Source :- LIVE HINDUSTAN
रियल एस्टेट कंपनी पुरवांकारा लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (Q3) में जोरदार वापसी करते हुए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में ₹58 करोड़ से अधिक का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में उसे करीब ₹93 करोड़ का घाटा हुआ था।
Puravankara Q3 Results: रियल एस्टेट कंपनी पुरवांकारा लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (Q3) में जोरदार वापसी करते हुए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने इस तिमाही में ₹58 करोड़ से अधिक का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में उसे करीब ₹93 करोड़ का घाटा हुआ था। राजस्व में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला। Q3 में कंपनी की आय बढ़कर लगभग ₹1,100 करोड़ के आसपास पहुंच गई, जो पिछले साल की समान तिमाही में करीब ₹330 करोड़ थी। यानी साल-दर-साल आधार पर कंपनी की कमाई में तीन गुना से ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। एबिटा मार्जिन भी 10% से बढ़कर 23% पर पहुंच गया, जो ऑपरेशनल प्रदर्शन में मजबूती को दिखाता है। नतीजों के बाद कंपनी के शेयर बीएसई पर ₹255.55 पर बंद हुए, जो 0.67% की बढ़त दर्शाता है। अब कल शुक्रवार को कंपनी के शेयर फोकस में रह सकते हैं।
क्या है डिटेल
बिक्री के मोर्चे पर भी कंपनी ने दमदार प्रदर्शन किया है। Q3FY26 में प्री-सेल्स वैल्यू करीब ₹1,414 करोड़ रही, जो पिछले साल ₹1,209 करोड़ थी। सेल्स वॉल्यूम 1.49 मिलियन वर्ग फुट तक पहुंच गया, जो एक साल पहले 1.43 मिलियन वर्ग फुट था। औसत रियलाइजेशन प्रति वर्ग फुट 12% बढ़कर लगभग ₹9,500 हो गया है, जिससे साफ है कि कंपनी बेहतर प्राइसिंग और प्रोडक्ट मिक्स पर फोकस कर रही है। इस दौरान ग्राहक कलेक्शन 22% बढ़कर ₹1,140 करोड़ हो गया। खास बात यह है कि 9 महीनों में कंपनी की 79% बिक्री ₹2 करोड़ से कम कीमत वाले घरों से आई, जबकि 48% यूनिट्स की कीमत ₹1 करोड़ से भी कम रही। यानी कंपनी मिड-सेगमेंट हाउसिंग में अपनी पकड़ मजबूत बनाए हुए है।
क्षेत्रीय प्रदर्शन की बात करें तो दक्षिण भारत में ‘पुरवा सिल्वरस्काई’ प्रोजेक्ट की लॉन्चिंग और मजबूत बिक्री की वजह से 14% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं पश्चिमी भारत और कमर्शियल सेगमेंट में 34% की सालाना बढ़त देखने को मिली, जिसका बड़ा कारण मुंबई के ठाणे में ‘पुरवा पैनोरमा’ प्रोजेक्ट रहा। मुंबई और पुणे से बिक्री का योगदान FY25 के 15% से बढ़कर 9M FY26 में 21% हो गया है, जिससे साफ है कि कंपनी पश्चिमी बाजार में तेजी से विस्तार कर रही है। हालांकि बेंगलुरु के बाहर के बाजारों से आने वाली बिक्री का हिस्सा थोड़ा घटा है, लेकिन कुल मिलाकर प्री-सेल्स में 17% की वृद्धि दर्ज की गई है।
कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत
कंपनी की बैलेंस शीट भी मजबूत नजर आ रही है। प्रबंधन के मुताबिक कर्ज की स्थिति संभावित ₹16,100 करोड़ के अनुमानित सरप्लस से संतुलित है, जिसमें स्वीकृत प्रोजेक्ट्स, आने वाली परियोजनाओं और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स का योगदान शामिल है। बोर्ड ने आशीष रवि पुरवांकारा को 1 अप्रैल 2026 से अगले पांच साल के लिए फिर से मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त करने की मंजूरी दी है, जिसे शेयरधारकों की स्वीकृति मिलनी बाकी है। साथ ही दो पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों के विलय को भी मंजूरी दी गई है।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN



