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चौधरी बन रहे पाकिस्तान को दोस्त ने ही दिया झटका, मध्यस्थता प्रस्ताव ईरान ने कर दिया खारिज

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Source :- LIVE HINDUSTAN

ईरान ने पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रस्ताव को सिरे से नकार दिया है। पाकिस्तान ने अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए युद्ध में मध्यस्थता की बात कही थी। पाकिस्तान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ जोर-शोर से इस मुहिम में लगे हुए थे।

ईरान ने पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रस्ताव को सिरे से नकार दिया है। पाकिस्तान ने अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए युद्ध में मध्यस्थता की बात कही थी। पाकिस्तान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ जोर-शोर से इस मुहिम में लगे हुए थे। ईरान ने साफ कहा है कि वह पाकिस्तान द्वारा शुरू किए गए किसी भी शांति वार्ता का हिस्सा नहीं है। बता दें कि पिछले दिनों शहबाज शरीफ प्रशासन के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया था कि पाकिस्तान अमेरिका-ईरान शांति वार्ता में मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान ने इस शांति वार्ता की मेजबानी की भी इच्छा जताई थी।

सोशल मीडिया पोस्ट पर क्या लिखा
ईरान के विदेश मंत्री ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहाकि अमेरिका सीधे तौर पर कोई बातचीत नहीं कर रहा है। वह सिर्फ मध्यस्थों के जरिए गैरजरूरी और बड़ी-बड़ी डिमांड्स रख रहा है। इस पोस्ट में आगे कहा गया है कि अमेरिका की डिप्लोमेसी लगातार बदल रही है। लेकिन हम अपने रुख पर पूरी तरह से कायम हैं। एक्स पर मुंबई के कांसुलेट जनरल ऑफ ईरान की इस पोस्ट में लिखा है कि पाकिस्तान का फोरम केवल उनका है। हम इसमें बिल्कुल भी भागीदार नहीं कर रहे हैं।

पाकिस्तान का क्या था दावा
पाकिस्तान ने दावा किया कि इस्लामाबाद ने न केवल अमेरिका का 15 सूत्रीय प्रस्ताव ईरान को सौंपा है, बल्कि शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए तेहरान की मांगें भी ट्रंप प्रशासन के सामने रखी हैं। अधिकारी ने बताया कि 15-सूत्रीय प्रस्ताव में ईरान की परमाणु एवं क्षेत्रीय नीतियों को लक्षित करते हुए कड़े नियम निर्धारित किए गए हैं, जिसके बदले में ईरान को प्रतिबंधों में बड़ी राहत दी जाएगी। प्रस्ताव के तहत, ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से समाप्त करना होगा और भविष्य में कभी भी परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता जतानी होगी।

इसके अलावा सभी संवर्धित परमाणु सामग्री को एक निर्धारित समय सीमा के भीतर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) को सौंप दिया जाएगा। इस प्रस्ताव के तहत नतान्ज परमाणु संयंत्र, इस्फहान परमाणु प्रौद्योगिकी केंद्र और फोर्दो ईंधन संवर्धन संयंत्र सहित प्रमुख परमाणु सुविधाओं को निष्क्रिय व नष्ट कर दिया जाएगा। पाकिस्तानी अधिकारी ने प्रस्ताव के बारे में बताया कि आईएईए को ईरान के परमाणु कार्यक्रम के सभी पहलुओं तक पूर्ण पहुंच प्रदान की जाएगी।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN