Source :- LIVE HINDUSTAN
अगर बिना ज्यादा काम किए भी आपको हर समय थकान, कमजोरी या सांस फूलने की समस्या महसूस होती है, तो इसे नजरअंदाज ना करें। न्यूट्रिशनिस्ट सोनिया नारंग के अनुसार यह विटामिन की कमी का संकेत हो सकता है।
आजकल कई लोग ऐसी समस्या का सामना कर रहे हैं जिसमें बिना ज्यादा फिजिकल वर्क किए भी लगातार थकान महसूस होती है। सुबह उठने के बाद भी शरीर भारी लगता है, ऊर्जा की कमी महसूस होती है और कभी-कभी हल्का सा काम करने पर भी सांस फूलने लगती है। न्यूट्रिशनिस्ट सोनिया नारंग के अनुसार, कई बार यह सामान्य थकान नहीं होती बल्कि शरीर में विटामिन B12 की कमी का संकेत हो सकती है। यह कमी शरीर में एनीमिया (खून की कमी) का कारण बन सकती है, जिससे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती।
विटामिन B12 की कमी के लक्षण
अगर शरीर में विटामिन B12 की कमी हो जाती है तो कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
- लगातार थकान और कमजोरी
- हल्का काम करने पर भी सांस फूलना
- त्वचा का पीला या फीका पड़ना
- जीभ का सूजना या जलन महसूस होना
- हाथ-पैरों में झनझनाहट या सुन्नपन
- ध्यान लगाने में कठिनाई
- ये लक्षण धीरे-धीरे बढ़ते हैं, इसलिए कई लोग शुरुआत में इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।
विटामिन B12 की कमी क्यों होती है?
विटामिन B12 की कमी कई कारणों से हो सकती है। न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार इसके कुछ आम कारण हैं:
- शरीर में B12 का सही तरीके से अवशोषण ना होना: कई बार पेट में बनने वाला एक खास प्रोटीन कम हो जाता है, जिससे शरीर विटामिन B12 को सही तरह से अवशोषित नहीं कर पाता।
- ऑटोइम्यून समस्या: कुछ मामलों में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से पेट की कोशिकाओं पर हमला कर देती है, जिससे B12 का अवशोषण प्रभावित होता है।
- कुछ दवाओं का असर: लंबे समय तक कुछ दवाओं के सेवन से भी विटामिन B12 का स्तर कम हो सकता है।
- डाइट में कमी: अगर आहार में विटामिन B12 से भरपूर चीजें कम हों, तो शरीर में इसकी कमी होने की संभावना बढ़ जाती है।
इसकी जांच कैसे होती है?
अगर किसी व्यक्ति को लंबे समय तक कमजोरी या थकान महसूस हो रही है, तो डॉक्टर कुछ जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। जैसे- विटामिन B12 लेवल की जांच, फोलेट टेस्ट और CBC (Complete Blood Count)। इन जांचों से पता चलता है कि शरीर में खून की कमी या विटामिन की कमी तो नहीं है।
इसका इलाज कैसे किया जाता है?
अगर जांच में विटामिन B12 की कमी पाई जाती है, तो डॉक्टर स्थिति के अनुसार इलाज शुरू करते हैं।
- विटामिन B12 इंजेक्शन: शुरुआत में इंजेक्शन रोज या हफ्ते में दिए जा सकते हैं, जिससे शरीर में B12 का स्तर जल्दी बढ़ सके। बाद में जरूरत के अनुसार महीने या कुछ महीनों में एक बार दिया जाता है।
- सप्लीमेंट: कुछ लोगों को विटामिन B12 की गोलियां या सप्लीमेंट भी दिए जाते हैं।
- खान-पान में बदलाव: डाइट में विटामिन B12 से भरपूर चीजें शामिल करना जरूरी है, जैसे: दूध और डेयरी उत्पाद, मछली और मांस, फोर्टिफाइड सीरियल, आदि।
समय पर इलाज क्यों जरूरी है?
अगर विटामिन B12 की कमी का समय पर इलाज ना किया जाए तो यह शरीर में गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती है, जैसे लंबे समय तक कमजोरी, तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याएं और एनीमिया। इसलिए अगर आपको लगातार थकान, सांस फूलना या शरीर में कमजोरी महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज ना करें और डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN



