Source :- LIVE HINDUSTAN
इस विवाद और बढ़ती अफवाहों के बाद नेतन्याहू ने एक और नया वीडियो जारी किया। नए वीडियो में वह खुले माहौल में आम लोगों से बातचीत करते दिखाई देते हैं, जिससे यह संकेत देने की कोशिश की गई कि वह सुरक्षित हैं और सार्वजनिक रूप से सक्रिय हैं।
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का वीडियो सोशल मीडिया पर बड़ी बहस का विषय बन गया है। इंटरनेट पर उनके बारे में यह अफवाह फैल गई कि ईरान के हमले में उनकी मौत हो गई है। इन अफवाहों को खारिज करने के लिए नेतन्याहू ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह कैफे में बैठकर कॉफी पीते हुए दिखाई देते हैं और मजाकिया अंदाज में अपनी मौत की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हैं। यह वीडियो सामने आते ही इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया और लोगों के बीच इसकी सच्चाई को लेकर सवाल उठने लगे।
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विवाद तब और बढ़ गया जब ग्रोक ने इस वीडियो को संभावित रूप से डीपफेक या एआई-जनरेटेड बताया। ग्रोक ने कहा कि वीडियो में कुछ असामान्य दृश्य संकेत दिखाई देते हैं, जैसे कॉफी के कप का स्तर पूरे वीडियो में लगभग समान रहना और होंठों की गतिविधि का ऑडियो से पूरी तरह मेल न खाना। इन कारणों से कई सोशल मीडिया यूजर्स ने भी दावा किया कि यह वीडियो AI तकनीक से बनाया गया हो सकता है।
नए वीडियो में क्या दिखा
इस विवाद और बढ़ती अफवाहों के बाद नेतन्याहू ने एक और नया वीडियो जारी किया। नए वीडियो में वह खुले माहौल में आम लोगों से बातचीत करते दिखाई देते हैं, जिससे यह संकेत देने की कोशिश की गई कि वह सुरक्षित हैं और सार्वजनिक रूप से सक्रिय हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष अपने 17वें दिन में पहुंच चुका है और पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बना हुआ है।
फिलहाल इस मामले में आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि पहला वायरल वीडियो वास्तव में डीपफेक था या नहीं। हालांकि कैफे से जुड़ी कुछ तस्वीरें और अन्य प्रमाण भी सामने आए हैं, जिनसे दावा किया गया कि नेतन्याहू वास्तव में वहां मौजूद थे। फिर भी सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर बहस जारी है। यह मामला एआई तकनीक, डीपफेक और सूचना की विश्वसनीयता पर एक नई चर्चा को जन्म दे रहा है।
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