Source :- LIVE HINDUSTAN
क्या ईरान डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडेन की हत्या की साजिश रच रहा था? पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट ने अमेरिकी कोर्ट में बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि कैसे उसे इस खौफनाक साजिश का हिस्सा बनाया गया।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य शीर्ष अमेरिकी नेताओं की हत्या की साजिश रचने के आरोपी एक पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट ने बुधवार को अदालत में जूरी के सामने गवाही दी। उसने दावा किया कि उसने ईरान के कुलीन ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) के साथ अपनी मर्जी से काम नहीं किया था।
आरोप और साजिश
अमेरिकी न्याय विभाग ने आसिफ मर्चेंट पर आरोप लगाया है कि उसने ट्रंप और अन्य राजनेताओं की हत्या की योजना के तहत अमेरिका के भीतर लोगों की भर्ती करने की कोशिश की। यह साजिश अमेरिका द्वारा ईरान के शीर्ष कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेने के लिए रची गई थी। ईरान में सैन्य और आर्थिक शक्ति के साथ-साथ एक मजबूत खुफिया नेटवर्क होने के कारण ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) की वहां केंद्रीय भूमिका है।
आरोपी मर्चेंट का अदालत में बचाव
‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, आतंकवाद और हत्या की सुपारी के आरोपों का सामना कर रहे मर्चेंट ने अदालत में कहा- मैं यह काम इतनी स्वेच्छा से नहीं करना चाहता था। उसने दावा किया कि उसने तेहरान में रह रहे अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए मजबूरी में इस साजिश में हिस्सा लिया।
मर्चेंट ने यह भी कहा कि उसे कभी किसी विशिष्ट व्यक्ति को मारने का सीधा आदेश नहीं मिला था। हालांकि, तेहरान में बातचीत के दौरान उसके ईरानी हैंडलर ने तीन प्रमुख नेताओं के नाम लिए थे-
- डोनाल्ड ट्रंप
- जो बाइडेन (तत्कालीन राष्ट्रपति)
- निक्की हेली (2024 के चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवारी की पूर्व दावेदार)
सरकारी वकीलों का पक्ष
सरकारी वकीलों ने मर्चेंट के ‘मजबूरी’ वाले दावे को सिरे से खारिज कर दिया है। 2024 से चल रहे इस मामले में, मंगलवार को जज को भेजे गए एक पत्र में अभियोजकों ने कहा कि सच्चे दबाव या जबरदस्ती को साबित करने के लिए कोई भी उचित साक्ष्य मौजूद नहीं है। इस बीच, मर्चेंट के वकीलों और वाइट हाउस की तरफ से इस मामले पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं आई है।
इस मामले का ट्रायल पिछले हफ्ते ही शुरू हुआ है। गौरतलब है कि ट्रायल शुरू होने से कुछ दिन पहले ही ट्रंप के आदेश पर अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर बड़े हमले किए हैं। इन संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और मध्य पूर्व के देश के कई शीर्ष अधिकारी मारे गए।
रविवार को एबीसी न्यूज से बात करते हुए ट्रंप ने खामेनेई को मारने वाले इस ऑपरेशन का बचाव किया। ईरान की कथित साजिश का हवाला देते हुए ट्रंप ने कहा- इससे पहले कि वह मुझे मारता, मैंने उसे मार गिराया। दूसरी ओर, तेहरान ने लगातार इन आरोपों का खंडन किया है कि उसने ट्रंप या किसी भी अन्य अमेरिकी अधिकारी को निशाना बनाने की कोई साजिश रची थी।
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