Home व्यापार समाचार कोटक का बड़ा फैसला! ₹1,293 करोड़ में बेचेगी इस कंपनी की 31%...

कोटक का बड़ा फैसला! ₹1,293 करोड़ में बेचेगी इस कंपनी की 31% हिस्सेदारी, ये है इसकी वजह

8
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) की सहायक कंपनी कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी (Kotak Mahindra Capital Company) ने अपनी एसोसिएट कंपनी इन्फिना फाइनेंस (Infina Finance) में करीब 31% हिस्सेदारी बेचने का फैसला लिया है। इस डील में कई निवेशक शामिल हैं।

कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) की सहायक कंपनी कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी (Kotak Mahindra Capital Company) ने हाल ही में बड़ा कदम उठाते हुए अपनी एसोसिएट कंपनी इन्फिना फाइनेंस (Infina Finance) में करीब 31% हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। इस डील की कुल वैल्यू लगभग ₹1,293.91 करोड़ बताई जा रही है, जो बैंक के पोर्टफोलियो मैनेजमेंट और स्ट्रैटेजिक प्लानिंग का हिस्सा है। आइए जरा विस्तार से इसकी डिटेल्स जानते हैं।

इस सौदे के तहत KMCC अपनी 30.99% हिस्सेदारी अलग-अलग निवेशकों को बेच रही है। इसमें लगभग 9.90% हिस्सेदारी डिराइव ट्रेडिंग एंड रिसॉर्ट्स (Derive Trading and Resorts) और ब्राइट स्टार इन्वेस्टमेंट्स (Bright Star Investments) को ₹413.35 करोड़ में दी जाएगी। वहीं करीब 12.10% हिस्सेदारी दिवंगत निवेशक राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) के ट्रस्ट को ₹505.21 करोड़ में ट्रांसफर की जाएगी। इसके अलावा 8.99% हिस्सेदारी KF ट्रस्ट (KF Trust) को ₹375.36 करोड़ में बेची जाएगी, जो पहले से ही कंपनी का शेयरहोल्डर है।

इस डील के पूरा होने के बाद KMCC की हिस्सेदारी इन्फिना फाइनेंस (Infina Finance) में घटकर करीब 19% रह जाएगी। इसका मतलब यह है कि इन्फिना (Infina) अब कोटक महिंद्रा ग्रुप (Kotak Mahindra Group) की एसोसिएट कंपनी नहीं रहेगी। गौर करने वाली बात यह है कि मार्च 2025 तक कोटक ग्रुप (Kotak Group) के पास इन्फिना (Infina) में लगभग 49.99% हिस्सेदारी थी, जो अब काफी कम हो जाएगी।

क्या करती है इन्फिना फाइनेंस ?

इन्फिना फाइनेंस (Infina Finance) की बात करें तो यह कंपनी 1996 में स्थापित हुई थी और लोन अगेंस्ट सिक्योरिटीज, प्रॉपर्टी लोन, कमर्शियल रियल एस्टेट फाइनेंसिंग और इंश्योरेंस सेवाएं देती है। FY2025 में कंपनी का टर्नओवर ₹532.66 करोड़ और नेटवर्थ ₹2,727.99 करोड़ था। हालांकि, कोटक बैंक (Kotak Bank) के कुल बिजनेस में इसका योगदान काफी सीमित रहा है।

क्या है कारण?

यह पूरा कदम कोटक ग्रुप (Kotak Group) की पोर्टफोलियो रेशनलाइजेशन रणनीति का हिस्सा है, जिसका मकसद अपने निवेश को ज्यादा फोकस्ड और मजबूत बनाना है। आसान शब्दों में कहें तो बैंक अपने गैर-जरूरी निवेश को कम करके मुख्य बिजनेस पर ज्यादा ध्यान देना चाहती है।

यह डील न सिर्फ कोटक (Kotak) के लिए फाइनेंशियल स्ट्रैटेजी का अहम हिस्सा है, बल्कि निवेशकों के लिए भी एक बड़ा संकेत है कि कंपनी अब अपने बिजनेस को और ज्यादा स्ट्रीमलाइन्ड (streamlined) और एफिशिएंट (efficient) बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN