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ये 7 लक्षण दिखें तो सावधान! जल्द ही शुगर, कोलेस्ट्रॉल, बीपी या फैटी लिवर के मरीज बन सकते हैं आप!

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Source :- LIVE HINDUSTAN

संक्षेप:

Health Tips: डॉ शालिनी कहती हैं कि अगर आपका मेटाबॉलिज्म स्लो है, तो बीपी, कोलेस्ट्रॉल, शुगर और फैटी लिवर जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। उन्होंने ऐसे 7 लक्षण बताए हैं, जो स्लो मेटाबॉलिज्म होने पर दिखाई पड़ते हैं।

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में बढ़ता वजन, थकान और कमजोरी बने रहना काफी आम हो गया है। अक्सर लोग इन्हें खानपान और लाइफस्टाइल से जुड़ी गलती मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन कई बार वजह शरीर का धीमा मेटाबॉलिज्म भी हो सकता है। मेटाबॉलिज्म वह प्रक्रिया है जिससे शरीर खाना पचाकर उसे ऊर्जा में बदलता है। जब यह प्रक्रिया धीमी हो जाती है, तो शरीर सही तरह से कैलोरी बर्न नहीं कर पाता और कई तरह के हेल्थ इश्यूज सामने आने लगते हैं। डॉ शालिनी कहती हैं कि अगर आपका मेटाबॉलिज्म स्लो है, तो आपकी बॉडी, हार्मोन और एनर्जी हमेशा ही लो रहेंगे। ऐसे में बीपी, कोलेस्ट्रॉल, शुगर और फैटी लिवर जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है। उन्होंने ऐसे 7 लक्षण बताए हैं, जो स्लो मेटाबॉलिज्म होने पर दिखाई पड़ते हैं। आइए जानते हैं-

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तेजी से वजन बढ़ना

अगर आप भी उन लोगों में से एक हैं जो थोड़ा सा भी खा लें तो वजन तेजी से बढ़ने लगता है, तो ये आपके स्लो मेटाबॉलिज्म की वजह से हो सकता है। दरअसल मेटाबॉलिज्म स्लो होने की वजह से बॉडी कैलोरी को सही तरीके से बर्न नहीं कर पाती है, जिस वजह से वजन काफी तेजी से बढ़ना शुरू हो जाता है।

कब्ज या धीमा पाचन

धीमे मेटाबॉलिज्म का असर पाचन पर भी पड़ता है। ऐसे में अक्सर कब्ज या पाचन से जुड़ी कोई ना कोई समस्या बनी ही रहती है। पाचन सही ना होने की वजह से खाने के बाद पेट भी काफी भरा-भरा सा रहता है।

हर समय ठंड लगना

डॉक्टर कहती हैं कि अगर आपको बाकी लोगों की तुलना में ज्यादा ठंडा लगना शुरू हो गई है, तो ये भी मेटाबॉलिज्म के स्लो होना का लक्षण हो सकता है। दरअसल मेटाबॉलिज्म शरीर का तापमान बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। जब यह धीमा पड़ जाता है तो शरीर पर्याप्त गर्मी पैदा नहीं कर पाता और आपको ज्यादा ठंड लगती है।

ड्राई स्किन और हेयरफॉल की समस्या

मेटाबॉलिज्म के स्लो डाउन होने का असर आपकी स्किन और हेयर हेल्थ पर भी नजर आता है। ऐसे में स्किन काफी ज्यादा ड्राई और बेजान दिखना शुरू हो जाती है। इसके अलावा बालों का झड़ना या कमजोर होना भी इसी का एक लक्षण है, क्योंकि शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं और शरीर का रिपेयर सिस्टम भी धीमा हो जाता है।

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हर समय नींद आना

रात में पर्याप्त नींद लेने के बाद भी अगर आपको हर समय नींद ही आती रहती है, तो हो सकता है आपका मेटाबॉलिज्म स्लो हो रहा हो। जब शरीर भोजन को सही तरीके से ऊर्जा में नहीं बदल पाता, तो शरीर में एनर्जी की कमी होने लगती है। इसकी वजह से बार-बार नींद आना, काम में मन ना लगना और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी महसूस होना जैसी दिक्कतें होने लगती हैं।

मीठा खाने की क्रेविंग बढ़ना

अगर आपको बार-बार कुछ मीठा खाने की क्रेविंग होती है, तो यह भी मेटाबॉलिज्म के धीमे होने का संकेत हो सकता है। जब शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिलती, तो वह हाई कैलोरी वाले फूड्स की डिमांड करने लगता है, जिससे मीठा और जंक खाने की क्रेविंग बढ़ने लगती है।

हमेशा थकान बने रहना

प्रॉपर नींद और आराम लेने के बाद भी अगर दिन भर आप थकान महसूस करते हैं, तो हो सकता है आपका मेटाबॉलिज्म स्लो हो रहा हो। जब शरीर को भोजन से पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिलती, तो बिना मेहनत किए भी थकावट महसूस होने लगती है। इसके कारण मूड स्विंग, चिड़चिड़ापन और ध्यान लगाने में परेशानी होना जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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