Source :- LIVE HINDUSTAN
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका की ओर से बड़ा बयान सामने आया है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने मंगलवार को पेंटागन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध में आने वाले दिन निर्णायक साबित होंगे।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका की ओर से बड़ा बयान सामने आया है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने मंगलवार को पेंटागन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि ईरान के साथ चल रहे युद्ध में आने वाले दिन निर्णायक साबित होंगे। हेगसेथ ने जोर देकर कहा कि पश्चिम एशिया में यह संघर्ष केवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शर्तों पर ही समाप्त होगा। उन्होंने आगे कहा कि चल रहे अभियान में सफलता की कुंजी अप्रत्याशित बने रहना है। रक्षा सचिव ने स्पष्ट किया कि अमेरिका ईरान में जमीन पर सेना भेजना नहीं चाहता, लेकिन अगर ऐसा कोई फैसला लिया भी जाता है तो वह किसी को पहले से नहीं बताएगा।
ट्रंप की शर्तों पर खत्म होगा युद्ध
ईरान के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी पर ब्रीफिंग में हेगसेथ ने बताया कि वाशिंगटन संघर्ष को समाप्त करने के लिए बातचीत में सक्रिय रूप से लगा हुआ है। हालांकि, अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका अगले चार से आठ सप्ताह तक यह अभियान पूरे जोर-शोर से जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस दौरान उन्होंने कहा कि बातचीत जारी है और यह मजबूत हो रही है, लेकिन संघर्ष केवल हमारी और राष्ट्रपति ट्रंप की शर्तों पर ही खत्म होगा।
वहीं, जनरल डैन केन ने बताया कि अमेरिकी सेना ईरान की सैन्य क्षमता को लगातार नष्ट कर रही है। केन ने कहा कि हमने उनकी नौसेना में मौजूद जमरान क्लास के सभी फ्रिगेट्स समेत 150 से अधिक जहाजों को नष्ट कर दिया है। हम उनके रक्षा औद्योगिक आधार के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चला रहे हैं, जिसमें कारखाने, गोदाम, परमाणु हथियार अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशालाएं और युद्ध क्षमता को दोबारा खड़ा करने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा शामिल है।
होर्मुज जाओ और तेल लाओ: ट्रंप
इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में होर्मुज स्ट्रेट के कारण पैदा हुई तेल और जेट ईंधन की कमी से जूझ रहे देशों को सख्त चेतावनी दी। ट्रंप ने लिखा कि जिन देशों को होर्मुज के बंद होने के कारण जेट ईंधन नहीं मिल रहा है (खासकर यूनाइटेड किंगडम, जिसने ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान में शामिल होने से इनकार कर दिया) उनके लिए मेरा सुझाव है कि अमेरिका से खरीदें, हमारे पास भरपूर मात्रा में है। इसके अलावा दूसरा सुझाव ये है कि कुछ साहस जुटाएं, जलडमरूमध्य पर जाएं और उसे कब्जे में ले लें।
राष्ट्रपति ने आगे कहा कि आपको अब अपने लिए लड़ना सीखना होगा। अमेरिका अब आपकी मदद के लिए नहीं रहेगा, ठीक वैसे ही जैसे आप हमारी मदद के लिए नहीं थे। ईरान लगभग पूरी तरह से तबाह हो चुका है। मुश्किल काम हो गया है। अब जाकर अपना तेल खुद ले आओ।
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