस्त कामयाबी हो.”
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