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बच्चों की डॉक्टर ने जाती हुई ठंड के लिए दी केयरिंग टिप्स, बताया कितने कपड़े पहनाएं

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Source :- LIVE HINDUSTAN

दादी और नानी अक्सर आती और जाती हुई ठंड में बच्चों की केयर करने की सलाह देती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि इस समय पर सबसे ज्यादा वायरल इंफेक्शन होता है और ज्यादातर बच्चे बीमार हो जाते हैं। बच्चों की डॉक्टर से केयरिंग टिप्स जानें।

छोटे बच्चों को एक्सट्रा केयर की जरूरत होती है। कई पेरेंट्स शिकायत करते हैं कि खूब केयर के बाद भी उनके बच्चे बीमार हो जाते हैं और दादी-नानी का यही कहना होता है कि आती-जाती सर्दी लग गई है। इन दिनं ठंड कम हो रही है और धीरे-धीरे मौसम गर्म हो रहा है। इस तरह के मौसम वायरल इंफेक्श तेजी से फैलता है जिसकी चपेट में बच्चे जल्दी आते हैं। ऐसे में बदलते मौसम में बच्चों की केयर कैसे करें, कितने कपड़े पहनाएंं जैसे सवाल मन में आते हैं। इन सवालों का जवाब बच्चों की डॉक्टर माधवी भारद्वाज ने इंस्टाग्राम पर दिया है।

क्या कहती हैं डॉक्टर

डॉक्टर कहती है कि आपने अक्सर सुना होगा की आती और जाती ठंड लग जाती है, इसलिए बच्चे को ढक के रखो और अगर बच्चा बीमार हो जाए तो कहा जाता है कि ठीक से ढका नहीं इसलिए ठंड लग गई। डॉक्टर ने बताया कि ओपीडी में आजकल बहुत बच्चे आ रहे हैं, जिन्हें बुखार है और बहुत मोटे-मोटे कपड़े पहने हुए। माधवी कहती हैं कि अगर बच्चों को इतने मोटे-मोटे कपड़े पहनाएंगे तो बुखार कैसे उतरेगा। एक्सपर्ट से समझिए जाती हुई ठंड-

1) वायरल इंफेक्शन- बदलते मौसम में जैसे ही तापमान बढ़ता है वैसे बहुत सारे वायरस एक्टिव हो जाते हैं और तभी नए-नए इंफेक्शन सामने आते हैं। अभी शादी का सीजन है और लोग बहुत ट्रैवल भी कर रहे हैं इस दौरान नए-नए लोगों से भी मिलना होता है। ऐसे में बहुत से इंफेक्शन की चपेट में आना लाजमी है। इन दिनों जुकाम, खांसी ,उल्टी, दस्त वाला वायरल चल रहा है। एक्सपर्ट कहती हैं कि जब भी कोई बच्चा ओपीडी में आता है तो वह हमेशा परेंट्स से पूछती हैं कि आप ठीक हैं तो 10 में से 8 मामलों में वायरल इंफेक्शन पहले माता-पिता को होता है और फिर बच्चे को। डॉक्टर कहती हैं कि जब बड़े लोगों की इम्यूनिटी अच्छी होने के बाद भी उन्हें लक्षण दिख रहे हैं तो जिस बच्चे की इम्यूनिटी कमजोर है उसमें वायरल के लक्षण दिख ही सकते हैं।

2) हाईजीन- बहुत से परेंट्स बच्चे को ठंड न लग जाए इस डर से नहीं नहलाते हैं। हाथ-पैर ज्यादा साफ नहीं करते हैं और पानी में हाथ भी नहीं देने देते है तो हाईजीन की समस्या भी होती है और इंफेक्शन होने का खतरा भी बढ़ जाता है।

3) बच्चा बहुत गर्म लगना- पेरेंट्स कहते हैं कि उनके बच्चे का सिर और हाथ पैर बहुत गर्म रहते हैं और सिर से पसीना भी आता है। जिसपर डॉक्टर कहती हैं कि तापमान बढ़ रहा है और ऐसे में बॉडी हीट भी बढ़ रही है और बच्चा तो इतना एक्टिव होता है तो उसे गर्मी भी बहुत लगती है। लेकिन जाती हुई ठंड को देखकर लोग मोटे-मोटे कपड़े उन्हें पहनाकर रखते हैं। इसलिए बच्चे को ज्यादा पसीना आता है। अगर बच्चा ज्यादा चिढ़ रहा हो और अगर आपको लग रहा है कि उसे बुखार आ रहा है तो सबसे पहले उसे पहनाए हुए कपड़ों की लेयर कम करें।

4) हीट रैश- बहुत से बच्चों में रैशेज की समस्या हो रही है। ऐसा बढ़ते तापमान के कारण हो रहा है। डॉक्टर कहती हैं कि बच्चे को थर्मल पहनाना बंद करें और कॉटन की लेयरिंग करें।

5) कितने कपड़े पहनाएं- अगर आपका भी ये सवाल है कि बच्चे को कितने कपड़े पहनाएं तो इस पर डॉक्टर कहती हैं कि इस बदलते मौसम में मां ने जितने कपड़े पहने हैं उससे एक लेयर एक्सट्रा पहनाएं। अगर मां ने कॉटन के कपड़े पहने हैं तो बच्चे को भी कॉटन के कपड़े पहनाएं। कॉटन के कपड़े की दो लेयर एक्सट्रा बच्चे को पहना सकते हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN