Source :- LIVE HINDUSTAN
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के दूसरे सप्ताह में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं।
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के दूसरे सप्ताह में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इजरायल और अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले तेज कर दिए हैं। आईआरजीसी द्वारा जारी नए वीडियो फुटेज में दावा किया गया है कि ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ की 28वीं लहर के तहत खैबर शेकान, इमाद और गद्र मिसाइलों से हमले किए गए। ये हमले ईरान की उस रणनीति की हिस्सा है, जिसमें सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने के लिए अमेरिकी-इजरायली संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के जवाब में लगातार हमले जारी रखे जा रहे हैं।
दरअसल, 28 फरवरी 2026 को खामेनेई की हत्या ने क्षेत्र में नई उथल-पुथल मचा दी, जिससे तेल कंपनियों में चिंता बढ़ गई और वैश्विक ऊर्जा बाजार अस्थिर हो गया। खाड़ी क्षेत्र के आकाश में अभूतपूर्व मिसाइल हमलों की बौछार ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, आज ईरान के बैंक टू बैक हमलों के कारण इजरायल और कतर में हवाई हमले के सायरन बज उठे। अमेरिकी और इजरायली सेनाओं ने भी ईरान पर जवाबी बमबारी जारी रखी, जिससे तेहरान के तेल डिपो पर हमलों के बाद शहर का आसमान घने काले धुएं से ढक गया।
ईरान के पास प्रमुख बैलिस्टिक मिसाइलें
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पास विविध बैलिस्टिक मिसाइलों का विशाल भंडार है, जो उसे अमेरिका और इजरायल की संयुक्त ताकत के सामने टिके रहने में सक्षम बनाता है। अमेरिकी राष्ट्रीय खुफिया निदेशक कार्यालय के अनुसार, मध्य पूर्व में ईरान का मिसाइल भंडार सबसे बड़ा है। इनमें लंबी दूरी की कई मिसाइलें शामिल हैं, जो इजरायल तक आसानी से पहुंच सकती हैं।
- सेजिल: 2,000 किमी मारक क्षमता
- इमाद: 1,700-1,800 किमी
- गद्र: 2,000 किमी
- शाहब-3: 1,300 किमी
- खोर्रमशहर: 2,000-3,000 किमी
- खैबर शेकान: 1,450 किमी
होवेजेह/हाज कासिम: 1,350-1,400 किमी
पिछले साल ईरानी मीडिया द्वारा जारी ग्राफिक्स के अनुसार, सेजिल 17000 किमी/घंटा से अधिक की गति से उड़ान भर सकती है। ये ठोस ईंधन वाली मिसाइलें तेज लॉन्च और बेहतर सटीकता प्रदान करती हैं।
पड़ोसी देशों पर भी ईरानी हमले
इजरायल के अलावा ईरान ने उन पड़ोसी देशों पर भी हमले तेज किए हैं, जहां अमेरिकी ठिकाने मौजूद हैं। शनिवार सुबह से संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन, कतर, कुवैत और सऊदी अरब में हमलों की रिपोर्टें आई हैं। खाड़ी देशों की रिपोर्टों के अनुसार, कुवैती वायु रक्षा ने पिछले 24 घंटों में कम से कम तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक लिया। सऊदी अरब की सेना ने एक भारतीय सहित कम से कम दो लोगों की मौत और 12 घायलों की सूचना दी है।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने पहले खाड़ी पड़ोसियों के प्रति सुलह का संकेत दिया था, लेकिन अब वे पीछे हटते दिख रहे हैं। पड़ोसियों पर हमलों के लिए माफी मांगने के एक दिन बाद उन्होंने सख्त बयान देते हुए कहा कि तेहरान किसी भी हमले को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेगा, चाहे वह पड़ोसी देशों से ही क्यों न हो।
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