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मालिश न करने पर बच्चे का शरीर रह जाता है ढीला? बच्चों की डॉक्टर से जानें क्या ग्रोथ पर होता है असर

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Source :- LIVE HINDUSTAN

बच्चे का जन्म होते ही दादी-नानी बेबी की मालिश करना शुरू कर देती हैं।  वह कहती हैं कि मालिश न करने पर बच्चे का शरीर ढीला रह जाता है और बच्चों की ग्रोथ पर भी असर होता है। इस सवाल का जवाब बच्चों की डॉक्टर से जानें।  

बच्चे के जन्म के बाद जैसे ही गर्भनाल झड़ती है वैसे ही उसकी मालिश करना शुरू कर दिया जाता है। कहते हैं कि मालिश से बच्चे को कई तरह के फायदे मिल सकते हैं। लेकिन क्या ऐसा न करने से शरीर ढीला रह जाता है और बच्चे की ग्रोथ रुक जाती है? इन सवालों के जवाब बच्चों की डॉक्टर माधवी भारद्वाज ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करके दिए हैं। डॉक्टर कहती हैं कि उनके पास कई पेरेंट्स आते हैं और वह कहते हैं कि बच्चा मालिश के समय बहुत रोता है और कई बार तो उसकी हड्डियों से कट-कट की आवाज भी आती है। लेकिन अगर वह मालिश करना छोड़ती हैं तो उन्हें घर के बड़ों से सलाह मिलती है कि मालिश न करने पर शरीर ढीला रह जाता है। इस पर डॉक्टर कहती हैं कि अगर आप अभी भी ऐसा सोचते हैं कि मालिश न करने कि वजह से बच्चा कमजोर हो रहा है, मोटा नहीं हुआ या वह ग्रोथ में कहीं पीछे रह गया है तो आज ही ऐसा सोचना बंद कर दें। आप मालिश बॉन्डिंग, बातचीत, आंखों का संपर्क करने के लिए करें। इस दौरान आप बच्चे को बोलना सीखा सकते हैं, क्योंकि मालिश के समय आप बच्चे से बात करते हैं। मालिश से बच्चे की स्किन मॉइश्चराइज होती है और बेबी को आराम भी मिलता है। लेकिन अगर आप ये सोच रहे हैं कि इससे हड्डियों को मजबूत किया जा सकता है तो ये सही नहीं है।

1) जन्म के समय पर बच्चे के सिर की शेप काफी अलग होती है। वह कई बार पिलपिला सा हो सकता है या फिर लंबा। ऐसे सिर को ठीक करने के लिए दादी-नानी मालिश करने की सलाह के साथ राई के तकिए का इस्तेमाल करने की सलाह देती हैं। डॉक्टर कहती हैं कि बच्चे के सिर की शेप लगातार पोश्चर बदलने पर ठीक होती है, तकिया या फिर मालिश करने से नहीं।

2) मालिश करने से बच्चे का डेवलपमेंट कोई जल्दी नहीं होता है। ये जेनेटिक्स और आपके द्वारा दिए गए मौकों पर निर्भर करता है। डॉक्टर कहती हैं कि अगर आप सर्दियों में बच्चे को तीन महीने तक बिस्तर से नीचे नहीं उतारेंगे तो कम मौके मिलने की वजह से बच्चा देरी से घुटने चलेगा। देरी से घुटने चलने की वजह मालिश न करना नहीं है।

3) बहुत से लोग अपने बच्चों को दूसरे बच्चे से कम्पेयर करते हैं। डॉक्टर कहती हैं कि कुछ माओं की शिकायत होती हैं कि उनकी कोई सहेली बच्चे की दिन में 3 बार मालिश करती है और उसके बच्चे का वजन 10 किलो है, और मेरा बच्चा 7.5 या 8 किलो का है। माधवी कहती कि ऐसा पूरी तरह से जेनेटिक्स की वजह से है। अगर किसी के मम्मी पापा पतले दुबले हैं तो बच्चा भी उनके जैसा ही होगा।

4) जन्म के समय बच्चे के पैर मुड़े हुए होते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि मां के पेट में बच्चा एक गेंद की तरह होता है। बड़ा होकर जब बच्चा वॉक करना शुरू करता है तो तो उसके 3-6 महीने में पैर अपने आप सीधे होने लगते हैं। इसका मालिश करने से कोई लेना देना नहीं है।

डॉक्टर की टिप- एक्सपर्ट कहती हैं कि सभी पेरेंट्स अपने बच्चों के प्रति थोड़ा सौम्य और दयालु रहें। बच्चे को समझें और अपने तरीकों को बदलें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN