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डर नहीं, जागरूकता जरूरी: कैंसर और खान-पान का कनेक्शन, न्यूट्रिशनिस्ट से जानें

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Source :- LIVE HINDUSTAN

कैंसर का खतरा एक दिन या एक खाने से नहीं बढ़ता, बल्कि सालों की आदतों से बनता है। जानिए किन खाद्य पदार्थों को बार-बार खाने से कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है और क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स।

आज के समय में कैंसर को लेकर डर और भ्रम दोनों ही तेजी से बढ़ रहे हैं। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर मिलने वाली अधूरी जानकारी अक्सर लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि कोई एक खाना या एक गलत आदत तुरंत कैंसर का कारण बन सकती है। लेकिन सच्चाई इससे कहीं ज्यादा संतुलित और वैज्ञानिक है।

न्यूट्रिशनिस्ट Leema Mahajan और World Health Organization (WHO) के अनुसार कैंसर का जोखिम एक दिन या एक बार के खाने से नहीं, बल्कि वर्षों तक बनी रहने वाली फूड हैबिट्स और लाइफस्टाइल एक्सपोजर से बढ़ता है। यह जानकारी डर फैलाने के लिए नहीं, बल्कि लोगों को सचेत और जागरूक बनाने के लिए है ताकि वे रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों में समझदारी से बदलाव कर सकें और लंबी अवधि में अपनी सेहत को सुरक्षित रख सकें।

1. प्रोसेस्ड मीट (Processed Meat – Group 1)

सॉसेज, बेकन, हैम, सलामी जैसे मीट प्रोडक्ट्स में प्रिजर्वेटिव्स (नाइट्रेट्स/नाइट्राइट्स) और स्मोकिंग प्रोसेस शामिल होती है। ये केमिकल्स शरीर में जाकर ऐसे कंपाउंड बनाते हैं जो आंतों की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। लंबे समय तक रोजाना सेवन कोलोरेक्टल कैंसर के रिस्क से जुड़ा पाया गया है।

सलाह: रोजाना नहीं, और संभव हो तो अवॉइड करें।

2. बहुत ज्यादा नमक वाले अचार और फूड्स

बहुत खारे अचार, पारंपरिक सॉल्टेड फिश या अत्यधिक नमक वाले फूड पेट की अंदरूनी परत को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे पेट की म्यूकोसा कमजोर होती है और समय के साथ stomach cancer का खतरा बढ़ सकता है।

सलाह: सीमित मात्रा, कम नमक वाले घरेलू विकल्प चुनें।

3. बहुत ज्यादा तले या जले हुए फूड्स (Acrylamide – Group 2A)

चिप्स, फ्राइज, बहुत डार्क ब्राउन तली चीजों में हाई टेम्परेचर पर acrylamide बनता है। यह एक संभावित carcinogen माना जाता है।

सलाह: हल्का सुनहरा रंग आने तक ही तलें, जले हिस्से ना खाएं।

4. स्मोकिंग और पैसिव स्मोकिंग (Group 1)

सिगरेट या बीड़ी का धुआं सिर्फ फेफड़ों तक सीमित नहीं रहता। यह मुंह, फूड पाइप, पेट और अग्न्याशय तक असर डालता है। पैसिव स्मोकिंग भी उतनी ही खतरनाक है।

सलाह: कोई सेफ लिमिट नहीं- पूरी तरह बचाव जरूरी।

5. सुपारी / Areca Nut (Group 1)

सुपारी भारत में सबसे ज्यादा अनदेखा किया गया कैंसर रिस्क है। यह मुंह के अंदर फाइब्रोसिस पैदा करती है, जो आगे चलकर oral cancer में बदल सकता है।

सलाह: पूरी तरह छोड़ना ही सुरक्षित विकल्प है।

6. शराब (Alcohol – Group 1)

शराब शरीर में जाकर एसिटाल्डिहाइड बनाती है, जो DNA को नुकसान पहुंचा सकती है। ब्रेस्ट, लीवर, गले और फूड पाइप कैंसर से इसका सीधा संबंध पाया गया है।

सलाह: कैंसर रिस्क के लिए कोई safe मात्रा नहीं- जितना कम, उतना बेहतर।

7. बहुत गरम पेय (>65°C)

जलती हुई चाय, कॉफी या सूप बार-बार पीने से फूड पाइप की परत घायल होती रहती है। बार-बार की चोट से कैंसर रिस्क बढ़ सकता है।

सलाह: पीने से पहले ठंडा होने दें।

8. खराब तरीके से स्टोर किए गए अनाज

नमी में रखे चावल, गेहूं, मक्का में फंगस पनप सकता है। इससे बनने वाले aflatoxins लीवर के लिए बेहद खतरनाक होते हैं।

सलाह: अनाज सूखी और हवादार जगह में रखें।

9. जले हुए तंदूरी या BBQ फूड्स

बहुत ज्यादा जले मांस या सब्जियों में PAHs और HCAs बनते हैं। ये लंबे समय में कैंसर रिस्क बढ़ा सकते हैं।

सलाह: जले हिस्से निकाल दें, साथ में सलाद और सब्जियां खाएं।

10. रेड मीट (Red Meat – Group 2A)

बीफ, मटन का ज्यादा और बार-बार सेवन। खासकर हाई-हीट कुकिंग में रिस्क बढ़ाता है।

सलाह: 350–500 ग्राम cooked meat/हफ्ता तक सीमित रखें।

11. बार-बार गर्म किया हुआ तेल

तेल को बार-बार गरम करने से उसमें toxic aldehydes बनते हैं। ये सूजन और कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

सलाह: 2–3 बार से ज्यादा तेल ना री-हीट करें।

हेल्थ नोट: कैंसर का खतरा एक दिन या एक प्लेट से नहीं, बल्कि सालों की आदतों से बनता है। संतुलन, सीमित मात्रा और सही कुकिंग मेथड ही असली सुरक्षा है। इसके अलावा किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए अन्य डॉक्टर से उचित सलाह ले सकते हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN