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नेतन्याहू ने कहा- जंग कब ख़त्म होगी, नहीं बता सकते, ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट पर लगाएगा टोल

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Source :- BBC INDIA

बिन्यामिन नेतन्याहू

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एक घंटा पहले

पढ़ने का समय: 8 मिनट

इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने एक अमेरिकी टीवी चैनल से कहा कि वो ईरान के साथ जंग ख़त्म करने की तारीख़ नहीं बताना चाहते.

इसराइली प्रधानमंत्री ने यूएस टीवी कंपनी न्यूज़मैक्स से कहा, “ईरान के साथ जंग ख़त्म होने की कबतक संभावना है, मैं इसकी कोई तारीख़ नहीं बताना चाहता.”

एएफ़पी न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्टों के मुताबिक़, नेतन्याहू ने कहा कि निश्चित रूप से ‘जंग आधे से ज़्यादा पूरी हो चुकी है और ईरान का इस्लामिक रिपब्लिक आख़िरकार अंदर से ही टूट जाएगा.’

ईरान के साथ जंग को लेकर नेतन्याहू की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब डोनाल्ड ट्रंप और व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारी लगातार इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि ईरान के साथ जंग “कुछ हफ़्तों तक चलेगी, महीनों तक नहीं.”

इस बीच ख़बरें आ रही हैं कि होर्मुज़ स्ट्रेट पर ट्रांज़िट टोल लगाने की योजना को ईरान की संसदीय समिति की ओर से मंज़ूरी मिल गई है.

ट्रंप ने कुछ दिन पहले होर्मुज़ स्ट्रेट के ब्लॉकेड को खोलने के लिए ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया, हालांकि बाद में उसे बढ़ा दिया था.

इस संकरे जलमार्ग से दुनिया के 20 प्रतिशत तेल व्यापार की आवाजाही होती है लेकिन 28 फ़रवरी को ईरान पर इसराइल-अमेरिका के हमले के बाद से यह महत्वपूर्ण तेल मार्ग लगभग बंद है.

समुद्री आवाजाही पर नज़र रखने वाली फ़र्म केप्लर के अनुसार, जंग शुरू होने के बाद से इस रास्ते से जहाज़ों की आवाजाही 95 प्रतिशत तक गिर गई है.

‘होर्मुज़ पर टोल सिस्टम को मंज़ूरी’

होर्मुज़ स्ट्रेट

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इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गॉर्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) से संबंधित फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक़, ईरान की एक संसदीय कमेटी ने होर्मुज़ स्ट्रेट पर टोल लगाने की योजना को मंज़ूरी दे दी है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि नेशनल सिक्योरिटी कमीशन के एक सदस्य ने इस योजना को मंज़ूरी मिलने की पुष्टि की है. इस योजना के तहत इस स्ट्रेट से अमेरिकी और इसराइली जहाज़ों को गुजरने से प्रतिबंधित कर दिया जाएगा.

इसके अलावा ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाने में साझीदार देशों को भी इस मार्ग के इस्तेमाल से रोक दिया जाएगा.

एएफ़पी न्यूज़ एजेंसी ने रिपोर्ट किया है कि नए टोल सिस्टम की घोषणा सरकारी टेलीविज़न पर हुई, जिसमें कहा गया है कि ईरान, इस योजना को ओमान के सहयोग से लागू करेगा.

इस बीच कुवैत ने कहा है कि ईरान ने दुबई पोर्ट पर कच्चे तेल से भरे एक विशाल टैंकर पर हमला कर दिया है, जिससे उसमें आग लग गई है.

कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने इस हमले को बर्बर ईरानी हवाई हमला करार देते हुए कहा कि टैंकर को नुकसान पहुंचा है लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ.

इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा था कि ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट में एक ऐसा सिस्टम बनाने की कोशिश कर रहा है, जिसमें वह यह तय करेगा कि इस जलमार्ग से कौन गुज़रेगा.

उन्होंने कहा, “ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट पर नियंत्रण और टोल सिस्टम बनाने की धमकी दे रहा है. ऐसा होने नहीं दिया जाएगा.”

सऊदी अरब से अमेरिकी सेना को निकालने समय- अराग़ची

अब्बास अराग़ची

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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने सऊदी अरब से कहा कि “अमेरिकी सेनाओं को निष्कासित करने का समय आ गया है.”

सोमवार को एक्स पर एक पोस्ट में अराग़ची ने लिखा कि ईरान सऊदी अरब का ‘सम्मान’ करता है और उसे ‘भाईचारा वाला देश’ मानता है.

उन्होंने आगे कहा कि ईरान का यह अभियान एक ‘आक्रामक दुश्मन’ के ख़िलाफ़ है, जिसे ‘अरबों या ईरानियों के लिए कोई सम्मान नहीं है.’

अरागची ने अमेरिकी वायु सेना के एक दुर्घटनाग्रस्त विमान की तस्वीर को साझा करते हुए लिखा, “ज़रा देखिए हमने उनके वायु कमान का क्या हाल कर दिया.”

इस बीच बीबीसी के अमेरिकी मीडिया सहयोगी सीबीएस न्यूज़ के मुताबिक़, अमेरिकी नेवी सील्स (स्पेशल फ़ोर्स), आर्मी रेंजर्स और पैराट्रूपर्स मध्य-पूर्व पहुँच चुके हैं.

सीबीएस का कहना है कि मध्य-पूर्व में तैनात अमेरिकी स्पेशल फ़ोर्सेज़ में सैकड़ों नेवी सील्स और आर्मी रेंजर्स शामिल हैं. इसके अलावा अमेरिकी मरीन्स और पैराट्रूपर्स भी क्षेत्र में मौजूद हैं.

ईरान के ऊर्जा ढांचे को नष्ट कर देंगे-ट्रंप

व्हाइट हाउस प्रवक्ता कैरोलिन लेविट

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उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर जल्द ही कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों, तेल के कुओं और डीसेलिनेशन प्लांटों (पानी शुद्ध करने वाले संयंत्र) को ‘पूरी तरह से नष्ट’ कर देगा.

ट्रंप ने यह भी दावा किया है कि ईरान के साथ ‘गंभीर” बातचीत चल रही है, लेकिन चेतावनी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका उन ठिकानों को निशाना बनाएगा जिन्हें उसने “जानबूझकर पहले कभी नहीं छुआ है.” उन्होंने खार्ग द्वीप पर स्थित मुख्य ईंधन निर्यात केंद्र पर कब्ज़ा करने की अपनी धमकियों को भी दोहराया है.

ट्रंप की धमकी को व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट ने भी दोहराया है.

एक प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान लेविट ने कहा कि अमेरिका ने अभी तक ईरान में 11,000 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है और उसने 150 जहाज़ों को नष्ट कर ईरानी नेवी को ध्वस्त कर दिया है.

उन्होंने कहा कि ट्रंप ने ईरान में ज़मीनी हमले से इनकार नहीं किया है लेकिन ट्रंप की पहली पसंद कूटनीति है.

लेविट ने ज़ोर देकर कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है और जारी रहेगी.

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने अल जज़ीरा से कहा है कि होर्मुज़ स्ट्रेट को किसी न किसी तरह खुलवाना ही होगा.

उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने युद्ध के मक़सद पर ध्यान केंद्रित किए हुए है, जिसे महीनों नहीं, बल्कि कुछ हफ़्तों में पूरा करने का लक्ष्य है.

उन्होंने कहा, “इस समय अमेरिका लक्ष्य पूरा करने को लेकर प्रतिबद्ध है.”

अमेरिका के साथ बातचीत नहीं हो रही- ईरान

तेहरान पर हमला

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उधर, ईरान ने अमेरिका के साथ किसी तरह की बातचीत से इनकार किया है.

ईरान के विदेश मंत्री के प्रवक्ता ने एक बार फिर अमेरिका के अधिकारियों के साथ किसी भी तरह की बातचीत से इनकार किया है.

प्रवक्ता इस्माइल बाक़ेई ने कहा कि जंग के इन 31 दिनों में ईरान की अमेरिका के साथ “कोई बातचीत नहीं हुई है.”

उन्होंने एक ऑनलाइन बयान में कहा, “जो हुआ है वह केवल बातचीत के लिए एक अनुरोध और अमेरिका की तरफ़ से कुछ प्रस्तावों का भेजा जाना है, जो हमें कुछ मध्यस्थों, जिनमें पाकिस्तान भी शामिल है, के ज़रिए मिले हैं.”

उन्होंने आगे कहा, “हमारा रुख़ बिल्कुल साफ़ है. इस समय जब अमेरिका का सैन्य हमला और आक्रमण पूरी तीव्रता के साथ जारी है, हमारे सभी प्रयास और क्षमताएं ईरान की रक्षा में लगी हुई हैं.”

उन्होंने कहा, “हम कूटनीति के साथ हुए उस विश्वासघात को नहीं भूले हैं, जो एक साल से भी कम समय में दो बार हुआ.”

बिना होर्मुज़ स्ट्रेट खोले ट्रंप सैन्य अभियान ख़त्म करने को तैयार- रिपोर्ट

डोनाल्ड ट्रंप

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगियों से कहा है कि वह ईरान के ख़िलाफ़ सैन्य अभियान ख़त्म करने को तैयार हैं, भले ही होर्मुज़ स्ट्रेट काफ़ी हद तक बंद ही क्यों न रहे. यह दावा वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में किया गया है.

अख़बार ने प्रशासनिक अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि राष्ट्रपति ट्रंप और उनके सहयोगियों ने आकलन किया है कि इस अहम समुद्री रास्ते को जबरन खोलने का मिशन लड़ाई को उनकी तय समयसीमा (चार से छह हफ़्ते) से आगे ले जाएगा.

रिपोर्ट के मुताबिक़, ईरान की नौसेना और मिसाइल भंडार को गंभीर नुक़सान पहुंचाने के बाद, अब अमेरिका ईरान पर कूटनीतिक दबाव बनाए रखेगा ताकि व्यापार का प्रवाह फिर से शुरू हो सके.

बीबीसी ने इस पर टिप्पणी के लिए व्हाइट हाउस से संपर्क किया है.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

SOURCE : BBC NEWS