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तंग आ चुका हूं; ट्रंप और पुतिन पर ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कह दी बड़ी बात

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Source :- LIVE HINDUSTAN

ब्रिटिश प्रधानमंत्री स्टारमर ने कहा कि मैं इस बात से तंग आ चुका हूं कि पूरे देश में परिवार देखते हैं कि ऊर्जा के बिल ऊपर-नीचे हो रहे हैं, व्यवसायों के बिल ऊपर-नीचे हो रहे हैं और यह सब दुनियाभर में पुतिन या ट्रंप के कामों की वजह से हो रहा है।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने शुक्रवार को कहा कि ईरान को तबाह करने के संबंध में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया बयानबाजी ब्रिटिश मूल्यों के विपरीत है। दोनों नेताओं के बीच लगातार बढ़ते तनावपूर्ण संबंधों में यह एक नया टकराव का बिंदु है। कीर स्टारमर ने यह भी कहा है कि वह इस बात से तंग आ चुके हैं कि मध्य पूर्व में डोनाल्ड ट्रंप के कामों का ब्रिटिश जनता पर कितना असर पड़ रहा है। ऐसा कहते हुए वह अमेरिकी राष्ट्रपति और व्लादिमीर पुतिन के बीच तुलना करते हुए भी दिखे।

गुरुवार को ITV के रॉबर्ट पेस्टन से बात करते हुए प्रधानमंत्री स्टारमर ने कहा, “मैं इस बात से तंग आ चुका हूं कि पूरे देश में परिवार देखते हैं कि ऊर्जा के बिल ऊपर-नीचे हो रहे हैं, व्यवसायों के बिल ऊपर-नीचे हो रहे हैं और यह सब दुनियाभर में पुतिन या ट्रंप के कामों की वजह से हो रहा है।” स्टारमर, जिनकी ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध में ब्रिटिश सेना को न भेजने के लिए कड़ी आलोचना की थी, और कभी-कभी उनका मजाक भी उड़ाया था- ने बेंजामिन नेतन्याहू की भी निंदा की।

उन्होंने इजरायल द्वारा लेबनान पर लगातार किए जा रहे हमलों की आलोचना की, जबकि ईरान ने 7 अप्रैल को हुए संघर्ष-विराम समझौते में लेबनान को भी शामिल करने की अपील की थी। उन्होंने कहा, “मैं इस बारे में बिल्कुल साफ कहना चाहूंगा। ये ऐसे शब्द नहीं हैं जिनका इस्तेमाल मैं करूंगा, कभी भी नहीं करूंगा, क्योंकि मैं इस मामले को अपने ब्रिटिश मूल्यों और सिद्धांतों के नजरिए से देखता हूं।” उनसे मंगलवार को ट्रंप की ‘ट्रुथ सोशल’ पोस्ट के बारे में पूछा गया था, जिसमें उन्होंने तेहरान को चेतावनी दी थी कि या तो वह कोई समझौता कर ले, या फिर उसे गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ेगा।

होर्मुज पर ट्रंप से की बात

स्टार्मर ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने और ट्रंप ने एक दिन पहले इस बात पर चर्चा की थी कि होर्मुज स्ट्रेट को कैसे खोला जाए। स्टार्मर ने कहा, “हम देशों का एक गठबंधन बना रहे हैं… एक राजनीतिक और कूटनीतिक योजना पर काम कर रहे हैं, लेकिन साथ ही हम सैन्य क्षमताओं और… स्ट्रेट से जहाजों को गुजारने की लॉजिस्टिक्स पर भी विचार कर रहे हैं।” इस जलमार्ग के फिर से खुलने से सैकड़ों फंसे हुए टैंकर और अन्य जहाज मुक्त हो जाएंगे, और सात अप्रैल को घोषित दो हफ्ते के संघर्ष-विराम की यह एक शर्त भी थी। जहाजों की आवाजाही पर नज़र रखने वाले डेटा के अनुसार, शुक्रवार को पिछले 24 घंटों में खाड़ी से बाहर निकलने के लिए इस स्ट्रेट को पार करने वाला ईरान से जुड़ा हुआ कोई बड़ा जहाज़ नहीं था, जबकि सामान्य तौर पर लगभग 140 जहाज यहां से गुजरते हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN