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जेरोधा के को-फाउंडर नितिन कामथ ने LPG समस्या पर दी सलाह, इस विकल्प पर दिया जोर

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Source :- LIVE HINDUSTAN

“जैसा कि कहावत है कि अच्छे संकट को कभी बेकार नहीं जाने देना चाहिए। अब समय आ गया है कि हम बायोगैस जैसे विकल्पों की ओर ध्यान दें। इस हम स्थानीय स्तर पर बना सकते है। पर्यावरण के लिहाज से भी यह काफी अच्छा है।”

देश में एलपीजी (LPG) की किल्लत के बीच जेरोधा के को फाउंडर और सीईओ नितिन कामथ (Nithin Kamath) ने कहा है कि देश को इस संकट को मौके में बदलने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकल स्तर पर बायोगैस का उत्पादन करने की कोशिश करनी चाहिए।

क्या कुछ लिखा है नितिन कामथ

नितिन कामथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखतें, “जो कुछ खाड़ी के देशों में हो रहा है, वह दर्शाता है कि भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक क्षेत्र पर कितना निर्भर है। हम ज्यादातर कच्चा तेल और नेचुरल गैस (LNG, PNG) बाहर से आयात करते हैं।” कामथ आगे लिखते हैं, “जैसा कि कहावत है कि अच्छे संकट को कभी बेकार नहीं जाने देना चाहिए। अब समय आ गया है कि हम बायोगैस जैसे विकल्पों की ओर ध्यान दें। इस हम स्थानीय स्तर पर बना सकते है। पर्यावरण के लिहाज से भी यह काफी अच्छा है।”

नितिन बताते हैं कि भारत अपनी बायोगैस उत्पादन क्षमता का 1 प्रतिशत से भी कम इस्तेमाल कर रहा है।

कामथ जलवायु, डीपटेक, फिनटेक, स्वास्थ्य और मीडिया के लिए बने ‘रेनमैटर इंडिया फंड’ के फाउंडर और समर्थक भी माने जाते हैं। यह फंड बायोगैस क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियों की मदद करता है।

सप्लाई चेन प्रभावित होने का देश पर पड़ा बुरा असर

युद्ध की वजह से गैस की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। जिसकी वजह से सरकार को नियमों में सख्ती करनी पड़ी। रेस्त्रां से लेकर होटल तक गैस की सप्लाई प्रभावित हुई।

पिछले दिनों दो एलपीजी शिप भारत के पोर्ट पर पहुंचे हैं। लेकिन यह भारत की जरूरत के हिसाब से नाकाफी है। केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों को एलपीजी प्रोडक्शन बढ़ाने का निर्देश दिया है। बता दें, विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान के अनुसार अभी खाड़ी के देशों में भारत के 22 जहाज फंसे हुए हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN