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धुरंधर 2 देख संदीप रेड्डी वांगा ने आदित्य धर को बताया काली नजर से बचने का तरीका- मुट्ठी भर लाल मिर्च नहीं बल्कि…

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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संदीप रेड्डी वांगा ने धुरंधर 2 देख ली और अपना रिव्यू ट्विटर पर पोस्ट कर दिया है। उन्होंने फिल्म को प्रोपागैंडा बताने वालों को जोकर कहा है। साथ ही आदित्य धर और रणवीर सिंह को बताया है कि धुरंधर द रिवेंज की नजर कैसे उतारें।

एनिमल डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा ने धुरंधर 2 की तारीफ में कुछ लिखा है। बीती रात वह प्रभास के साथ हैदराबाद में फिल्म देखने गए थे। वहां से उनकी तस्वीरें भी वायरल थीं। फिल्म देखने के बाद संदीप ने आदित्य धर ने फिल्म का रिव्यू लिखा है। उन्होंने इंडस्ट्री के उन लोगों को लताड़ा है जो धुरंधर को प्रोपागैंडा फिल्म बता रहे हैं। संदीप रेड्डी वांगा ने आदित्य धर को नजर उतारने का तरीका बताया है।

संदीप रेड्डी वांगा का ट्वीट

धुरंधर फ्रैंचाइची की फैन लिस्ट में संदीप रेड्डी वांगा का नाम भी शामिल हो गया है। बुधवार रात को वह प्रभास के साथ धुरंधर देखकर आए और ट्विटर पर रिव्यू लिखा है। संदीप लिखते हैं, राइटर्स और एक्टर्स ने प्रोपागैंडा पर अपना करियर बना लिया और इंडस्ट्री बिल्लियों की तरह चुप रही। अब यही जोकर धुरंधर का मजाक उड़ा रहे हैं। अगर आपकी पहली प्रवृत्ति मजाक उड़ाना है तो खुद को लिबरल मत बोलिए। पता नहीं सच को प्रोपागैंडा का दर्जा कबसे मिलने लगा…अजीब वक्त चल रहा है। अब पॉइंट पर आते हैं…

बताया नजर उतारने का तरीका

मैं आदित्य धर और रणवीर सिंह को बोलना चाहता हूं, ये काला दृष्टि (बुरी नजर) ऐसा नहीं जाएगा। मुट्ठी भर के लाल मिर्च से काम नहीं चलेगा, पूरा खेत जलाना पड़ेगा। बीती रात धुरंधर 2 द रिवेंज देखी। जबरदस्त फिल्म है।

पहले पार्ट की भी की थी तारीफ

उन्होंने पहले पार्ट के बाद सोशल मीडिया पर लिखा था कि धुरंधर उस मर्द की तरह बनी है जो कि ज्यादा बोलता नहीं लेकिन उसकी मर्दानगी भरी रीढ़ है। उन्होंने फिल्म के टाइटल, म्यूजिक,परफॉर्मेंस, स्क्रीनप्ले और डायरेक्शन सबकी तारीफ की थी।

आदित्य धर ने दिया था जवाब

इस पर आदित्य धर ने लिखा था, ‘थैंक यू डियर संदीप, आपसे तारीफ पाना बहुत बड़ी बात है। मुझे हमेशा से वो निडरता पसंद है जिसको लेकर आप अपने सिनेमा के साथ खड़े होते हो साथ ही वो बेधड़क और मस्कुलिन स्टोरी टेलिंग का तरीका। धुरंधर को ईमानदारी से, कंट्रोल करके और भरोसे के साथ बनाया गया है, आपको शब्दों से इस जर्नी को वैलिडेशन मिला है। आपके जैसे लोगों के साथ का आभारी हूं जो कि इंडियन सिनेमा को ईमानदार, जमीन से जुड़ा और मजबूत रखते हैं। दो फिल्ममेकर, अलग रास्ते लेकिन भाइयों की तरह एक मजबूत सिनेमा और हमारे देश को बहादुर कल की ओर ले जाने के लिए बढ़ रहे हैं। सिनेमा बहादुर लोगों को याद रखता है ना कि हां में हां मिलाने वाले को’

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