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क्या आपको पता है 1 स्टार और 5 स्टार होटल के बीच का अंतर? बुकिंग से पहले समझें फर्क!

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Difference between One star and Five star: होटल बुक करते समय आपने अक्सर वन स्टार, थ्री स्टार या फाइव स्टार जैसे नाम जरूर देखे होंगे। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि वन स्टार और फाइव स्टार होटल में आखिर बेसिक अंतर क्या होता है? चलिए आज इसी बारे में जानते हैं-

जाहिर है हम जब भी कहीं बाहर घूमने जाते हैं तो होटल में रुकते हैं। कभी बजट देखकर सस्ता होटल चुनते हैं तो कभी आराम और लग्जरी के लिए महंगा होटल बुक कर लेते हैं। होटल बुक करते समय आपने अक्सर वन स्टार, थ्री स्टार या फाइव स्टार जैसे नाम जरूर देखे होंगे। ये सिर्फ नाम नहीं होते बल्कि होटल की सुविधा, सर्विस और क्वालिटी का एक पैमाना होते हैं। कोई होटल साधारण जरूरतों को पूरा करता है तो कोई होटल आपको शाही अनुभव देने के लिए बनाया जाता है। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि वन स्टार और फाइव स्टार होटल में आखिर बेसिक अंतर क्या होता है? चलिए आज इसी बारे में जानते हैं-

होटल स्टार रेटिंग का मतलब क्या होता है

दरअसल होटल की स्टार रेटिंग उसकी सुविधाओं और सर्विस के लेवल को दिखाती है। जितने ज्यादा स्टार होते हैं, उतनी ज्यादा सुविधाएं और बेहतर सर्विस मानी जाती है। वन स्टार होटल बेसिक जरूरतों को पूरा करता है, जबकि फाइव स्टार होटल लग्जरी और हाई-क्लास सुविधाओं के लिए जाना जाता है। यह रेटिंग आमतौर पर होटल के कमरे, साफ-सफाई, स्टाफ की सर्विस, सुरक्षा, लोकेशन और एक्स्ट्रा फैसिलिटीज को देखकर दी जाती है।

वन स्टार होटल कैसा होता है?

वन स्टार होटल में आपको जरूरी सुविधाएं जैसे एक साधारण कमरा, बेड, पंखा या AC (कभी-कभी) और बेसिक बाथरूम मिल जाता है। इन होटलों में ज्यादा सजावट या लग्जरी नहीं होती। सर्विस भी सीमित होती है और कई बार आपको खुद ही छोटी-छोटी चीजें मैनेज करनी पड़ती हैं। ऐसे होटल उन लोगों के लिए सही होते हैं जो ज्यादा समय होटल में नहीं बल्कि बाहर घूमने में बिताते हैं।

फाइव स्टार होटल का अनुभव कैसा होता है?

अगर आप फाइव स्टार होटल में रुकते हैं तो यहाँ आपको सिर्फ कमरा नहीं बल्कि एक पूरा लक्जरी एक्सपीरियंस मिलता है। कमरे बड़े, खूबसूरती से सजाए गए और आधुनिक सुविधाओं से भरे होते हैं। यहाँ आपको 24 घंटे रूम सर्विस, बढ़िया रेस्टोरेंट, जिम, स्विमिंग पूल, स्पा और कई बार पर्सनल असिस्टेंस जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं। स्टाफ का व्यवहार बहुत प्रोफेशनल होता है और वे आपकी हर जरूरत का ध्यान रखते हैं। फाइव स्टार होटल का मकसद आपको आराम के साथ एक प्रीमियम फील देना होता है।

कीमत में कितना अंतर होता है?

वन स्टार और फाइव स्टार होटल के बीच सबसे बड़ा फर्क उनकी कीमत में भी दिखाई देता है। वन स्टार होटल आमतौर पर सस्ते होते हैं ताकि आम लोग आसानी से रुक सकें। वहीं फाइव स्टार होटल की कीमत ज्यादा होती है क्योंकि वहाँ मिलने वाली सुविधाएं, मेंटेनेंस और सर्विस का लेवल बहुत हाई होता है। सीधी सी बात है जितनी ज्यादा सुविधा, उतनी ज्यादा कीमत।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN