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प्लांट में प्रोडक्शन रोके जाने की आई खबर, क्रैश हो गया टाटा का यह शेयर

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Source :- LIVE HINDUSTAN

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयर की बात करें तो 318.10 रुपये की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले 301.10 रुपये के निचले स्तर तक आ गया। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो भी है। इस तरह, शेयर में 5 पर्सेंट से ज्यादा की गिरावट आ गई है।

Tata Motors Passenger Vehicles share: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स (PV) से जुड़ी एक ऐसी खबर आई कि निवेशकों में यह शेयर बेचने की होड़ सी लग गई। दरअसल, कंपनी के लग्जरी ब्रांड जगुआर लैंड रोवर (JLR) के यूके स्थित सोलिहुल प्लांट में अस्थायी रूप से उत्पादन रोकने की खबर थी। इस खबर के बाद शुक्रवार को टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयर की निवेशकों ने जमकर बिकवाली की।

शेयर का परफॉर्मेंस

टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयर की बात करें तो 318.10 रुपये की पिछली क्लोजिंग के मुकाबले 301.10 रुपये के निचले स्तर तक आ गया। यह शेयर के 52 हफ्ते का लो भी है। इस तरह, शेयर में 5 पर्सेंट से ज्यादा की गिरावट आ गई है। जून 2025 में शेयर 459.67 रुपये तक गया था। यह शेयर के 52 हफ्ते का हाई है।

क्या है मामला?

दरअसल, मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया जा रहा था कि टाटा मोटर्स के प्रीमियम वाहन व्यवसाय वाली कंपनी जगुआर लैंड रोवर ने ब्रिटेन के सोलिहुल प्लांट में कुछ कारों का उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया है। इस खबर के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज ने कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा।

इसके जवाब में स्पष्टीकरण देते हुए टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड ने स्टॉक एक्सचेंज से कहा- हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि यह रोक एक सप्लायर की ओर से पार्ट्स की आपूर्ति में आई कमी के कारण लगाई गई है। यह रुकावट थोड़े समय के लिए है और इसका दायरा भी सीमित है। आधिकारिक बयान के अनुसार, कुछ वाहन लाइनों पर उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है और JLR इस समस्या को हल करने के लिए सप्लायर के साथ मिलकर काम कर रहा है।

कंपनी ने साफ किया कि सप्लाई चेन से जुड़ी सामान्य चर्चाएं ही चल रही हैं और कोई ऐसी जानकारी नहीं है जो हाल के शेयर प्राइस या वॉल्यूम मूवमेंट की वजह बन सकती हो। इसके साथ ही, कंपनी ने पुष्टि की कि कोई रेगुलेटरी या लीगल प्रोसीडिंग्स भी शुरू या समाप्त नहीं हुई हैं जिनका डिस्क्लोजर जरूरी हो।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

एक्सपर्ट के अनुसार, तकनीकी रूप से भी यह शेयर कमजोरी के संकेत दे रहा है। पृथ्वी फिनमार्ट के AVP और टेक्निकल इक्विटी रिसर्च हेड हरीश जुजारे ने कहा कि कंपनी का शेयर अगस्त 2024 से ही करेक्शन फेज में है। इस स्टॉक ने पहले ₹325 के आस-पास सपोर्ट लिया था, जो 2022 का स्विंग हाई भी था, और फिर लगभग एक साल तक एक कंसोलिडेशन रेंज में बना रहा। मार्च 2026 के पहले हफ्ते में यह इस सपोर्ट लेवल से नीचे गिर गया, जिससे इसमें नई कमजोरी का संकेत मिला।

अब, यह स्टॉक धीरे-धीरे अपने अगले अहम सपोर्ट लेवल ₹297 की ओर बढ़ रहा है। यह लेवल 39 (2020 का निचला स्तर) से लेकर 714 (डी-मर्जर के बाद का उच्चतम स्तर) तक की पूरी तेजी का 61.8% फिबोनाची रिट्रेसमेंट है। बता दें कि फिबोनाची रिट्रेसमेंट ट्रेडिंग और टेक्निकल एनालिसिस में इस्तेमाल होने वाला एक बहुत लोकप्रिय टूल है। यह स्टॉक, फॉरेक्स, कमोडिटी या क्रिप्टोकरेंसी के प्राइस चार्ट पर संभावित सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स को ढूंढने में मदद करता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN