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रेलवे सेक्टर में बड़ा बदलाव: RVNL और Ircon का होगा मर्जर, सरकार कर रही तैयारी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मर्जर के बाद बनने वाली नई कंपनी का संयुक्त ऑर्डर बुक 1.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है। यह इसे देश के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर खिलाड़ियों में शामिल कर सकता है। फिलहाल RVNL का मार्केट कैप करीब ₹53,877 करोड़ और Ircon का ₹11,159 करोड़ है।

रेलवे सेक्टर में बड़ा कदम उठाते हुए सरकार दो प्रमुख पीएसयू रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) और इरकॉन इंटरनेशनल को मर्ज करने की तैयारी में है। इस फैसले का मकसद एक मजबूत और बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेयर तैयार करना है, जो देश और विदेश में बड़े प्रोजेक्ट्स संभाल सके। बता दें इस खबर के बाद मंगलवार को दोनों कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली। इरकॉन का शेयर करीब 2.9% चढ़कर ₹119 पर बंद हुआ, जबकि RVNL 3.3% बढ़कर ₹258 पर पहुंच गया। आज बुधवार को भी निवेशकों की नजर इन दोनों रेलवे स्टॉक्स पर रहेगी।

क्यों हो रहा है यह मर्जर?

टाइम्स ऑफ इंडिया ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि अभी दोनों कंपनियां कई प्रोजेक्ट्स में एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करती हैं। मर्जर के बाद यह कंपटिशन खत्म होगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। इससे मैनपावर, टेक्निकल क्षमता और फाइनेंशियल ताकत एक जगह आएगी, जिससे नई कंपनी बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए आसानी से बोली लगा सकेगी।

1.5 लाख करोड़ से ज्यादा का ऑर्डर बुक

मर्जर के बाद बनने वाली नई कंपनी का संयुक्त ऑर्डर बुक 1.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है। यह इसे देश के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर खिलाड़ियों में शामिल कर सकता है। फिलहाल RVNL का मार्केट कैप करीब ₹53,877 करोड़ और Ircon का ₹11,159 करोड़ है।

बड़ी कंपनियों को मिलेगी टक्कर

विशेषज्ञों का मानना है कि मर्जर के बाद नई इकाई बड़े निजी और सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खिलाड़ियों को कड़ी टक्कर दे सकेगी। साथ ही, यह बड़े और जटिल प्रोजेक्ट्स को संभालने में सक्षम होगी।

प्रक्रिया होगी लंबी, कई मंजूरियां जरूरी: हालांकि, यह मर्जर तुरंत नहीं होगा। इसके लिए कई विभागों और अंत में कैबिनेट की मंजूरी जरूरी होगी। रेलवे मंत्रालय आने वाले दिनों में इस मर्जर की विस्तृत योजना तैयार करेगा।

बजट के बाद दूसरा बड़ा PSU मर्जर: यह हाल ही में घोषित PFC और REC के मर्जर के बाद दूसरा बड़ा सरकारी विलय होगा। इससे साफ है कि सरकार बड़े और मजबूत सरकारी संस्थान बनाने की दिशा में काम कर रही है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत: अगर यह मर्जर सफल होता है, तो नई कंपनी का स्केल और क्षमता दोनों बढ़ेंगे, जिससे लंबे समय में शेयर वैल्यू में सुधार की संभावना बन सकती है।

(डिस्‍क्‍लेमर: एक्सपर्ट्स की सिफारिशें, सुझाव, विचार और राय उनके अपने हैं, लाइव हिन्दुस्तान के नहीं। यहां सिर्फ शेयर के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है, यह निवेश की सलाह नहीं है। शेयर मार्केट में निवेश जोखिमों के अधीन है और निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)

SOURCE : LIVE HINDUSTAN