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नेतन्याहू ने किया जीसस का अपमान; ईरानी विदेश मंत्री का आरोप, चंगेज खान का जिक्र

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Source :- LIVE HINDUSTAN

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के ऊपर जीसस क्राइस्ट के अपमान का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने चंगेज खान की तारीफ करने के लिए भी नेतन्याहू की निंदा की।

ईरान में जारी युद्ध को आज 21 दिन हो गए हैं। इन दिनों में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को जमकर निशाना बनाया है। अब इस युद्ध में जीसस क्राइस्ट और चंगेज खान की एंट्री हो गई है। नेतन्याहू के एक पुराने बयान के आधार पर ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आरोप लगाया है कि इजरायली प्रधानमंत्री ने ईसाई समुदाय की भावनाओं का अपमान किया है। इस बयान के आधार पर उन्होंने यहूदियों और ईसाइयों के बीच के तनाव को एक बार फिर से बढ़ाने की कोशिश की। इतना ही नहीं नेतन्याहू द्वारा अपने बयान में चंगेज खान का जिक्र करने पर भी अराघची ने आपत्ति जताई है।

सोशल मीडिया साइट एक्स पर नेतन्याहू का एक वीडियो शेयर करते हुए अराघची ने उन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने लिखा, “अमेरिका के ईसाइयों की सद्भावना पर निर्भर रहने वाला व्यक्ति ईसा मसीह का खुला तिरस्कार कर रहा है, यह वाकई आश्चर्यजनक है।” नेतन्याहू द्वारा चंगेज खान की तारीफ करने के प्रति भी अराघची ने अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने कहा, “चंगेज खान जैसे शासक, जिसने हमारे क्षेत्र का सबसे बड़ा नरसंहार किया हो, उसकी खुली तारीफ करना। नेतन्याहू के वांछित अपराधी होने के दर्जे के अनुरूप है। वह ऐसा कर सकते हैं।”

क्या कहा था नेतन्याहू ने?

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा गुरुवार को दिए गए एक बयान को लेकर उस वक्त विवाद खड़ा हो गया था, जब उन्होंने उदाहरण के तौर पर ईसा मसीह और चंगेज खान का जिक्र किया था। उन्होंने कहा, “ईसा मसीह को चंगेज खान पर कोई बढ़त हासिल नहीं है। अगर आप पर्याप्त मजबूत, निर्दयी और शक्तिशाली नहीं हैं, तो बुराई, अच्छाई पर हावी हो जाती है।”

नेतन्याहू के इस बयान के बाद उनकी काफी आलोचना हुई थी। अमेरिका में भी लोगों ने उनके इस बयान को ईसाई विरोधी करार दिया था। गौरतलब है कि इस बयान को तूल देकर अराघची यहूदियों और ईसाइयों के बीच की लड़ाई को एक बार फिर से ताजा करना चाहते हैं। क्योंकि फिलहाल ईसाई देश अमेरिका और यहूदी देश इजरायल मिलकर उनके देश पर हमला कर रहे हैं।

इजरायल ने दी सफाई

नेतन्याहू के इस बयान पर बढ़ते विवाद को देखते हुए इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने स्थिति को स्पष्ट करने की कोशिश करते हुए कहा कि पीएम ने केवल इतिहासकार विल ड्यूरेंट के एक विचार का जिक्र किया था। कार्यालय ने अपने आधिकारिक हैंडल से पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “ईसा मसीह के एक बड़े प्रशंसक ड्यूरेंट का मानना था कि केवल नैतिकता ही अस्तित्व सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। एक नैतिक रूप से श्रेष्ठ सभ्यता भी यदि अपने बचाव के लिए पर्याप्त शक्ति नहीं रखती, तो वह एक निर्दयी दुश्मन के हाथों गिर सकती है।” नेतन्याहू ने अंत में कहा, “किसी को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था।”

ईसा मसीह ईसाई धर्म के प्रवर्तक थे। वह शांति, अहिंसा, दया और करूणा की बात करते थे। तो वहीं, चंगेज खान 12वीं सदी का एक क्रूर मंगोल शासक था, जिसने अपने समय में पश्चिम एशिया में जमकर कत्लेआम किया था। आज का ईरान और इराक वाला इलाका उसका सबसे बड़ा शिकार बना था।

गौरतलब है कि ऐतिहासिक रूप से ईसाइयों और यहूदियों के बीच में लड़ाई होती रही है। यहूदियों को इन देशों में अपमान का सामना भी करना पड़ा है। ऐसी स्थिति में अगर नेतन्याहू के ऊपर जीसस क्राइस्ट के अपमान का आरोप लगता है, तो यह कट्टरपंथी ईसाइयों को गुस्सा दिलाने वाला कारण होगा। दूसरे विश्व युद्ध हिटलर द्वारा नरसंहार करने के प्रमुख कारणों में से एक कारण यह भी था कि कई ईसाई जीसस क्राइस्ट की मृत्यु के लिए यहूदियों को ही दोषी मानते हैं। इस विश्व युद्ध के बाद जब यहूदियों को अपना देश मिला, तो उस वक्त वह पूरी दुनिया से निकलर यहां पहुंचे। तब से लेकर अब तक वह मुस्लिम पड़ोसी देशों से अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN