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बस कुछ दिनों का और बचा युद्ध! नेतन्याहू ने दिए संकेत, कहा- अब ईरान नहीं बना पाएगा मिसाइल

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Source :- LIVE HINDUSTAN

नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध पर इजरायल ईरान के विशाल प्राकृतिक गैस फील्ड पर किसी भी और हमले को रोक देगा। ट्रंप ने आश्वासन दिया कि इजरायल ईरान के प्रमुख गैस क्षेत्र ‘साउथ पार्स’ पर और हमले नहीं करेगा

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार देर रात कहा कि ईरान के पास अब यूरेनियम संवर्धन करने या बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता नहीं है। इस दौरान उन्होंने साफ किया है कि इजरायल की तरफ से युद्ध में अमेरिका को नहीं घसीटा गया। साथ ही संभावनाएं जताई हैं कि युद्ध जल्दी खत्म हो सकता है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की शुरुआत की थी।

ईरान ने अपने एक प्रमुख गैस फील्ड पर इजरायल के हमले के जवाब में गुरुवार को खाड़ी देशों में तेल और गैस के प्रतिष्ठानों पर हमले बढ़ा दिए और इस तरह युद्ध की स्थिति गहराती जा रही है और वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित कर रही है।

हमले रोकने का वादा

नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध पर इजरायल ईरान के विशाल प्राकृतिक गैस फील्ड पर किसी भी और हमले को रोक देगा। ट्रंप ने आश्वासन दिया कि इजरायल ईरान के प्रमुख गैस क्षेत्र ‘साउथ पार्स’ पर और हमले नहीं करेगा, लेकिन उन्होंने साथ ही कहा कि अगर ईरान ने कतर पर फिर हमला किया तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा और उस ‘पूरे क्षेत्र को तबाह कर देगा।’

‘जंग में हम आगे’

इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा कि करीब 20 दिनों की लड़ाई में ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान हुआ है। उनके अनुसार, मिसाइल और ड्रोन सिस्टम तेजी से कमजोर हो रहे हैं और इजरायल बढ़त में है।

जंग जल्द खत्म होने का दावा

नेतन्याहू का कहना है कि यह युद्ध लोगों की उम्मीद से जल्दी खत्म हो सकता है, क्योंकि मौजूदा हालात इजरायल के पक्ष में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दुनिया पर दबाव बनाने की कोशिश करेगा, तो यह सफल नहीं होगा।

अमेरिका को घसीटने के आरोप खारिज

नेतन्याहू ने यह भी साफ किया कि इजरायल ने अमेरिका को इस युद्ध में नहीं खींचा है। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप अपने फैसले खुद लेते हैं। उन्होंने कहा कि इजरायल और अमेरिका मिलकर मध्य-पूर्व की सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं और ईरान के परमाणु व मिसाइल कार्यक्रम को कमजोर करने का अभियान जारी रहेगा।

अमेरिका नहीं भेज रहा ईरान में सेना

ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि वह ईरान में जमीनी सेना नहीं भेज रहे हैं। जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, अगर मैं ऐसा कर रहा होता, तो यकीनन आपको नहीं बताता। लेकिन मैं सेना नहीं भेज रहा हूं। ट्रंप का यह बयान ईरान पर इजरायल के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर मिसाइल और बमबारी हमले शुरू करने के तीसरे हफ्ते में आया है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN