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फोन चलाने से लगातार कम हो रही आंखों की रोशनी? बैठे-बैठे करें ये 5 योग, मिलेगी मदद!

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Yoga Practices For Better Eyesight: अगर आपको आंखों में ड्राइनेस, जलन, धुंधला दिखना जैसी प्रॉब्लम्स महसूस हो रही हैं, तो ये संकेत है कि आपकी आंखे आपका ध्यान मांग रही हैं। ऐसे में योग को आप अपने रूटीन का हिस्सा बना सकते हैं।

आजकल का हमारा लाइफस्टाइल ही कुछ ऐसा हो गया है कि आंखों पर हर समय दवाब बना रहता है। दिनभर फोन स्क्रोलिंग, लैपटॉप या डेस्कटॉप पर ऑफिस का काम, फिर एंटरटेनमेंट के लिए टीवी; यानी कुल मिलाकर ज्यादातर समय हम स्क्रीन के आगे ही बिताते हैं। ऐसे में आंखों से जुड़ी समस्याएं होना लाजमी है, खासतौर से अगर आप अपनी आंखों का बिल्कुल ध्यान नहीं रख रहे हैं। अगर आपको आंखों में ड्राइनेस, जलन, धुंधला दिखना जैसी प्रॉब्लम्स महसूस हो रही हैं, तो ये संकेत है कि आपकी आंखे आपका ध्यान मांग रही हैं। ऐसे में योग को आप अपने रूटीन का हिस्सा बना सकते हैं। बेस्ट बात है कि इसके लिए आपको किसी खास चीज की जरूरत नहीं, जहां बैठे हैं वहीं इसे कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं आंखों के लिए सबसे बेस्ट योग कौन से हैं।

क्या योग से आंखों की रोशनी बढ़ाई जा सकती है?

सबसे पहले तो ये समझना जरूरी है कि योग किसी भी स्ट्रक्चरल विजन प्रॉब्लम जैसे चश्मे का नंबर या आंखों की कमजोरी को पूरी तरह ठीक नहीं कर सकता। हालांकि योग आंखों की मसल्स को रिलैक्स करने, ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करने और स्ट्रेस को कम करने में मदद करता है। इसका नियमित अभ्यास करने से आंखों पर पड़ रहा दबाव और भारीपन कम होता है, जिसे लोग अक्सर कमजोर आई साइट का लक्षण मान लेते हैं।

आंखों के लिए कौन से योग करना फायदेमंद है?

1) पामिंग: आंखों पर हथेलियां रखना

पामिंग आंखों को रिलेक्स करने की सबसे सिंपल और इफेक्टिव टेक्नीक है। इसके लिए अपनी दोनों हथेलियों को आपस में रगड़कर हल्का गर्म कर लें। अब इन्हें बंद आंखों पर रखें। रिलेक्स हो कर बैठ जाएं और 1-2 मिनट तक गहरी सांस लें। ध्यान रहे आंखों पर जायद दबाव नहीं बनाना है। इससे आंखों को तुरंत आराम मिलता है और स्ट्रेस सभी कम होता है।

2) आई रोटेशन से मजबूत होंगी आंखों की मसल्स

आई रोटेशन के लिए सबसे पहले रिलैक्स हो कर बैठ जाएं। अब धीरे-धीरे अपनी आंखों को क्लॉकवाइज (घड़ी की दिशा में), फिर एंटीक्लॉकवाइज (घड़ी की उल्टी दिशा में) घुमाएं। हर दिशा में आप 5-10 रोटेशन कर सकते हैं। यह एक्सरसाइज आंखों की मांसपेशियों को एक्टिव करती है और फोकस बेहतर करने में मदद करती है।

3) ब्लिंकिंग एक्सरसाइज भी है जरूरी

कई बार हम स्क्रीन देखते हुए पलक झपकाना ही भूल जाते हैं। ऐसे में थोड़ी देर की ब्लिंकिंग एक्सरसाइज आपकी आंखों को रिलेक्स कर सकती है। इसके लिए 10-15 सेकेंड तक तेजी से पलकों को झपकाएं, फिर आँखें बंद कर के कुछ देर रिलेक्स करें। इसे आप 3-4 बार रिपीट कर सकते हैं। इससे आंखों की नमी बनी रहती है और ड्राइनेस की समस्या कम होती है।

4) प्राचीन त्राटक क्रिया

त्राटक एक प्राचीन योग क्रिया है, जिसे आंखों के लिए तो फायदेमंद माना ही जाता है, साथ ही ये फोकस को इंप्रूव करने में भी मदद करती है। इसके लिए एक अंधेरे कमरे में बैठें और कुछ दूर रखी मोमबत्ती या दीए की लौ पर ध्यान केंद्रित करें। इस दौरान पलकों को झपकाना नहीं होता है, आँखें थक जाएं तो उन्हें सिर्फ बंद कर लें। इसका नियमित अभ्यास आंखों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है।

5) फोकस शिफ्टिंग करें

अगर आपका ज्यादातर समय स्क्रीन के आगे ही बीतता है तो ये प्रैक्टिस आपको जरूर करनी चाहिए। इसके लिए अपने अंगूठे को आंखों के सामने रखें और कुछ सेकंड तक उस पर ध्यान केंद्रित करें। इसके बाद अपना फोकस किसी दूर की चीज पर शिफ्ट करें। इसी प्रक्रिया को 10 से 15 बार दोहराएं। इसे नियमित रूप से करने पर आंखों का फोकस मजबूत होता है और थकान भी कम महसूस होती है।

आंखें की सेहत के लिए जरूरी टिप्स

  • स्क्रीन यूज करते हुए छोटे छोटे ब्रेक लें। आधा घंटा या 40 मिनट में थोड़ा सा रुक जाना काफी है।
  • 20-20-20 रूल फॉलो करें। इसके लिए हर 20 मिनट में 20 फीट दूरी पर रखी किसी वस्तु को देखें और 20 सेकंड तक ध्यान केंद्रित करें।
  • स्क्रीन की ब्राइटनेस कम रखें। हो सके तो रात में सोने से पहले अवॉइड ही करें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं और अपनी डाइट में विटामिन ए से भरपूर चीजें शामिल करें।
  • रोज 10-15 मिनट अपनी आंखों के लिए निकालें। इनमें आप बताए गए योग प्रैक्टिस कर सकते हैं।

पाठकों के लिए नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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