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4 घंटे पहले
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मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका-इसराइल की जारी जंग के बीच नई दिल्ली में इंटर मिनिस्ट्रियल प्रेस कॉन्फ़्रेंस हुई है जिसमें मध्य पूर्व से वापस लौटे भारतीयों से लेकर एलपीजी के बारे में जानकारियां दी गई हैं.
विदेश मंत्रालय ने बताया है कि 2.20 लाख यात्री भारत वापस लौटे हैं. साथ ही ईरान से 90 भारतीयों को निकालकर अज़रबैजान ले जाया गया है.
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने बताया है कि एलपीजी कैरियर शिवालिक स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को पार कर चुका है और फ़ारस की खाड़ी में है जो सोमवार शाम तक भारत पहुंच जाएगा.
वहीं पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया है कि देश में कच्चे तेल की उपलब्धता भरपूर है और सभी रिफ़ाइनरियां ज़्यादा क्षमता के साथ चल रही हैं.
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एयरस्पेस बंद होने के भारत लौट रहे लोग
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विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (गल्फ़) असीम महाजन ने इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान बताया कि 28 फ़रवरी के बाद से 2.20 लाख यात्री भारत वापस लौटे हैं.
उन्होंने बताया कि सऊदी अरब में अलग-अलग एयरपोर्ट और ओमान से भारत के लिए उड़ानें आ रही हैं.
“क़तर का हवाई क्षेत्र आंशिक तौर पर खुला हुआ है जबकि कुवैत का हवाई क्षेत्र 28 फ़रवरी 2026 से बंद है. कुवैत के जज़ीरा एयरवेज़ की ओर से एक नॉन शेड्यूल कमर्शियल फ़्लाइट सऊदी अरब से भारत आ रही है.”
“बहरीन और इराक़ का एयरस्पेस भी बंद है, वहां रह रहे भारतीय नागरिकों को सऊदी अरब के रास्ते जाने की सुविधा दी जा रही है.”
इसी के साथ ही असीम महाजन ने ओमान के सोहार शहर में 13 मार्च को दो भारतीय नागरिकों के मारे जाने की पुष्टि की है.
उन्होंने बताया, “मस्कट में भारतीय दूतावास मारे गए भारतीय नागरिकों के परिवारों के साथ लगातार संपर्क में है और संबंधित ओमानी अधिकारियों के साथ कोऑर्डिनेट कर रहा है. उनके पार्थिव शरीर को जल्द ही भारत वापस लाए जाने की उम्मीद है. इसके अलावा किसी भी भारतीय नागरिक को गंभीर चोट नहीं आई है.”
इसके अलावा विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया है कि ईरान से तक़रीबन 550 भारतीयों को ज़मीनी सीमा से आर्मीनिया और 90 भारतीयों को ज़मीनी सीमा से अज़रबैजान ले जाया गया है. इस काम को तेहरान में भारतीय दूतावास ने पूरा किया है.
उन्होंने कहा, “भारतीयों की वीज़ा और इमीग्रेशन औपचारिकताओं को पूरा करने में मदद की गई है. जिन 550 लोगों का ज़िक्र किया गया है, जो ईरान से आर्मीनिया पहुंचे हैं, उनमें से 284 लोग ऐसे हैं जो ज़ियारत (तीर्थ यात्रा) के लिए ईरान गए थे. ये लोग फ़िलहाल इन दोनों देशों में मौजूद हैं. इनमें से कुछ लोग पहले ही लौट चुके हैं, जबकि बाकी अगले कुछ दिनों में लौट आएंगे.”
“तेहरान में हमारा दूतावास तमाम मुश्किलों के बावजूद पूरी तरह से काम कर रहा है. पिछले कुछ दिनों में दूतावास ने तेहरान के बाहर मौजूद छात्रों को भी सुरक्षित शहरों में ट्रांसफ़र करने में सफलता हासिल की है.”
भारतीय झंडे वाले 22 जहाज़ फ़ारस की खाड़ी में
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वहीं पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया है कि बीते 24 घंटों में फ़ारस की खाड़ी के इलाक़ों में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं.
उन्होंने बताया, “फ़ारस की खाड़ी से आ रहा शिवालिक एलपीजी कैरियर स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज़ पार कर चुका है और भारत आ रहा है जो आज शाम तक भारत पहुंच जाएगा.”
“फ़ारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं. पिछले 24 घंटों में किसी भी घटना की कोई सूचना नहीं मिली है और हम हालात पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं.”
“हम हर जहाज़ और उसके चालक दल के संपर्क में हैं. जैसा कि शनिवार को बताया गया था, 22 भारतीय झंडे वाले जहाज़ अभी भी फ़ारस की खाड़ी में स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ के पश्चिमी हिस्से में मौजूद हैं. इन जहाज़ों पर कुल 611 भारतीय नाविक तैनात हैं.”
राजेश कुमार सिन्हा ने इसके साथ ही बताया कि भारतीय झंडे वाला जहाज़ ‘जग लाड़की’ यूएई से 14 मार्च को चला था जिस पर 81 हज़ार टन मुरबन कच्चा तेल लदा है, उसके कल तक मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचने की संभावना है.
सरकार की पीएनजी कनेक्शन लेने की अपील
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पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया है कि देश में पर्याप्त मात्रा में कच्चा तेल उपलब्ध है, सभी रिफ़ाइनरी उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं, पेट्रोल पंप साधारण तरीक़े से काम कर रहे हैं और कहीं भी ईंधन ख़त्म होने की ख़बर नहीं है.
“प्राकृतिक गैस- सीएनजी और पीएनजी की सप्लाई 100 फ़ीसदी हो रही है. इसके साथ ही एलपीजी उपभोक्ताओं से अपील है कि वो पीएनजी का कनेक्शन ले लें. एलपीजी सप्लाई को लेकर देश के कई राज्यों में थोड़ी कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है.”
उन्होंने कहा, “ऐसी हालत में काला बाज़ारी और जमाख़ोरी को रोकने के लिए राज्य सरकार और प्रशासन की भूमिका काफ़ी महत्वपूर्ण हो जाती है. ऐसे हालात का जाएज़ा लेने के लिए हर राज्य में कंट्रोल रूम बना दिए गए हैं.”
“भारत सरकार ने 14 तारीख़ को एक निर्देश जारी किया है जिसके तहत अगर आपके पास पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्शन हैं तो पीएनजी कनेक्शन को सरेंडर कर दिया जाए.”
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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