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जो कल तक मांग रहा था भीख, उससे ही US को लेनी पड़ी मदद; ईरान जंग में किसके लिए आपदा में अवसर

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Source :- LIVE HINDUSTAN

ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यूक्रेन अमेरिका के साथ बड़े पैमाने पर ड्रोन उत्पादन समझौता करना चाहता है। हालांकि इसके लिए वाइट हाउस की मंजूरी जरूरी है और अभी तक इस पर अंतिम सहमति नहीं बन पाई है।

ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद मध्य-पूर्व में करीब दो हफ्तों से छिड़ी जंग ने विकारल रूप ले लिया है। ईरान एक तरफ खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहा है, तो दूसरी तरफ होर्मुज स्ट्रेट और फारस की खाड़ी में समुद्री बारूदी सुंरगे बिछाकर तेल ले जाने वाले जहाजों का रास्ता रोक रखा है। इससे दुनिया भर में ईंधन संकट गहरा गया है। इस बीच, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने गुरुवार को बड़ा दावा किया है। उन्होंने द न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि पिछले हफ्ते अमेरिका ने ईरान जंग के बीच यूक्रेन से मदद मांगी थी। जेलेंस्की ने दावा किया कि अमेरिका से मदद मांगे जाने पर कीव ने जॉर्डन में US मिलिट्री बेस की रक्षा में मदद के लिए इंटरसेप्टर ड्रोन और एक्सपर्ट दिए थे।

बड़ी बात यह है कि जो यूक्रेन रूस से पिछले चार साल से जंग लड़ रहा है और इस जंग के लिए हथियार से लेकर पैसे तक के लिए अमेरिका से मदद की गुहार लगाता रहा है, वह ईरान जंग में उसकी मदद कर रहा है। इतना ही नहीं जेलेंस्की ईरान युद्ध को यूक्रेन के लिए एक आपदा में अवसर की तरह भी भुनाने की कोशिशों में जुटे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि ईरान युद्ध के मौजूदा हालात को देखते हुए अमेरिका ड्रोन उत्पादन से जुड़े उनके प्रस्ताव पर दोबारा विचार करेगा। उन्होंने अमेरिका से ड्रोन उत्पादन समझौते की उम्मीद जताई है।

अमेरिका के साथ बड़ा ड्रोन समझौता प्रस्तावित

ज़ेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यूक्रेन अमेरिका के साथ बड़े पैमाने पर ड्रोन उत्पादन समझौता करना चाहता है। हालांकि इसके लिए वाइट हाउस की मंजूरी जरूरी है और अभी तक इस पर अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन के विकसित ड्रोन ईरानी डिजाइन के शाहेद ड्रोन और मिसाइलों के खिलाफ प्रभावी साबित हो सकते हैं। इसलिए अमेरिका को ड्रोन उत्पादन समझौते पर दस्तखत कर देना चाहिए।

रूस-यूक्रेन युद्ध से मिली तकनीकी बढ़त

दरअसल, रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में रूस ने कई बार ईरान द्वारा डिजाइन किए गए शाहेद ड्रोन का इस्तेमाल किया है। इसके जवाब में यूक्रेन ने इन ड्रोन को रोकने के लिए नई तकनीक और इंटरसेप्टर ड्रोन विकसित किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार हाल ही में अमेरिका ने यूक्रेन से सहायता भी मांगी थी। इसके तहत यूक्रेन ने जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों की सुरक्षा के लिए इंटरसेप्टर ड्रोन और विशेषज्ञ उपलब्ध कराए हैं।

ड्रोन कॉम्बैट हब का प्रस्ताव

यूक्रेनी अधिकारियों ने पहले अमेरिकी प्रशासन को एक प्रस्तुति भी दी थी, जिसमें ड्रोन कॉम्बैट हब बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। यह हब तुर्किए, जॉर्डन और फारस की खाड़ी के देशों में स्थापित किए जा सकते हैं, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। समाचार वेबसाइट Axios के अनुसार पिछले वर्ष जब यूक्रेन ने यह तकनीक अमेरिका को बेचने का प्रस्ताव दिया था, तब इसे गंभीरता से नहीं लिया गया था लेकिन मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और ड्रोन युद्ध के खतरे को देखते हुए अब इस प्रस्ताव पर दोबारा विचार की संभावना जताई जा रही है। अगर ऐसा होता है तो यह यूक्रेन के लिए आपदा में बड़ा अवसर हो सकता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN