Source :- LIVE HINDUSTAN
पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने इसका जिम्मेदार कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों को बताया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा, ‘अमेरिका और ईरान युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें नियंत्रण के बाहर चली गईं हैं। ऐसे में रेट बढ़ने ही थे।’
अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ बनने की कोशिश में लगा पाकिस्तान बड़े तेल संकट से जूझ रहा है। इसके चलते मुल्क में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल के दाम 50 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा दिए गए हैं। शुक्रवार से ये नए दाम प्रभावी हो जाएंगे। बीते महीने भी पाकिस्तान ने कीमतों में करीब 20 प्रतिशत का इजाफा किया था।
अब क्या हैं रेट
पाकिस्तान ने गुरुवार को डीजल की रेट बढ़ाकर 520.35 रुपये (पाकिस्तानी रुपया) प्रति लीटर और पेट्रोल की कीमत 458.40 रुपये प्रति लीटर कर दीं। एक ओर जहां डीजल रेट 54.9 फीसदी बढ़े हैं। वहीं पेट्रोल में 42.7 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री ने कहा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने की वजह से यह कदम उठाया गया।
सरकार ने युद्ध को बताया जिम्मेदार
पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने इसका जिम्मेदार कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों को बताया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा, ‘अमेरिका और ईरान युद्ध के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें नियंत्रण के बाहर चली गईं हैं। ऐसे में रेट बढ़ने ही थे।’
कराची पहुंचा एक जहाज
बुधवार को ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से निकला एक जहाज कराची पोर्ट पहुंचा था। ट्रस्ट के प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि इसके अलावा एक दूसरा जहाज भी दूसरे मार्ग से बंदरगाह पर पहुंचा है। प्रवक्ता शारिक फारूकी ने कहा कि इस महीने खाड़ी देशों से जरूरी तेल की आपूर्ति के लिए पाकिस्तान के झंडे वाले और भी जहाजों के आने की उम्मीद है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ दिनों पहले ही पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा था कि ईरान होर्मुज से 20 अतिरिक्त पाकिस्तानी जहाजों को गुजरने देने पर सहमत हो गया है।
चीन के साथ मिलकर दिया प्लान
चीन और पाकिस्तान ने पश्चिम एशिया संघर्ष को समाप्त करने के लिए पांच सूत्री प्रस्ताव रखा है। इन प्रस्तावों में शत्रुता को तुरंत समाप्त करने, जल्द से जल्द शांति वार्ता शुरू करने, गैर-सैन्य लक्ष्यों की सुरक्षा और नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर को मानने जैसे प्रावधान शामिल थे।
अमेरिका में भी महंगी हुई गैस
पश्चिमी एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका में औसत उपभोक्ता के लिए गैस की कीमतों में 35 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। कीमतों की इस वृद्धि से हाल बहुत जल्द राहत मिलने की भी उम्मीद नजर नहीं आती, क्योंकि होर्मुज कुछ देशों के जहाजों को छोड़कर सभी के लिए बंद है। होर्मुज का बंद होना वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति को खासा प्रभावित कर रहा है, क्योंकि इस मार्ग से दुनिया के तेल का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है।
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