Home विश्व समाचार बस एक दिन में तबाह कर दूंगा सब, तिलमिलाए ट्रंप ने फिर...

बस एक दिन में तबाह कर दूंगा सब, तिलमिलाए ट्रंप ने फिर दी ईरान को खत्म करने की धमकी

39
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

ईरान के साथ शांति वार्ता विफल रहने के बाद ट्रंप तिलमिलाए हुए हैं। इसके बाद ट्रंप ने फिर से ईरान को धमकियां देनी शुरू कर दी हैं। पहले तो उन्होंने होर्मुज में नाकेबंदी की बात कही।

ईरान के साथ शांति वार्ता विफल रहने के बाद ट्रंप तिलमिलाए हुए हैं। इसके बाद ट्रंप ने फिर से ईरान को धमकियां देनी शुरू कर दी हैं। पहले तो उन्होंने होर्मुज में नाकेबंदी की बात कही। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहाकि उन्हें पूरा भरोसा है कि अंतत: तेहरान अमेरिका की सभी मांगे मान लेगा। साथ ही ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर ईरान ऐसा नहीं करता है तो फिर अमेरिका अपनी सेना के साथ उस पर चढ़ाई कर देगा। फॉक्स न्यूज के साथ बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी पुरानी धमकी भी दोहराई कि वह चाहें तो सिर्फ एक दिन में ईरान पर कब्जा कर सकते हैं।

फिर से अहम ठिकानों को निशाना बनाने की बात
ट्रंप की यह टिप्पणी हाल ही में इस्लामाबाद में हुई लंबी बातचीत की समाप्ति के बाद आई है। यह बातचीत बिना किसी औपचारिक समझौते के खत्म हुई। उन्होंने कहाकि मैं ईरान को एक ही दिन में खत्म कर सकता हूं। संभावित सैन्य कार्रवाई के दायरे का विवरण देते हुए, ट्रंप ने कहाकि सिर्फ एक घंटे में, मैं उनकी पूरी ऊर्जा, उनके बिजली उत्पादन संयंत्र, यानी सब कुछ हासिल कर सकता हूं। उन्होंने आगे कहाकि हालांकि मुझे ऐसा करने से नफरत है।अगर मैं इसे करता हूं, तो फिर से बनाने में 10 साल लग जाएंगे। वे इसे कभी फिर से बनाने में सक्षम नहीं होंगे।

उन्हें बातचीत की टेबल पर लौटना होगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहाकि ईरान को फिर से बातचीत की टेबल पर लौटना ही होगा। उन्होंने कहाकि मैं भविष्यवाणी करता हूं कि वे वापस आएंगे और हमें वह सब देंगे जो हम चाहते हैं। ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व की कूटनीतिक ताकत की कमी पर जोर देते हुए कहाकि मैं सब कुछ चाहता हूं…उनके पास कोई विकल्प नहीं है। इसके साथ ही ट्रंप ने अपने हालिया बयान का भी समर्थन किया, जिसमें उन्होंने ईरान को धमकी देते हुए पूरी सभ्यता को खत्म करने की बात कही थी। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसी कड़े संदेशों ने हाल की कूटनीतिक बातचीत के लिए मुख्य उत्प्रेरक का काम किया।

विफल रही अमेरिका-ईरान वार्ता
गौरतलब है कि पाकिस्तान में हुई 21 घंटे की ऐतिहासिक वार्ता में अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता नहीं हो सका। इसके बाद दो सप्ताह के लिए लागू नाजुक युद्धविराम का भविष्य अब अधर में है। दोनों पक्ष वार्ता विफल होने के लिए एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश कर रहे हैं। इस्लामाबाद में हुई वार्ता में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका द्वारा अपना अंतिम और सर्वोत्तम प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाने के बावजूद ईरानी पक्ष ने युद्ध समाप्ति के लिए वाशिंगटन की शर्तों को स्वीकार नहीं किया।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN