Home विश्व समाचार चौधरी बन रहे पाक को डबल झटका, 45 दिनों वाला सीजफायर प्लान...

चौधरी बन रहे पाक को डबल झटका, 45 दिनों वाला सीजफायर प्लान दोनों दोस्तों ने ठुकराया

3
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

Iran War Ceasefire Proposal:  वाइट हाउस के एक अधिकारी ने CNN को बताया कि ट्रंप ने इस सीजफायर प्लान पर अभी तक दस्तखत नहीं किए हैं। अधिकारी ने ये भी कहा कि ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियान पूरी गति से जारी है।

Iran War Ceasefire Proposal: पिछले 38 दिनों से जारी जंग रुकवाने के लिए पाकिस्तान अपने को बड़ा मध्यस्थ बनाकर पेश कर रहा है लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने इस दोस्त को करारा झटका दिया है। दरअसल, ईरान जंग रोकने के लिए पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की द्वारा पेश 45 दिनों के अस्थाई सीजफायर वाले प्लान पर ट्रंप ने दस्तखत करने से इनकार कर दिया है। यह दो चरणों वाला प्रस्तावित प्लान है। पहले चरण में 45 दिनों का युद्धविराम का प्रस्ताव है, जिसका उपयोग स्थायी शांति समझौते की शर्तों पर बातचीत के लिए किया जाएगा।प्रस्ताव में कहा गया है कि अगर 45 दिनों के भीतर बातचीत में प्रगति दिखती है, तो इस अवधि को और आगे बढ़ाया जा सकता है।

इस प्रस्ताव को जंग रोकने की आखिरी कोशिश के तौर पर देखा जा रहा था लेकिन ट्रंप ने इसकी मंज़ूरी नहीं दी। इस प्रस्ताव के तहत 45 दिन के युद्ध-विराम के दौरान होर्मुज़ समुद्री मार्ग को फिर से खोलने की मांग की गई है। अमेरिका और ईरान को यह प्रस्ताव ऐसे समय में सौंपा गया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जंग को घातक मोड़ देने की धमकी दी है। दूसरी तरफ, ईरान ने भी पाकिस्तान के जरिए आए इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और युद्ध पर स्थाई रोक की मांग की है। तेहरान ने अपना जवाब पाकिस्तान को सौंप दिया है, जिसने बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। तेहरान ने जोर देकर कहा कि किसी भी समाधान से “युद्ध का स्थायी अंत” होना चाहिए, और साथ ही ईरान के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। इस तरह पाकिस्तान को दोनों दोस्त मुल्कों से दोहरा झटका लगा है।

तीन मुस्लिम देश कर रहे मध्यस्थता

तीन मुस्लिम देशों द्वारा तैयार इस योजना को रविवार देर रात अमेरिका और ईरान को भेजी गई थी। इसे ईरान के पावर प्लांट और अन्य बुनियादी ढांचों पर होने वाले बड़े हमलों को रोकने की आखिरी कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है क्योंकि ट्रंप ने धमकी दी है कि अगर होर्मुज़ स्ट्रेट बंद रहा, तो वह ईरान के हमले करेंगे। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर मंगलवार तक होर्मुज स्ट्रेट को फिर से नहीं खोला गया, तो ईरान में वह होगा जो आज तक नहीं हुआ। उन्होंने मंगलवार को ‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’ के रूप में मनाने की बात कही है, जो सीधे तौर पर ईरानी बुनियादी ढांचे पर हमलों का संकेत है।

अमेरिकी सैन्य अभियान पूरी गति से जारी

इस बीच, वाइट हाउस के एक अधिकारी ने CNN को बताया कि ट्रंप ने इस सीजफायर प्लान पर अभी तक दस्तखत नहीं किए हैं। अधिकारी ने कहा, “यह कई विचारों में से एक है,और साथ ही यह भी जोड़ा कि ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियान पूरी गति से जारी है। उम्मीद है कि राष्ट्रपति आज दोपहर 1 बजे (ET) वाइट हाउस में होने वाली एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस युद्ध के बारे में बात करेंगे।

पिछले हफ़्ते अप्रत्यक्ष बातचीत रुक गई थी

बता दें कि पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की, ये सभी देश दोनों युद्धरत देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। लेकिन पिछले हफ़्ते अप्रत्यक्ष बातचीत रुक गई थी और आमने-सामने की बैठक की दिशा में हो रहा काम भी खत्म होता नज़र आया। यह नया प्रस्ताव ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ को भेजा गया था। हालांकि, मध्यस्थों को अभी भी उम्मीद है कि ट्रंप द्वारा तय की गई समय-सीमा—मंगलवार रात 8 बजे (ET)—से पहले इस योजना को लागू किया जा सकता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN