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जल्द कोई समझौता नहीं हुआ तो ईरान की एनर्जी फैसिलिटी तबाह कर देंगे, डोनाल्ड ट्रंप की धमकी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका एक नए और अधिक तर्कसंगत ईरानी शासन के साथ गंभीर चर्चा कर रहा है, लेकिन अगर डील नहीं बनी तो पुराने शासन के 47 साल के आतंक के बदले में यह कार्रवाई होगी।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के साथ जल्द कोई समझौता नहीं हुआ तो यूएस तेहरान की एनर्जी फैसिलिटी को नष्ट कर देगा। उन्होंने खासतौर पर खर्ग द्वीप, बिजली उत्पादन संयंत्रों, तेल कुओं और डेसालिनेशन प्लांटों को पूरी तरह से उड़ा देने की धमकी दी। यह चेतावनी होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत व्यापार के लिए खोलने की मांग के साथ जुड़ी है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिका एक नए और अधिक तर्कसंगत ईरानी शासन के साथ गंभीर चर्चा कर रहा है, लेकिन अगर डील नहीं बनी तो पुराने शासन के 47 साल के आतंक के बदले में यह कार्रवाई होगी। उन्होंने सैनिकों की मौत का हवाला देते हुए इसे बदला बताया। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिका ईरान में सैन्य अभियान समाप्त करने के लिए बातचीत कर रहा है और काफी प्रगति हुई है। उन्होंने कहा, ‘अगर किसी कारण से डील जल्द नहीं हुई और होर्मुज स्ट्रेट व्यापार के लिए नहीं खुला तो हम ईरान के सभी बिजली संयंत्र, तेल कुएं और खर्ग द्वीप को नष्ट कर देंगे।’

ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले का प्लान

डोनाल्ड ट्रंप ने जोर दिया कि ईरान की ये फैसिलिटीज अभी तक जानबूझकर नहीं छुई गई हैं। ट्रंप ने पहले भी कहा था कि अमेरिका खर्ग द्वीप को आसानी से कब्जा कर सकता है क्योंकि वहां कोई मजबूत डिफेंस नहीं है। इस द्वीप पर ईरान का 90 प्रतिशत तेल निर्यात होता है, जो देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। ट्रंप की यह धमकी 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हवाई हमलों के बाद शुरू हुए 5वें सप्ताह के संघर्ष के बीच आई है। ट्रंप ने उसी दिन कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान में कई लंबे समय से लक्षित सैन्य ठिकानों को नष्ट किया है, जिसे उन्होंने बड़ा दिन बताया। संघर्ष में ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी संपत्तियों पर हमले किए हैं।

अमेरिका अब जमीन अभियान की तैयारी कर रहा है, जिसमें 3500 से ज्यादा सैनिक तैनात हैं। खर्ग द्वीप पर कब्जे का प्लान भी चर्चा में है, जो संघर्ष को और बढ़ा सकता है। ईरान ने अमेरिकी शर्तों पर सहमति से इनकार किया है। ट्रंप के बयान से क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है। ईरान ने किसी भी जमीनी हमले का मुकाबला करने की बात कही है। इस बीच अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं भी आई हैं, जैसे स्पेन ने अमेरिकी युद्धक विमानों के लिए अपना एयर स्पेस बंद कर दिया। चीन पाकिस्तान को मध्यस्थ बनाने की कोशिश कर रहा है। ट्रंप का यह रुख ईरान में शासन परिवर्तन और हार्मुज स्ट्रेट को सुरक्षित करने का हिस्सा लगता है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अहम है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN