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स्पेन का तो कहना है कि उसकी अर्थव्यवस्था इस जंग के चलते भीषण मंदी के दौर में जा सकती है। बैंक ऑफ स्पेन ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। बैंक ने कहा कि मिडल ईस्ट में जारी जंग के कारण आर्थिक गतिविधियां कमजोर हैं और मंदी के हालात बन रहे हैं।
ईरान में जारी जंग के चलते दुनिया के लिए कच्चे तेल की सप्लाई के सबसे अहम रास्तों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर आवाजाही प्रभावित है। जहाज अटके खड़े हैं और कई देशों तक तेल और गैस की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। भारत, चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत कई देशों में ऐसी स्थिति है। इसके अलावा बाब-अल मंडेब स्ट्रेट के भी बाधित होने का डर है। यहां से दुनिया का 10 फीसदी तेल गुजरता है। इस तरह दोनों गलियारों में समस्या होने से करीब 30 फीसदी तेल सप्लाई दुनिया की प्रभावित हो सकती है। अब इसका असर दुनिया भर के देशों और उनकी अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है।
यही नहीं स्पेन का तो कहना है कि उसकी अर्थव्यवस्था इस जंग के चलते भीषण मंदी के दौर में जा सकती है। बैंक ऑफ स्पेन ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। बैंक ने कहा कि मिडल ईस्ट में जारी जंग के कारण आर्थिक गतिविधियां कमजोर हैं और मंदी के हालात बन रहे हैं। बाजार में अस्थिरता का दौर है और इससे स्पेन में भी संकट की स्थिति है। यही नहीं मार्च में स्पेन में सालाना महंगाई दर बढ़कर 3.3 फीसदी हो गई है, जो फरवरी में 2.3 ही ती। इसकी वजह यह मानी जा रही है कि तेल महँगा हो गया है और फिर उसका असर सीधे तौर पर अन्य चीजों में भी देखा जा रहा है।
ईरान ने आज फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से लौटाए जहाज
इस बीच आज दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले 5 बड़े फैसले भी हुए हैं। पहला, ईरान की सेना ने तीन जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार करने से रोक दिया। उसका कहना था कि हम ऐसे देशों के जहाजों को गुजरने नहीं देंगे, जो अमेरिका और इजरायल से दोस्ती रखते हों। इसके चलते ऑइल मार्केट में अस्थिरता की चिंता बढ़ रही है। इसके अलावा कुवैत के मुख्य कॉमर्शियल पोर्ट पर भी आज ड्रोन अटैक हुआ है।
कच्चे तेल की कीमतों में हो गया इजाफा
दूसरा, यह कि तेल की कीमतों में आज फिर से 1.7 फीसदी का इजाफा हुआ है। अब कच्चा तेल 109.85 डॉलर प्रति बैरल बिक रहा है। इसका असर यूरोप में भी दिखा और वहां आज स्टॉक मार्केट में गिरावट आई है। भारत का भी शेयर बाजार आज करीब 1600 पॉइंट्स गिरकर बंद हुआ है।
यूक्रेन और सऊदी अरब में डिफेंस डील, क्या फायदा
तीसरा फैसला यह हुआ है कि यूक्रेन और सऊदी अरब ने एयर डिफेंस अग्रीमेंट किया है। दोनों देशों का कहना है कि हम एक-दूसरे की मदद करेंगे। यूक्रेन ने कहा कि हमने कैसे रूस के ड्रोन्स को मार गिराया। यह अनुभव हम सऊदी अरब के साथ साझा करेंगे। दरअसल सऊदी अरब की चिंता है कि कैसे ईरान के शाहेद ड्रोन्स से निपटा जाए, जबकि रूस ने इन्हीं का इस्तेमाल कर यूक्रेन पर हमले किए थे।
जापान ने कोयला प्लांट से पाबंदियां हटाईं, वियतनाम ने टैक्स घटाया
अब बात चौथे फैसले की करें तो यह ईरान से ही जुड़ा है। खबर है कि वह क्रिप्टो करेंसी में डील कर रहा है। अमेरिका समेत कई देशों की पाबंदियों से बचने और देश में महंगाई से निपटने के लिए वह ऐसा कर रहा है। अब पांचवें फैसले की बात करें तो ऊर्जा संकट से निपटने के लिए जापान ने कोयला आधारित पावर प्लांट्स से पाबंदियां हटा ली हैं। ऐसा इसलिए ताकि बिजली ज्यादा से ज्यादा बने। वहीं वियतनाम ने ग्रीन टैक्स में छूट दी है। यह टैक्स ईंधन पर ही लगना था, लेकिन पहले से ही कीमत बढ़ने के बाद टैक्स कम कर दिया गया है।
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