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जॉर्जिया मेलोनी अचानक सऊदी अरब की यात्रा पर निकलीं, कतर और UAE भी जाएंगी; क्या है प्लान

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Source :- LIVE HINDUSTAN

खाड़ी क्षेत्र में ईरानी हमलों से ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे इटली चिंतित है। यात्रा का मुख्य फोकस ऊर्जा सुरक्षा पर केंद्रित रहने वाला है। युद्ध से पहले कतर से आयातित LNG इटली की कुल गैस खपत का 10% पूरा करती थी।

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने शुक्रवार को अचानक सऊदी अरब की यात्रा पर निकल गईं, जो कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भी जाएंगी। यह दो दिवसीय दौरा पहले से घोषित नहीं था और यूरोपीय संघ के किसी नेता की अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद सऊदी अरब की पहली यात्रा है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य ईरानी हमलों का सामना कर रहे खाड़ी देशों के साथ इटली का समर्थन जताना और इटली की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है। मेलोनी जेद्दा पहुंच चुकी हैं और क्षेत्र के शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगी। यह दौरा खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और ईरान की ओर से किए गए हमलों के बीच अहम माना जा रहा है।

खाड़ी क्षेत्र में ईरानी हमलों से ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे इटली चिंतित है। यात्रा का मुख्य फोकस ऊर्जा सुरक्षा पर केंद्रित रहने वाला है। युद्ध से पहले कतर से आयातित LNG इटली की कुल गैस खपत का लगभग 10 प्रतिशत पूरा करती थी, जबकि मध्य पूर्व से तेल आयात कुल तेल आयात का करीब 12 प्रतिशत था। हाल ही में इटली को सूचित किया गया कि उसके खाड़ी आपूर्तिकर्ता ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लगभग बंद होने के कारण एलएनजी डिलीवरी में विराम बढ़ा दिया है और अप्रैल से मध्य जून तक 10 कार्गो नहीं भेजेगा।

मेलोनी दौरे का क्या होगा असर

ईरानी हमलों से कतर की एलएनजी निर्यात क्षमता का 17 प्रतिशत नष्ट हो गया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर दबाव बढ़ गया है। इटली सरकार इस कमी को पूरा करने के लिए वैकल्पिक स्रोतों की तलाश कर रही है। अमेरिका के गोल्डन पास एलएनजी संयंत्र से जून से इटली को एलएनजी प्राप्त होना शुरू हो जाएगा। इसके अलावा, अल्जीरिया, अजरबैजान और अमेरिका जैसे देशों से गैस आपूर्ति पर बातचीत चल रही है।

जॉर्जिया मेलोनी की यह यात्रा सिर्फ समर्थन दिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि खाड़ी उत्पादकों के साथ निकट संपर्क बढ़ाकर इटली की राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास भी है। क्षेत्र में हजारों इतालवी नागरिक और सैनिक मौजूद हैं, इसलिए सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी प्रमुख हैं। इस दौरे से इटली और खाड़ी देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होने की उम्मीद है। यूरोप में गैस कीमतें पहले से ही बढ़ रही हैं। अगर होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट लंबा चला तो संकट और गहरा सकता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN