Home  लाइफस्टाइल समाचार गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट की राय: ब्लोटिंग और गैस के लिए रामबाण है रसोई में...

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट की राय: ब्लोटिंग और गैस के लिए रामबाण है रसोई में मौजूद यह एक मसाला

6
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

अगर पेट में गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी की समस्या बार-बार परेशान करती है, तो रसोई में मौजूद एक छोटा-सा मसाला बड़ा काम कर सकता है। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ने इसके फायदे और सही मात्रा बताई है।

गैस और ब्लोटिंग के लिए भारत का सबसे असरदार मसाला

भारतीय रसोई में मौजूद मसाले सिर्फ स्वाद ही नहीं, सेहत का भी खजाना हैं। इन्हीं में से एक है लौंग, जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। देखने में छोटा यह मसाला पाचन से जुड़ी कई समस्याओं में बेहद असरदार माना जाता है। गैस, पेट फूलना, एसिडिटी और अपच जैसी दिक्कतों में लौंग को आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान- दोनों में अहम माना गया है। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट के अनुसार, लौंग का सही तरीके और सीमित मात्रा में सेवन पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है।

Dr Shubham Vatsya क्या कहते हैं लौंग के फायदे पर?

  • Fortis Vasant Kunj में कार्यरत गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. शुभम वात्स्य बताते हैं कि लौंग भारत में गैस, ब्लोटिंग और एसिडिटी के लिए सबसे बेहतरीन घरेलू समाधान है। उनके अनुसार लौंग में मौजूद यूजेनॉल (Eugenol) नामक तत्व पाचन के लिए बेहद फायदेमंद होता है।
  • डॉ. वात्स्य बताते हैं कि यूजेनॉल H. pylori बैक्टीरिया के खिलाफ काम करता है, जो पेट के अल्सर की बड़ी वजह माना जाता है। इसके अलावा लौंग पेट में म्यूकस प्रोडक्शन बढ़ाती है जिससे पेट की अंदरूनी परत सुरक्षित रहती है और एसिड से होने वाले नुकसान से बचाव होता है।

पाचन के अलावा और क्या फायदे हैं लौंग के?

लौंग सिर्फ गैस और ब्लोटिंग तक सीमित नहीं है। इसके कई और हेल्थ बेनिफिट्स भी हैं:

  • पाचन एंजाइम्स को एक्टिव करती है, जिससे खाना बेहतर तरीके से पचता है।
  • आंतों की सूजन कम करने में मदद करती है।
  • अच्छे गट बैक्टीरिया को बढ़ावा देती है।
  • ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में सहायक।
  • इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधारकर लिवर हेल्थ को सपोर्ट करती है।
  • एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर होने के कारण शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करती है।
  • इसी वजह से लौंग को एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों वाला मसाला माना जाता है।

दिन में कितनी लौंग खाना सुरक्षित है?

लौंग के फायदे जानकर लोग अक्सर जरूरत से ज्यादा सेवन करने लगते हैं, जो नुकसानदायक हो सकता है। डॉ. वात्स्य चेतावनी देते हैं कि लौंग या लौंग के तेल की अधिक मात्रा कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है।

सुरक्षित मात्रा: खाने के बाद 1 से 2 लौंग चबाना पर्याप्त है। इससे गैस, ब्लोटिंग, एसिडिटी और सूजन में राहत मिल सकती है।

ध्यान रखने योग्य जरूरी बात: लौंग एक प्राकृतिक उपाय है, लेकिन यह किसी मेडिकल ट्रीटमेंट का विकल्प नहीं है। अगर पेट से जुड़ी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए अपने डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता दें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN