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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी
आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान पहली बार प्रयागराज में
माघ मेले के दौरान उत्तराखंड के ज्योतिर्मठ के प्रमुख स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रशासन के बीच हुए विवाद पर प्रतिक्रिया दी.
अपने भाषण में योगी आदित्यनाथ ने
शंकराचार्य पद की गरिमा और योग्यता पर बयान दिया. साथ ही उन्होंने राज्य में
क़ानून के शासन पर ज़ोर दिया और समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा.
उनके बयानों पर समाजवादी पार्टी और
यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सवाल उठाए हैं.
योगी आदित्यनाथ ने कहा,
“समाजवादी पार्टी बार-बार एक झूठ को
दोहराने का प्रयास करती है. जो मुद्दा नहीं था उसको जानबूझकर मुद्दा बनाया गया.
मैं कहता हूं कि क्या हर व्यक्ति ख़ुद ही मुख्यमंत्री बनकर प्रदेश के अंदर घूम
जाएगा? क्या कोई भी मंत्री का बोर्ड लगाकर
घूम जाएगा?”
“एक सिस्टम है, एक व्यवस्था है. भारत के सनातन धर्म की भी यही व्यवस्थाएं हैं.
शंकराचार्य का पद भारत के सनातन धर्म में सर्वोच्च और सम्मानित पद माना जाता है.
बहुत पवित्र माना जाता है.”
उन्होंने कहा, “माघ मेला में मौनी अमावस्या के दिन 4.5 करोड़
श्रद्धालु आए, सबके लिए एक व्यवस्था बनाई गई.
क़ानून तो सबके लिए बराबर होता है. कोई व्यक्ति किसी क़ानून से ऊपर नहीं हो
सकता.”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने
शंकराचार्य पद की योग्यता और पात्रता को लेकर भी बयान दिया.
उन्होंने कहा, “आदि गुरु शंकराचार्य ने अनिवार्य किया है कि जिस
पीठ के लिए जो योग्य पात्र होगा उसका मन, उसका
भाष्य, विद्वत परिषद द्वारा मान्य किया
जाएगा और उस परपंरा द्वारा उसको मान्य किया गया. हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं लिख
सकता. हर व्यक्ति हर पीठ के आचार्य के रूप में जाकर जहां-तहां वातावरण ख़राब नहीं
कर सकता. उन मर्यादाओं का पालन सबको करना होगा.”
योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दल
समाजवादी पार्टी (सपा) पर भी निशाना साधा.
उन्होंने कहा, “अगर वह शंकराचार्य थे तो आप लोगों (सपा) ने क्यों
लाठीचार्ज किया था वाराणसी में? क्यों
एफ़आईआर की थी? आप नैतिकता की बात करते हैं?”
सीएम ने कहा, “जहां पर 4.5 करोड़ श्रद्धालु आए हों, वहां पर श्रद्धालुओं के बाहर निकलने वाले मार्ग
से कोई अंदर जाने का प्रयास करता है तो एक नई भगदड़ को जन्म देता है. श्रद्धालुओं
के जीवन के साथ खिलवाड़ करता है. एक ज़िम्मेदार और मर्यादित व्यक्ति कभी इस तरह का
आचरण नहीं कर सकता.”
उन्होंने कहा, “आपको पूजना है, सपा के लोग पूजें. लेकिन हम लोग मर्यादित लोग हैं. क़ानून के शासन पर
विश्वास करते हैं. क़ानून का शासन पालन करना भी जानते हैं और करवाना भी जानते
हैं.”
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इन बयानों पर समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया भी आई है. पार्टी ने सोशल मीडिया पर एक स्क्रीनशॉट शेयर किया है.
यह स्क्रीनशॉट गोरखनाथ मंदिर के एक सोशल मीडिया पोस्ट का है, जिसमें अविमुक्तेश्वारनंद सरस्वती को शंकराचार्य कहा गया है.
समाजवादी पार्टी ने इस स्क्रीनशॉट को साझा करते हुए लिखा, “जवाब दें, स्पष्ट करें.”
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी अपनी पार्टी के इस सोशल मीडिया पोस्ट को रीपोस्ट किया है.
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