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मोदी कैबिनेट ने लिए 4 बड़े फैसले, केंद्रीय कर्मचारियों के DA को भी मिली मंजूरी?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

आमतौर पर पहली छमाही के डीए पर होली के आसपास फैसला हो जाता है लेकिन इस बार इसमें देरी हो रही है। ऐसे में इन दिनों केंद्रीय कर्मचारियों को नरेंद्र मोदी सरकार की हर कैबिनेट बैठक से उम्मीदें रहती हैं। आइए जान लेते हैं कि सरकार ने इस बार क्या फैसले लिए हैं?

केंद्रीय कर्मचारियों को साल 2026 की पहली छमाही के महंगाई भत्ता यानी डीए का इंतजार है। आमतौर पर पहली छमाही के डीए पर होली के आसपास फैसला हो जाता है लेकिन इस बार इसमें देरी हो रही है। ऐसे में इन दिनों केंद्रीय कर्मचारियों को नरेंद्र मोदी सरकार की हर कैबिनेट बैठक से उम्मीदें रहती हैं। केंद्रीय कर्मचारी उत्सुकता से यह जानना चाहते हैं कि क्या कैबिनेट बैठक में भत्ते पर सरकार ने कोई फैसला लिया है या नहीं। आइए डिटेल जान लेते हैं।

बुधवार को बैठक में कई फैसले

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को एक बार फिर मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) की बैठक हुई। इस बैठक में सरकार ने कई अहम फैसले लिए। सरकार ने बुधवार को भारतीय कपास निगम को 2023-24 के कपास सत्र में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद व्यवस्था के तहत दिये गये मूल्य समर्थन को लेकर 1,718.56 करोड़ रुपये दिये जाने की मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने कपास सत्र 2023-24 (एक अक्टूबर, 2023 से 30 सितंबर, 2024) के दौरान कपास के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) संचालन के तहत दिए गए मूल्य समर्थन की प्रतिपूर्ति के लिए व्यय को मंजूरी दी।

भव्य योजना को हरी झंडी

इसके अलावा, सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को 33,660 करोड़ रुपये की ‘भारत औद्योगिक विकास योजना’ (भव्य) को मंजूरी दी, जिसके तहत देशभर में 100 ‘प्लग-एंड-प्ले’ औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। इस योजना के तहत करीब 15 लाख प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होने का अनुमान है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस फैसले की जानकारी दी।

भव्य योजना के तहत 100 एकड़ से लेकर 1,000 एकड़ तक के औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे, जिनके लिए प्रति एकड़ एक करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। वहीं,प्लग-एंड-प्ले पार्क विकसित ढांचे वाले औद्योगिक क्षेत्र होते हैं जहां कंपनियां लंबी तैयारी के बगैर तुरंत ही उत्पादन या संचालन शुरू कर सकती हैं। इन पार्कों में आंतरिक सड़कें, भूमिगत उपयोगिताएं, पानी-निकासी, अवशिष्ट प्रबंधन और प्रशासनिक ढांचा जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा, तैयार फैक्ट्री शेड, किसी खास कंपनी की जरूरत के हिसाब से डिजाइन एवं तैयार ‘बिल्ट-टू-सूट’ इकाइयां, परीक्षण प्रयोगशालाएं, गोदाम और श्रमिकों के लिए आवास जैसी मूल्यवर्धित सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इस योजना के तहत परियोजनाओं का चयन ‘चैलेंज मोड’ के जरिये किया जाएगा, ताकि केवल निवेश के लिए तैयार एवं सुधारोन्मुख प्रस्तावों को ही आगे बढ़ाया जाए।

– इसके अलावा, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लघु जलविद्युत विकास योजना को मंजूरी दे दी है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, निवेश आकर्षित होगा और ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रोजगार सृजित होगा।

– राष्ट्रीय राजमार्ग के बाराबंकी-बहराइच खंड को चार लेन का बनाने की मंजूरी दे दी गई है।

महंगाई भत्ते का क्या हुआ?

बैठक में एक बार फिर से महंगाई भत्ते पर कोई फैसला नहीं हुआ। कहने का मतलब है कि केंद्रीय कर्मचारियों को भत्ते पर फैसले के लिए अभी और इंतजार करना होगा। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 58 पर्सेंट है। वहीं, महंगाई राहत भी पेंशनर्स के लिए इतना ही है। सरकार जब भी भत्ते पर फैसला लेगी तो देश के करोड़ों कर्मचारियों को फायदा होगा। इनमें रिटायर कर्मचारी भी शामिल हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN