Home व्यापार समाचार शेयर बायबैक पर सेबी की बड़ी तैयारी, स्टॉक एक्सचेंज और ट्रेडर्स पर...

शेयर बायबैक पर सेबी की बड़ी तैयारी, स्टॉक एक्सचेंज और ट्रेडर्स पर पड़ेगा असर

8
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा है कि बायबैक का यह तरीका दोबारा शुरू करने से कंपनियों को एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। इसके साथ ही पब्लिक शेयरहोल्डर्स के लिए समान अवसर और टैक्सेशन का और तरीका भी सुनिश्चित होगा।

बाजार नियामक सेबी ने शेयर बायबैक को लेकर बड़ी तैयारी कर ली है। दरअसल, सेबी ने कंपनियों को शेयर बायबैक के लिए स्टॉक एक्सचेंज के जरिये ओपन मार्केट से खरीद की अनुमति फिर से देने का प्रस्ताव रखा है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा है कि बायबैक का यह तरीका दोबारा शुरू करने से कंपनियों को एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। इसके साथ ही पब्लिक शेयरहोल्डर्स के लिए समान अवसर और टैक्सेशन का और तरीका भी सुनिश्चित होगा। इस प्रस्ताव के तहत स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से बायबैक के लिए अलग ‘विंडो’ उपलब्ध कराई जा सकती है। सेबी ने इस पर 23 अप्रैल तक सार्वजनिक टिप्पणियां आमंत्रित की हैं।

एक साल से है बंद

बता दें कि स्टॉक एक्सचेंज के जरिये शेयरों की बायबैक को एक अप्रैल, 2025 से बंद कर दिया गया था। ऐसी आशंका थी कि प्राइस-टाइम प्रायोरिटी के कारण कुछ निवेशक बायबैक का बड़ा हिस्सा हासिल कर लेते हैं जबकि अन्य इच्छुक निवेशक इससे वंचित रह जाते हैं। इसके अलावा, पुराने टैक्स स्ट्रक्चर में शेयरधारकों के बीच टैक्स संबंधी असमानता भी थी। हालांकि, सेबी ने कहा कि वित्त अधिनियम 2026 के तहत टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव के बाद ये चिंताएं काफी हद तक दूर हो गई हैं।

अब एक अप्रैल, 2026 से बायबैक की राशि पर टैक्स, कंपनियों के बजाय शेयरधारकों के हाथ में कैपिटल गेन पर लगाया जाएगा। बाजार नियामक ने कहा कि ऐसा होने से बायबैक में भाग लेने वाले और बाहर रह जाने वाले निवेशकों के बीच फर्क यानी टैक्स असमानता अब समाप्त हो जाएगी। सेबी ने यह भी कहा कि वैश्विक बाजारों में ओपन मार्केट के जरिये बायबैक का तरीका व्यापक रूप से इस्तेमाल होता है और इससे बेहतर मूल्य की तलाश, लिक्विडिटी और पूंजी आवंटन की स्किल बेहतर होती है।

बिकवाली रोकने में मिलेगी मदद

फिक्की और भारतीय निवेश बैंकर संघ (AIBI) जैसे उद्योग संगठनों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। उनका कहना है कि इससे बाजार में बिकवाली का दबाव कम करने और निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में मदद मिलेगी।

मर्चेंट बैंकर निकाय AIBI ने कहा कि इस तरीके को फिर से शुरू करने से कंपनियां बिक्री के दबाव को धीरे-धीरे झेल पाएंगी, घबराहट के कारण होने वाली गिरावट को रोक पाएंगी और निवेशकों का भरोसा बढ़ा पाएंगी। यह कंपनियों को अपने अतिरिक्त कैश का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने में भी मदद करता है और साथ ही शेयरों की संख्या कम करके प्रति शेयर कमाई (EPS) को बढ़ाने की भी संभावना पैदा करता है।

इंफोसिस के पूर्व CFO, टीवी मोहनदास पई ने बाजार में आई गिरावट के बीच इस मुद्दे को उठाया है। पई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा- हमारे शेयर बाजार FPIs द्वारा लगातार की जा रही बिकवाली और भू-राजनीतिक तनाव के कारण संकट का सामना कर रहे हैं। सबसे ज्यादा नुकसान छोटे SIP निवेशकों को हो रहा है। उन्होंने नियामकों से आग्रह किया कि वे उन कंपनियों को शेयरों की बायबैक करने की अनुमति दें जिनके पास पर्याप्त कैश मौजूद है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN