Source :- LIVE HINDUSTAN
बुधवार को बीएसई सेंसेक्स 1,342 अंक का गोता लगा गया जबकि एनएसई निफ्टी 24,000 अंक के नीचे आ गया। इस भारी गिरावट से बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल मार्केट कैपिटल से लगभग 6 लाख करोड़ रुपये कम हो गए, जिससे यह घटकर 441 लाख करोड़ रुपये रह गया।
Stock market crash: ईरान की अमेरिका और इजराइल से जंग जारी है। इस जंग की वजह से भारतीय शेयर बाजार में भी तबाही मची हुई है। हालात इतने बिगड़ गए कि सप्ताह के तीसरे दिन बुधवार को बीएसई सेंसेक्स 1,342 अंक का गोता लगा गया जबकि एनएसई निफ्टी 24,000 अंक के नीचे आ गया। इस भारी गिरावट से बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल मार्केट कैपिटल से लगभग 6 लाख करोड़ रुपये कम हो गए, जिससे यह घटकर 441 लाख करोड़ रुपये रह गया।
सेंसेक्स और निफ्टी का हाल
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,342.27 अंक यानी 1.72 प्रतिशत लुढ़क कर 76,863.71 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसमें 1,446.72 अंक तक की गिरावट आई थी। बीएसई में सूचीबद्ध 2,380 शेयरों में गिरावट आई जबकि 1,881 शेयर लाभ में रहे। वहीं 153 शेयर के भाव अपरिवर्तित रहे। पचास शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 394.75 अंक यानी 1.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,866.85 अंक पर बंद हुआ।
वजह क्या है?
-ईरान की अमेरिका और इजराइल से जंग जारी है। हालात आगे और बिगड़ने की आशंका है। इससे तेल का संकट गहरा सकता है। रेलिगेयर ब्रोकिंग लि. के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा-पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है और उतार-चढ़ाव भी बढ़ा है, जिससे निवेशकों का भरोसा कमजोर बना हुआ है। उन्होंन कहा कि कच्चे तेल की आपूर्ति में प्रभावित होने की आशंका, बढ़ती मुद्रास्फीति और आर्थिक वृद्धि पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर चिंताएं निवेशकों को सतर्क बनाए हुए हैं।
-इसके अलावा, विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली और रुपये में कमजोर रुख ने जोखिम लेने की प्रवृत्ति को और कम कर दिया है। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार को 4,672.64 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 6,333.26 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के रिसर्च हेड(संपत्ति प्रबंधन) सिद्धार्थ खेमका ने कहा-पिछले सत्र में उछाल के बाद बाजार में फिर से गिरावट शुरू हो गई है। विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार निकासी और बैंक, वित्तीय सेवाओं और वाहन शेयरों में बिकवाली के चलते मानक सूचकांक पर दबाव रहा। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि आने वाले समय में, बाजार में सतर्क रुख अपनाये जाने संभावना है क्योंकि निवेशकों को नए निवेश से पहले अमेरिकी और घरेलू मुद्रास्फीति के आंकड़ों और वृहद आर्थिक मोर्चे पर स्पष्ट संकेतों की प्रतीक्षा है।
-भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.2% गिरकर 92.0375 रुपये पर आ गया, जबकि पिछले दिन यह 91.8050 रुपये पर बंद हुआ था। सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.35 के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद होने के बाद निवेशक भारतीय मुद्रा की गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रहे हैं। गौरतलब है कि रुपया अब 92 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर चुका है।
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