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मात्र 1 घंटे में ब्लॉक होगा गलत या भ्रामक कंटेंट, सरकार ला रही ये नया नियम; सोशल मीडिया कंपनियों की बढ़ेगी मुश्किल

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Source :- LIVE HINDUSTAN

सरकार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के लिए कंटेंट हटाने की समय सीमा को और कम करने पर विचार कर रही है। पहले जहां 24-36 घंटे का समय था, उसे घटाकर 2-3 घंटे किया गया और अब इसे सिर्फ 1 घंटे तक लाने की योजना पर चर्चा चल रही है। इसका मकसद गलत, अवैध या भ्रामक कंटेंट को तेजी से हटाना है, ताकि वह वायरल न हो सके। 

सरकार सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक या गैरकानूनी कंटेंट को हटाने के नियम और सख्त करने की तैयारी में है। अब खबर है कि कंटेंट हटाने का समय 2-3 घंटे से घटाकर सिर्फ 1 घंटे करने पर विचार किया जा रहा है। फिलहाल नियमों के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को किसी आपत्तिजनक कंटेंट को 2-3 घंटे के अंदर हटाना होता है। लेकिन, अब सरकार सोच रही है कि इस समय सीमा को और कम करके 1 घंटे कर दिया जाए। हालांकि, यह अभी शुरुआती चरण में है और इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

पहले क्या नियम थे?

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology) ने फरवरी में नए IT नियम लागू किए थे। इससे पहले कंटेंट हटाने का समय 24 से 36 घंटे था, जिसमें अब 2 से 3 घंटे लगते हैं। यह दुनिया में सबसे तेज कंटेंट हटाने के नियमों में से एक माना जा रहा है।

क्यों लिया जा रहा है यह फैसला?

सरकार का मानना है कि गलत या भ्रामक कंटेंट तेजी से वायरल हो जाता है। जल्दी हटाने से उसका असर कम किया जा सकता है। टेक कंपनियों के पास अब बेहतर टेक्नोलॉजी है।

किन मंत्रालयों को मिल सकती है ताकत?

सरकार यह भी सोच रही है कि मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स (Ministry of Home Affairs), मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स (Ministry of External Affairs), मिनिस्ट्री ऑफ डिफेंस (Ministry of Defence), मिनिस्ट्री ऑफ इंफॉर्मेशन एंड ब्रॉडकॉस्टिंग (Ministry of Information and Broadcasting) को भी सीधे कंटेंट ब्लॉक करने का अधिकार दिया जाए।

कंपनियों और यूजर्स की चिंता

कई टेक कंपनियां जैसे Meta (Facebook, Instagram, WhatsApp) का कहना है कि इतने कम समय में कंटेंट हटाना मुश्किल हो सकता है और ऑपरेशनल चुनौतियां बढ़ सकती हैं। वहीं, कुछ यूजर्स का कहना है कि कई बार सामान्य या मजाकिया पोस्ट भी हटाए जा रहे हैं। इससे फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन पर असर पड़ सकता है।

क्या बदलेगा आगे?

सरकार आपत्तिजनक कंटेंट की परिभाषा भी और सख्त कर सकती है, जिसमें फेक न्यूज, आपत्तिजनक वीडियो, देश-विरोधी या भ्रामक कंटेंट शामिल हो सकते हैं।

सरकार का फोकस अब तेजी से कंटेंट हटाने और ऑनलाइन स्पेस को कंट्रोल करने पर है। अगर नया नियम लागू होता है, तो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले लोगों को और ज्यादा सतर्क रहना पड़ेगा, क्योंकि अब कार्रवाई पहले से कहीं ज्यादा तेज हो सकती है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN