Source :- LIVE HINDUSTAN
Chaitra Navratri 2026: नवरात्रि व्रत की समाप्ति के बाद कलश में रखे नारियल और जल का क्या जाए, ये बहुत से लोग नहीं जानते हैं। इससे जुड़े कई नियम हैं जो आप कर सकते हैं। चलिए जानते हैं-
पूरे नौ दिनों तक चलने वाले नवरात्रि के त्यौहार का पारण अष्टमी और नवमी तिथि पर किया जाता है। इस दिन कन्या पूजन के साथ भक्त अपना उपवास खोलते हैं और देवी मां को विदा करते हैं। इस दौरान अक्सर लोगों में कन्फ्यूजन होती है कि पूजा में रखे नारियल और जल का क्या करना चाहिए। दरअसल नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना कर के देवी दुर्गा का आवाह्न किया जाता है, जिसमें एक कलश में नारियल और थोड़ा सा जल भर कर रखा जाता है। व्रत की समाप्ति के बाद इस नारियल और जल का क्या जाए, ये बहुत से लोग नहीं जानते हैं। इससे जुड़े कई नियम हैं जो आप कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं अष्टमी नवमी पर व्रत खोलने के बाद कलश में रखे नारियल और पानी का क्या करना चाहिए।
प्रसाद के रूप में ग्रहण करें नारियल
पूरे नौ दिनों तक पूजा में रखा होने के कारण ये नारियल प्रसाद स्वरूप होता है। इसलिए आप इसे प्रसाद की तरह बांट सकते हैं और खुद भी ग्रहण कर सकते हैं। खासतौर से कंजकों को नारियल का प्रसाद बांटना काफी शुभ माना जाता है। बाद में आप स्वयं भी इसे ग्रहण कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इससे सभी रोगों को बाधाओं का नाश होता है।
घर के मंदिर में भी रख सकते हैं नारियल
कहा जाता है कि पूरे नौ दिनों तक माता रानी के आगे रखा होने के कारण इस नारियल पर उनकी विशेष कृपा होती है। इसलिए इसे मंदिर में रखना भी शुभ माना जाता है। आप इसे कलश से हटाकर एक साफ लाल कपड़े या चुनरी में लपेट सकते हैं और फिर मंदिर में ही स्थापित कर सकते हैं। ये बहुत ही शुभ माना जाता है और कहते हैं कि इससे घर की नेगेटिविटी भी दूर होती है।
तिजोरी में रखना भी शुभ होता है
घर में पैसों से जुड़ी समस्याएं चल रही हैं या आप धन-धान्य में वृद्धि चाहते हैं, तो नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर अपनी तिजोरी में भी रख सकते हैं। ऐसा करना भी काफी शुभ माना जाता है। कहते हैं इससे माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और धन-धान्य में भी वृद्धि होती है।
नारियल और बाकी सामग्री को जल में प्रवाहित करें
पूजा में इस्तेमाल हुए श्रीफल को आप लाल कपड़े में लपेटकर बहते हुए जल में भी प्रवाहित कर सकते हैं। ऐसा करना भी शुभ माना जाता है। इसके अलावा कलश में इस्तेमाल हुई बाकी सामग्री जैसे आम के पत्ते, अक्षत और पुष्प आदि को भी जल में प्रवाहित किया जा सकता है। अगर कलश में सिक्के रखे हैं तो उन्हें अपने पर्स या तिजोरी में डाल सकते हैं।
कलश में रखे जल क्या करना चाहिए?
कलश में रखे जल का क्या करना चाहिए, ये भी एक कॉमन सवाल है। बता दें ये जल बहुत ही शुद्ध माना जाता है। कहते हैं पूरे नौ दिनों तक आप जो देवी की आराधना और मंत्र जाप करते हैं, ये जल उस पॉजिटिविटी को अपने अंदर सोख लेता है। इसलिए इसे फेंकने की गलती बिल्कुल ना करें। आप अपने पूरे घर में इसे छिड़क सकते हैं और स्टोर कर के भी रख सकते हैं, ताकि बाद में इसका छिड़काव घर में कर सकें।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN



