Source :- LIVE HINDUSTAN
संक्षेप:
Mutual Fund: सेबी का कहना है कि इस बदलाव से म्यूचुअल फंड में निवेश करना और भी आसान होगा। साथ ही निवेशकों का अपने पैसों पर नियंत्रण बढ़ेगा और पावर ऑफ अटॉर्नी जैसी जटिलताओं पर निर्भरता कम होगी। सेबी ने इस प्रस्ताव पर 26 फरवरी तक सुझाव मांगे हैं।
म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। सेबी ने एक ऐसा प्रस्ताव रखा है, जिससे डीमैट खाते में म्यूचुअल फंड यूनिट रखने वाले निवेशकों की परेशानी कम हो जाएगी। अब तक जो निवेशक म्यूचुअल फंड डीमैट खाते में रखते हैं, उन्हें हर बार सिस्टमैटिक विदड्रॉल प्लान या सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान के लिए अलग-अलग निर्देश देने पड़ते थे। यह काम समय लेने वाला और झंझट भरा होता था। सेबी के नए प्रस्ताव से यह दिक्कत खत्म हो सकती है।
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नए प्रस्ताव के अनुसार, अब डीमैट में रखे म्यूचुअल फंड यूनिट्स पर भी स्थाई निर्देश की सुविधा दी जाएगी यानी निवेशक एक बार निर्देश देंगे और फिर तय तारीख पर अपने आप पैसा निकलेगा या दूसरे फंड में ट्रांसफर हो जाएगा। यह सुविधा अभी तक सिर्फ स्टेटमेंट ऑफ अकाउंट मोड में निवेश करने वालों को ही मिलती थी।
किन लोगों को होगा ज्यादा फायदा
इस बदलाव से खासतौर पर रिटायर हो चुके लोगों, नियमित आमदनी के लिए सिस्टमैटिक विदड्रॉल प्लान पर निर्भर निवेशकों और लंबे समय के निवेशकों को फायदा होगा। अब उन्हें हर महीने या तय समय पर पैसे निकालने के लिए बार-बार फॉर्म भरने या अनुरोध करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
दो चरणों में लागू होगा सिस्टम
सेबी इस व्यवस्था को दो हिस्सों में लागू करेगा। पहले चरण में निवेशक डिपॉजिटरी या स्टॉक एक्सचेंज के जरिए यूनिट और तारीख के हिसाब से सिस्टमैटिक विदड्रॉल प्लान और सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान सेट कर सकेंगे। इस तरह के लेन-देन को स्टॉक एक्सचेंज प्लेटफॉर्म पर पूरा किया जाएगा। दूसरे चरण में और सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। इसमें रकम के हिसाब से निकासी, मुनाफे के आधार पर ट्रांसफर और स्विंग एसटीपी जैसे विकल्प शामिल होंगे। इस चरण में काम पंजीकृत ट्रांसफर एजेंट के जरिए होगा।
निवेश करना होगा और आसान
सेबी का कहना है कि इस बदलाव से म्यूचुअल फंड में निवेश करना और भी आसान होगा। साथ ही निवेशकों का अपने पैसों पर नियंत्रण बढ़ेगा और पावर ऑफ अटॉर्नी जैसी जटिलताओं पर निर्भरता कम होगी। सेबी ने इस प्रस्ताव पर 26 फरवरी तक सुझाव मांगे हैं। इसके बाद अंतिम फैसला लेकर इसे लागू करने की तारीख घोषित की जाएगी।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN



