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पाक-अफगान तनाव के बीच मध्यस्थता के लिए आया इस्लामिक देश, तालिबान बातचीत के लिए तैयार

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Source :- LIVE HINDUSTAN

पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच जारी संघर्ष के बीच काबुल समेत कई बड़े शहरों पर हमला बोला है। जमीनी स्तर पर तालिबानी लड़ाके पाकिस्तान को परेशान किए हुए हैं। तालिबान के शासकों की तरफ से कहा गया है कि वह बातचीत के लिए तैयार हैं। पिछली बार सफलतापूर्वक शांति वार्ता करवा चुका कतर एक बार फिर आगे आया है।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी युद्ध खूनी होता जा रहा है। दोनों पक्षों की तरफ से एक-दूसरे को कई दर्जन सैनिकों को मारने का दावा किया जा रहा है। तालिबान की तुलना में मजबूत वायुसेना के दम पर पाकिस्तान लगातार अफगानिस्तान में घुसकर हमले कर रहा है। काबुल,कांधार के साथ-साथ अफगानिस्तान के कई बड़े शहरों में बमबारी की गई है। सीमा पर अफगान लड़ाके भी पाकिस्तानी सेना को जमकर निशाना बना रहे हैं। इसी बीच दोनों पक्षों के बीच पहले सफलतापूर्वक मध्यस्थता करवा चुका कतर आगे आया है। उसने दोनों पक्षों से बातचीत की है। तालिबान शासकों ने शुक्रवार को कहा कि वह बातचीत के लिए तैयार हैं। वहीं,पाकिस्तान की तरफ से इस संघर्ष को खुला युद्ध कहा जा रहा है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अफगान विदेश मंत्रालय ने बताया कि तालिबानी विदेश मंत्री मुत्ताकी ने कतर के उप विदेश मंत्री अब्दुलअजीज अल खलीफी से फोन पर बातचीत की है। मुत्ताकी ने साफतौर पर अपना पक्ष रखते हुए कहा, “अफगानिस्तान ने कभी हिंसा का समर्थन नहीं किया और हमेशा आपसी समझ और सम्मान के आधार पर मुद्दों को सुलझाने को प्राथमिकता दी है। लेकिन यह तरीका तभी प्रभावी होगा जब दूसरा पक्ष भी समाधान खोजने के लिए व्यावहारिक और ईमानदार इच्छाशक्ति दिखाए।”

कतर भले ही दोनों पक्षों में शांति करवाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन पाकिस्तान तालिबान के ऊपर अपनी वायुसेना की मजबूती दिखाने से पीछे नहीं हट रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ की तरफ से गुरुवार को कहा गया, ‘अब सब्र का बांध तालिबान के खिलाफ अब पाकिस्तान खुले युद्ध में उतर चुका है।’ वहीं पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने तालिबान को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि तालिबान द्वारा अगर उकसावे की कार्रवाई की गई, तो फिर मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

इससे पहले, रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि काबुल में तेज धमाकों और लड़ाकू विमानों की आवाज के बाद कई सायरन सुनाई दिए हैं। तालिबान प्रवक्ता जबुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तानी बलों ने गुरुवार रात काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ हिस्सों पर हवाई हमले किए, जबकि शुक्रवार को पक्तिया, पक्तिका, खोस्त और लगमान को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि गुरुवार रात के हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन शुक्रवार के हमलों में नागरिक हताहत हुए। हालांकि उन्होंने संख्या नहीं बताई। मुजाहिद ने कहा, “अफगानिस्तान के इस्लामी अमीरात ने हमेशा संवाद के जरिए मुद्दों को सुलझाने की कोशिश की है और अब भी हम इस मामले को बातचीत से सुलझाना चाहते हैं।”

आपको बता दें, दोनों देशों की तरफ से अभी तक कई लगातार एक-दूसरे पर हमला किया जा रहा है। पाकिस्तान की तरफ से लगातार तालिबान के ऊपर टीटीपी के लड़ाकों को पनाह देने का आरोप लगाया जाता रहा है, जबकि तालिबान लगातार ऐसे किसी भी आरोप को सिरे से खारिज करता आ रहा है। इसी आरोप के चलते पाकिस्तान की तरफ से अफगानिस्तान की जमीन पर हमला किया गया। बाद में इसका जवाब देते हुए गुरूवार रात और शुक्रवार तड़के अफगान लड़ाकों ने डूरंड लाइन पर हमला बोल दिया। तालिबान के मुताबिक इस हमले में उन्होंने करीब 55 सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया है। वहीं, इसके बाद पाकिस्तान ने काबुल समेत कई बड़े शहरों पर वायुसेना के जरिए हमला बोल दिया। पाकिस्तान की तरफ से दावा किया जा रहा है कि इन हमलों में उसने करीब 274 तालिबानी लड़ाकों को मार दिया है, जबकि उसके 12 से 14 सैनिक मारे गए हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN