Source :- LIVE HINDUSTAN
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक संकरा रास्ता है, जहां से दुनिया भर के तेल के जहाज गुजरते हैं। यह ओमान और ईरान के बीच में है। इस जलडमरूमध्य में तेल के संपूर्ण व्यापार का पांचवां हिस्सा गुजरता है। ईरान की इस्लामी रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर ने सोमवार को होर्मुज की खाड़ी में एक सैनिक अभ्यास शुरू किया।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक संकरा रास्ता है, जहां से दुनिया भर के तेल के जहाज गुजरते हैं। यह ओमान और ईरान के बीच में है। इस जलडमरूमध्य में तेल के संपूर्ण व्यापार का पांचवां हिस्सा गुजरता है। ईरान की इस्लामी रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर ने सोमवार को होर्मुज की खाड़ी में एक सैनिक अभ्यास शुरू किया। ईरान की सरकारी टीवी ने मंगलवार को कहाकि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को कई घंटों के लिए बंद करने वाला है। बता दें कि यह पहली बार है जब अमेरिका की सैन्य कार्रवाई की धमकी के बाद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के कुछ हिस्सों को बंद किया है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज तेल व्यापार के लिहाज से दुनिया भर के लिए बेहद अहम है। होर्मुज स्ट्रेट ओमान और ईरान के बीच में है। यह उत्तर में फारस की खाड़ी और दक्षिण में ओमान की खाड़ी और आगे अरब सागर को जोड़ता है। अगर इसके डायमेंशन की बात करें यह 33 किमी चौड़ा है और करीब 167 किमी लंबा। इसके अलावा शिपिंग लेन केवल 3 किमी चौड़ी है। एक आंकड़े के मुताबिक यह जलमार्ग वैश्विक तेल और गैस सप्लाई की जीवन रेखा है। यहां से हर रोज 2.03 करोड़ बैरल तेल की सप्लाई होती। इसके अलावा हर रोज 29 करोड़ क्यूबिक मीटर एलएनजी की सप्लाई होती है।
अमेरिका को पहुंचेगी तगड़ी चोट
अब सवाल उठता है कि होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने का अमेरिका पर क्या असर होगा। इसके बंद होने पर अमेरिका को तगड़ी चोट पहुंचेगी। सिर्फ इतना ही नहीं, इससे चीन को भी काफी नुकसान होगा। चीन, ईरान से लगभग 90 फीसदी तेल खरीदता है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर मिसाइलें दागने का अभ्यास शुरू कर दिया है। देश की कई अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसियों की खबर में यह जानकारी दी गई है।
अर्धसैनिक बल ‘रेवोल्यूशनरी गार्ड’ की करीबी मानी जाने वाली ‘तसनीम’ अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ने अपनी खबर में कहा कि ईरानी भूमि, तटों और द्वीपों से दागी गई मिसाइलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अपने लक्ष्यों को सटीक रूप से निशाना बनाया। ईरान सरकार ने घोषणा की कि ‘रेवोल्यूशनरी गार्ड’ ने सोमवार तड़के होर्मुज जलडमरूमध्य, फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में अभ्यास शुरू किया, जो महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग हैं, जिनके रास्ते दुनिया के 20 फीसदी तेल का परिवहन होता है। यह अभ्यास ऐसे समय में किया जा रहा है, जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर वॉशिंगटन और तेहरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता शुरू होने वाली है।
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