Home विश्व समाचार ‘मिशन इंपॉसिबल’ की भारी कीमत, ईरान से पायलट निकालने में अमेरिका ने...

‘मिशन इंपॉसिबल’ की भारी कीमत, ईरान से पायलट निकालने में अमेरिका ने लुटाया खजाना

3
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

यह मिशन न सिर्फ सटीक ढंग से अंजाम तक पहुंचाने, बल्कि इस पर खर्च हुई रकम के लिए भी चर्चा में है। इस ‘मिशन इंपॉसिबल’ पर अमेरिका ने जमकर खजाना लुटाया है। जानकारी के मुताबिक अमेरिका ने इस पर 500 मिलियन डॉलर खर्च किए हैं।

अमेरिकी सेना ने ईरान से अपने पायलट और एक एयरमैन को निकाल लिया है। अमेरिका का एफ-15 फाइटर जेट ईरान में क्रैश होने के बाद यह दोनों वहां फंसे हुए थे। कई दिन तक चले बचाव अभियान में आखिर इन्हें ईरान के इसफाहान प्रांत से निकाला गया। अब यह मिशन न सिर्फ सटीक ढंग से अंजाम तक पहुंचाने, बल्कि इस पर खर्च हुई रकम के लिए भी चर्चा में है। इस ‘मिशन इंपॉसिबल’ पर अमेरिका ने जमकर खजाना लुटाया है। जानकारी के मुताबिक अमेरिका ने इस पर 500 मिलियन डॉलर खर्च किए हैं।

सबसे चुनौतीपूर्ण बचाव अभियान
अमेरिकी अधिकारियों ने इस बचाव अभियान को सबसे चुनौतीपूर्ण कॉम्बैट और रेस्क्यू मिशन बताया। असल में जहां पर अमेरिकी पायलट फंसा था, वह इलाका पहाड़ियों में स्थित है। यहां पर ईरानी सेना का बड़ा खतरा होने के चलते बचाव अभियान चलाना बहुत मुश्किल था। पायलटों को बचाने के लिए अमेरिकी ने पूरी ताकत झोंक रखी थी। इस मिशन में ए-10 थंडरबोल्ट II जेट, एमसी-130जे कमांडो II विमान, ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर और एमक्यू-9 रीपर ड्रोन सहित कई एडवांस टेक्नोलॉजी वाले मिलिट्री साधन शामिल थे। इनमें से कई तो मिशन के दौरान ही नष्ट हो गए। इस तरह से अमेरिका को काफी नुकसान उठाना पड़ा।

दिन-रात चला बचाव अभियान
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी नौसेना की सील कमांडो टीम-6 के कर्मियों ने संबंधित अधिकारी को बचा लिया। इसमें कहा गया कि इस अभियान में सैकड़ों विशेष अभियान सैनिक और अन्य सैन्यकर्मी शामिल थे, जो दुश्मन के इलाके के काफी अंदर काम कर रहे थे। बता दें कि ईरान ने अमेरिका के लड़ाकू विमान ‘एफ-15ई स्ट्राइक ईगल’ को शुक्रवार को देश के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में मार गिराया गया था। विमान के चालक दल के दो सदस्य बाहर निकलने में सफल रहे थे। इनमें से एक पायलट को तुरंत बचा लिया गया था। जबकि दूसरे पायलट की तलाश में अमेरिका ने ईरान में उतरकर दिन-रात एक कर दिया।

दरार में छुपा था पायलट
रिपोर्ट के मुताबिक एफ-15ई से बाहर निकलने के बाद, पायलट एक पहाड़ की दरार में छुप गया। वह 24 घंटे से ज्यादा समय तक ईरानी सेना से बचता रहा। इस दौरान एक बार तो वह पहाड़ की 7,000 फुट ऊंची चोटी पर भी चढ़ गया। शुरुआत में अमेरिका को उसकी जगह के बारे में पता नहीं था, लेकिन सीआईए ने उसके छिपने की जगह ढूंढ़ ली। रिपोर्ट में आगे कहा गया कि अमेरिकी विमानों ने ईरानी सेना के काफिलों को उस जगह से दूर रखने के लिए बम गिराए और गोलीबारी की। अमेरिकी सेना के एक अधिकारी ने कहाकि अमेरिकी कमांडो ने भी ईरानी सेना को बचाव स्थल से दूर रखने के लिए गोलियां चलाईं, क्योंकि ईरानी सैनिक संबंधित अधिकारी की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन वे ईरानियों के साथ सीधी गोलीबारी में नहीं उलझे।

युद्ध का आर्थिक असर
एक तरफ अमेरिकी सेना युद्ध पर करोड़ों डॉलर खर्च कर रही है। वहीं, दूसरी तरफ अमेरिकी नागरिक युद्ध के आर्थिक असर को महसूस कर रहे हैं। अमेजन ने अपनी ई-कॉमर्स डिलीवरी पर फ्यूल सरचार्ज घोषित कर दिया है। वहीं, कुछ एयरलाइनों ने बढ़ती ईंधन लागत को संतुलित करने के लिए चेक-इन सामानों के शुल्क बढ़ा दिए हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN