Source :- LIVE HINDUSTAN
अमेरिका के मशहूर अर्थशास्त्री जैफ्री सैक्स ने ट्रंप प्रशासन को गैंगस्टर जैसी सोच वाला बताया। ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और मुख्य दूत विटकॉफ पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इनके पास न तो कोई विशेषज्ञता है और न ही किसी विषय की गहरी समझ है।
पश्चिम एशिया में ईरान पर हमला करके फंस चुके ट्रंप की चारों तरफ से आलोचना हो रही है। अमेरिका के शीर्ष अर्थशास्त्री जैफ्री सैक्स ने ट्रंप प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि कुछ गैंगस्टर जैसी सोच वाले लोगों ने सत्ता पर कब्जा कर रखा है। ट्रंप के दामाद कुशनर और प्रमुख सलाहकार स्टीव विटकॉफ को सीधे लताड़ लगाते हुए कहा कि इन लोगों को न तो समझ है और न ही किसी विषय पर गहरी पकड़।
एएनआई से बात करते हुए सैक्स ने ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका की नीति को भी पूरी तरह से गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि इस गैंगस्टर जैसी सोच वाले समूह ने न सिर्फ जल्दबाजी में बल्कि बिना किसी योजना के हमला कर दिया। अब अमेरिका ऐसी स्थिति में फंस गया है, जहां से निकलना आसान नहीं है। उन्होंने कहा, “अमेरिका जैसे देश में एक आयोग्य बुजुर्ग व्यक्ति द्वारा गलत फैसले लिए जा रहे हैं। उसके साथ में कुछ ऐसे लोग हैं, जो कि पूरी तरह से अक्षम हैं। स्टीव विटकॉफ, जेरेड कुशनर… यह कुछ नाम हैं, जिन्होंने सत्ता पर कब्जा किया हुआ है। यह लोग गैंगस्टर जैसी सोच वाले हैं। इनके पास न तो विशेषज्ञता है और न ही किसी क्षेत्र की गहरी समझ है।”
सैक्स ने अमेरिका के नेशनल काउंटरटेरिरिज्म सेंटर के निदेशक के इस्तीफे के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि भले ही जनता को इस बारे में ज्यादा समझ नहीं हो। लेकिन लगातार सामने आ रही लीक रिपोर्ट और शीर्ष स्तर पर बैठे लोगों के इस्तीफे से यह साफ है कि हालात बहुत खराब हो रहे हैं। बता दें कि NCTC के चीफ जोसेफ केंट ने ईरान के साथ जारी युद्ध के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।उन्होंने ईरान में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा था कि तेहरान से अमेरिका को सीधे कोई खतरा नहीं है।
ईरान की क्षमता को कम करके आंका: सैक्स
सैक्स ने ट्रंप प्रशासन के ऊपर ईरान की क्षमता को कम करके आंकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने प्रोपेगैंडा पर भरोसा करके बिना किसी योजना के हमला बोल दिया। इन्होंने भ्रम में आकर यह मान लिया कि अगर खामेनेई समेत मुख्य सत्ता को खात्मा कर दिया जाता है, तो ईरान का किला ढ़ह जाएगा। यहीं यह गलत साबित हुए।
सैक्स ने कहा, “अमेरिका और इजरायल की यह एक बहुत बड़ी गलतफहमी थी कि शीर्ष नेतृत्व को खत्म कर देने के बाद ईरान गिर जाएगा। यहां तक की ट्रंप ने खुद कहा था कि वह ईरान का नया नेता चुनेंगे, जो कि पूरी तरह से गलत बयान था। ट्रंप अब एक महीने के युद्ध के बाद भी ऐसा करने का सामर्थ्य नहीं रखते।”
अमेरिकी सैन्य विशेषज्ञों से नहीं ली गई सलाह: सैक्स
सैक्स ने आरोप लगाया कि ईरान पर हमले का फैसला अमेरिकी सैन्य विशेषज्ञों से पूछकर नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि यह फैसला इन लोगों के विरोध के बाद भी लिया गया है। इसी का खामियाजा आज अमिरिका पश्चिमी एशिया में भुगत रहा है।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN



